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जगद्गुरु परमहंस आचार्य को लश्कर-ए-तैयबा द्वारा जान से मारने की धमकी

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जगद्गुरु परमहंस आचार्य को लश्कर-ए-तैयबा द्वारा जान से मारने की धमकी

सारांश

अयोध्या में जगद्गुरु परमहंस आचार्य को लश्कर-ए-तैयबा द्वारा जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने इस मामले में अयोध्या पुलिस से संपर्क किया और सुरक्षा की मांग की। यह घटना हिंदू राष्ट्र के आंदोलन से जुड़ी है।

मुख्य बातें

जगद्गुरु परमहंस आचार्य को लश्कर-ए-तैयबा से जान से मारने की धमकी मिली।
आचार्य ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।
उन्हें सुरक्षा के लिए गनर की आवश्यकता है।

अयोध्या, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जगद्गुरु परमहंस आचार्य को आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा द्वारा जान से मारने की धमकी मिली है। इस मामले में अयोध्या पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने हाल ही में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि उनके मोबाइल फोन पर धमकी की एक रिकॉर्डिंग मौजूद है।

उन्होंने बताया, "मेरे फोन पर लश्कर-ए-तैयबा से धमकी भरा कॉल आया। जब कॉल करने वाला व्यक्ति बोलने लगा, मैंने तुरंत रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। यह रिकॉर्डिंग मैंने अयोध्या कोतवाली में सौंप दी है। रिकॉर्डिंग में धमकी देने वाला व्यक्ति कहता है कि तुम्हारा सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा, चाहे कितनी भी कड़ी सुरक्षा हो, बमबारी करके उड़ा दिया जाएगा।"

आचार्य ने बताया कि उन्होंने आतंकवादियों से पूछा कि वे ऐसा क्यों करना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, "तुम हिंदू राष्ट्र की बात क्यों करते हो? तुमने हिंदू राष्ट्र का आंदोलन शुरू किया और इसे पूरे देश में फैला रहे हो।"

उन्होंने कहा कि राम मंदिर और आंदोलन की शुरुआत के बाद से ही वे आतंकवादियों के निशाने पर आ गए थे और बाद में हिंदू राष्ट्र का आंदोलन शुरू किया। उन्होंने कहा, "हालांकि, बाद में हिंदू राष्ट्र आंदोलन को बाबा बागेश्वर ने अपने नाम किया था, लेकिन फिर भी मैं आतंकवादियों का टारगेट बना हुआ हूं। कभी देश के जिहादियों से धमकी आती है तो कभी विदेशी मुस्लिम देशों के आतंकवादियों से।"

उन्होंने आगे कहा, "हमने सभी विवरण पुलिस और प्रशासन को उपलब्ध करवा दिए हैं और अब सरकार और प्रशासन का काम है कि वे जांच करें और उचित कार्रवाई करें।"

जब राष्ट्र प्रेस ने पूछा कि उन्हें कैसे पता चला कि यह आतंकवादियों का नंबर है, तो उन्होंने कहा, "क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय नंबर था, इसलिए मैंने रिकॉर्डिंग अपने पास रख ली।"

प्रशासन के कार्य प्रणाली के बारे में उन्होंने कहा, "पुलिस ने रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत ले लिए हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सुरक्षा के लिए मुझे दो गनर दिए गए थे, और उनमें से एक कम हो गया है। यात्रा के दौरान अब केवल एक गनर रहता है। अगर वह किसी काम से कहीं चला जाता है, तो डर लगता है कि कहीं आतंकवादी हमला न कर दें। खतरा बहुत अधिक है और आतंकवादी लगातार सक्रिय हैं। इसलिए प्रशासन और केंद्र सरकार को इस मामले पर गंभीर ध्यान देना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "गृह मंत्री को इस पर ध्यान देना चाहिए और मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। हम भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए काम करते हैं। देश की बहन-बेटियों को लव जिहाद से बचाने के लिए लोगों को जागरूक करते हैं। यही बात आतंकवादियों को पसंद नहीं आती, इसलिए वे हमें मारना चाहते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समस्त समाज के लिए चिंताजनक है। यह समय है कि हम इस तरह के आतंकवादी कृत्यों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगद्गुरु परमहंस आचार्य को धमकी क्यों मिली?
उन्हें लश्कर-ए-तैयबा से धमकी मिली क्योंकि वे हिंदू राष्ट्र का आंदोलन चला रहे हैं।
क्या जगद्गुरु की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कोई कदम उठाए हैं?
जगद्गुरु की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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