परमहंस आचार्य ने PM मोदी को लिखा पत्र: योगी आदित्यनाथ को राम मंदिर ट्रस्ट का आजीवन सदस्य बनाने की मांग
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने 12 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नई नियुक्तियों को लेकर गंभीर चिंताएँ व्यक्त की हैं। उन्होंने माँग की है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट का आजीवन सर्वोच्च सदस्य नियुक्त किया जाए, ताकि राम मंदिर के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।
पत्र में उठाई गई प्रमुख माँगें
परमहंस आचार्य ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट केवल भारत का नहीं, बल्कि विश्वभर के सनातन समाज की आस्था का केंद्र है। उनका कहना है कि ट्रस्ट में किसी भी नई नियुक्ति से पहले सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत, चंपत राय, अयोध्या के प्रमुख संत देवेंद्र प्रसादाचार्य तथा वैदेही वल्लभ शरण जैसे अनुभवी धर्माचार्यों को ट्रस्ट में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका
परमहंस आचार्य ने इंडिया गठबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें ट्रस्ट को प्रभावित करने का प्रयास कर सकती हैं। उनका दावा है कि अतीत में भी कुछ घटनाओं के ज़रिए राम मंदिर और सनातन परंपरा की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े व्यक्ति ट्रस्ट में अपने समर्थकों को शामिल कराने का प्रयास कर रहे हैं। इसी आशंका के मद्देनज़र उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि ट्रस्ट की सदस्यता केवल योग्य, विश्वसनीय और धर्मपरायण व्यक्तियों को ही प्रदान की जाए।
योगी आदित्यनाथ की आजीवन सदस्यता की वकालत
परमहंस आचार्य ने अपने पत्र में तर्क दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट में आजीवन सर्वोच्च सदस्य के रूप में शामिल करने से मंदिर परिसर की प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा दोनों को दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी। गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ स्वयं एक प्रमुख धर्माचार्य भी हैं और गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर हैं।
पारदर्शिता और गरिमा की अपील
परमहंस आचार्य ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि राम मंदिर की प्रतिष्ठा और विश्वभर के श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट की नई नियुक्तियों पर पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ विचार किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि अनुभवी और प्रतिष्ठित संतों को ट्रस्ट में स्थान मिला, तो भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या अव्यवस्था की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री कार्यालय इस पत्र पर क्या रुख अपनाता है।