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जिहादी मानसिकता हिंदू राष्ट्र की मांग को हवा दे रही है: जगद्गुरु परमहंस आचार्य

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जिहादी मानसिकता हिंदू राष्ट्र की मांग को हवा दे रही है: जगद्गुरु परमहंस आचार्य

सारांश

अयोध्या में जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने AIMPLB के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जिहादी मानसिकता और भड़काऊ बयानबाजी ही हिंदू राष्ट्र की माँग को हवा दे रही है। साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को कथित जमीन विवाद पर गंभीरता बरतने की नसीहत दी।

मुख्य बातें

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने 23 जून 2026 को अयोध्या में AIMPLB के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की जिहादी मानसिकता और 'जहरीले बोल' ही देश में हिंदू राष्ट्र की माँग को बल दे रहे हैं।
पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की घटती संख्या और भारत में मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि के आँकड़ों का अध्ययन करने की अपील की।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े कथित जमीन खरीद विवाद पर कहा — आरोप सही हों तो BJP के लिए गलत संदेश जाएगा।
आचार्य ने चेतावनी दी कि यदि असंतोष और आरोपों का सिलसिला जारी रहा, तो हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को और समर्थन मिलेगा।

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने 23 जून 2026 को अयोध्या में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोगों की जिहादी मानसिकता ही देश में हिंदू राष्ट्र की मांग को बल दे रही है। उन्होंने बोर्ड को सलाह दी कि वह भारत के विभाजन के इतिहास को ध्यान में रखकर अपना रुख स्पष्ट करे।

मुख्य बयान और तर्क

परमहंस आचार्य ने कहा कि जब भारत का विभाजन हुआ और पाकिस्तान तथा बांग्लादेश अस्तित्व में आए, तब वहाँ हिंदुओं की जो संख्या थी और आज जितनी बची है — इन आँकड़ों का गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या वृद्धि के आँकड़ों और हिंदुओं की संख्या के अनुपात को भी समझा जाना जरूरी है।

आचार्य के अनुसार, पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू समुदाय लगातार घटता जा रहा है और वहाँ उसे विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके विपरीत, भारत में मुस्लिम समुदाय को संवैधानिक और सामाजिक स्तर पर अनेक लाभ प्राप्त हैं।

AIMPLB के बयान पर आपत्ति

परमहंस आचार्य ने कहा कि अल्पसंख्यक दर्जा और उससे जुड़ी सुविधाएँ मिलने के बावजूद कुछ संगठन यह आरोप लगाते हैं कि मुस्लिम समुदाय के साथ अत्याचार हो रहा है। उन्होंने इस प्रकार की बयानबाजी और 'जहरीले बोल' को हिंदू राष्ट्र की माँग को मजबूत करने वाला बताया। उनके शब्दों में, यदि सभी सुविधाएँ और सम्मान मिलने के बावजूद असंतोष और आरोपों का सिलसिला जारी रहता है, तो हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को समर्थन मिलता रहेगा।

मोहन यादव विवाद पर टिप्पणी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े कथित जमीन खरीद विवाद पर परमहंस आचार्य ने कहा कि वे एक अच्छे मुख्यमंत्री हैं और उन्हें उम्मीद है कि वे अपनी ईमानदार छवि बनाए रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लगाए जा रहे आरोप सही हैं, तो यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए गलत संदेश देगा और मुख्यमंत्री को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।

आगे का संदर्भ

परमहंस आचार्य ने चेतावनी दी कि आने वाले समय में इसी प्रकार की परिस्थितियाँ भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की माँग को और अधिक प्रबल बना सकती हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब AIMPLB और विभिन्न हिंदू धार्मिक संगठनों के बीच सार्वजनिक विमर्श तेज हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें धार्मिक नेता तेजी से राजनीतिक भाषा अपना रहे हैं। 'जिहादी मानसिकता' जैसे शब्दों का सार्वजनिक उपयोग सामाजिक ध्रुवीकरण को गहरा करने की क्षमता रखता है, और मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पहलू को नजरअंदाज करती है। AIMPLB के किस विशेष बयान पर यह प्रतिक्रिया दी गई, उसका स्पष्ट संदर्भ न होना पाठकों के लिए एक रिक्तता छोड़ता है। मोहन यादव विवाद पर आचार्य की 'सशर्त' नसीहत — 'अगर आरोप सही हैं तो' — BJP नेतृत्व के प्रति उनकी सावधानीपूर्ण निकटता को दर्शाती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने AIMPLB के बयान पर क्या कहा?
परमहंस आचार्य ने कहा कि AIMPLB को भारत के विभाजन के इतिहास और पाकिस्तान-बांग्लादेश में हिंदुओं की घटती संख्या के आँकड़ों को ध्यान में रखकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों की बयानबाजी और 'जहरीले बोल' ही हिंदू राष्ट्र की माँग को बल देते हैं।
परमहंस आचार्य के अनुसार हिंदू राष्ट्र की माँग क्यों उठ रही है?
आचार्य के अनुसार, कुछ लोगों की जिहादी मानसिकता और भड़काऊ बयानबाजी इस माँग की जड़ में है। उन्होंने तर्क दिया कि जब संवैधानिक सुविधाएँ और सम्मान मिलने के बावजूद अत्याचार के आरोप लगाए जाते हैं, तो हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को समर्थन मिलता है।
मोहन यादव के जमीन विवाद पर परमहंस आचार्य ने क्या कहा?
परमहंस आचार्य ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एक अच्छे मुख्यमंत्री हैं और उन्हें अपनी ईमानदार छवि बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कथित आरोप सही हैं, तो यह BJP के लिए गलत संदेश देगा और मुख्यमंत्री को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
परमहंस आचार्य ने पाकिस्तान और बांग्लादेश का संदर्भ क्यों दिया?
उन्होंने इन देशों का उदाहरण यह दर्शाने के लिए दिया कि विभाजन के बाद वहाँ हिंदुओं की संख्या में भारी गिरावट आई है और हिंदू समुदाय विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है। उनका तर्क था कि इन आँकड़ों के संदर्भ में AIMPLB के बयानों का मूल्यांकन होना चाहिए।
क्या परमहंस आचार्य ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का समर्थन किया?
परमहंस आचार्य ने सीधे तौर पर हिंदू राष्ट्र की माँग का समर्थन नहीं किया, बल्कि यह कहा कि मौजूदा परिस्थितियाँ इस माँग को बल दे रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि असंतोष और आरोपों का सिलसिला जारी रहा, तो यह माँग और मजबूत होती जाएगी।
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