आचार्य प्रमोद कृष्णम को अमेरिका नंबर से जानलेवा धमकी, बब्बर खालसा कनेक्शन की जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
आचार्य प्रमोद कृष्णम, श्री कल्कि धाम ट्रस्ट के पीठाधीश्वर, को कथित तौर पर अमेरिका के एक नंबर से दो धमकी भरे ऑडियो मैसेज प्राप्त हुए हैं, जिसमें उन्हें गोलियों, बम और रॉकेट लांचर से जान से मारने की धमकी दी गई है। संभल (उत्तर प्रदेश) स्थित इस धार्मिक संस्था ने 26 सितंबर 2026 को यह जानकारी सार्वजनिक की। ट्रस्ट के अनुसार, आचार्य ने इस मामले की लिखित सूचना उत्तर प्रदेश पुलिस, पंजाब पुलिस और भारत सरकार के गृह मंत्रालय को दे दी है।
धमकी का पूरा विवरण
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि धमकी भरा ऑडियो मैसेज 24 सितंबर 2026 को उनके फोन पर आया था। मैसेज भेजने वाले व्यक्ति ने अपना नाम कुलवीर सिंह सिद्धू बताया। ऑडियो में तत्काल बातचीत नहीं हुई, बल्कि पहले से रिकॉर्ड किया गया संदेश भेजा गया था।
आचार्य ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने जालंधर कांड का उल्लेख करते हुए उन्हें गोलियों और बम से मारने तथा रॉकेट लांचर से उड़ाने की धमकी दी। साथ ही उनसे अपना काम बंद करने की माँग की गई। आचार्य ने स्वीकार किया कि उन्हें पंजाबी भाषा पूरी तरह समझ में नहीं आती, इसलिए ऑडियो को सार्वजनिक रूप से सुनाए जाने के दौरान उन्हें उसका आशय बताया गया।
बब्बर खालसा कनेक्शन का दावा
आचार्य प्रमोद कृष्णम के अनुसार, पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेने पर उन्हें बताया गया कि ऑडियो में जिस व्यक्ति का नाम लिया गया है, वह कथित तौर पर बब्बर खालसा नाम के संगठन से संबद्ध है। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और पुलिस व सुरक्षा एजेंसियाँ मामले की जाँच कर रही हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब आचार्य खालिस्तान समर्थक गतिविधियों के विरुद्ध लगातार बयान देते रहे हैं। उनके सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक वक्तव्य इस मुद्दे पर स्पष्ट और तीखे रहे हैं।
सनातन और सर्वधर्म की आचार्य की प्रतिबद्धता
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्पष्ट किया कि श्री कल्कि धाम केवल एक हिंदू तीर्थस्थल नहीं होगा। उनके अनुसार, धाम में भगवान कल्कि के साथ-साथ भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज को समान सम्मान के साथ स्थान दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'सिख और हिंदू एक ही माँ की संतान हैं और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज उनके लिए पूजनीय हैं।'
आचार्य ने यह भी बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का विग्रह श्री कल्कि धाम में स्थापित किया जाएगा और उनका वंदन, पूजन व अर्चन उसी श्रद्धा के साथ होगा जैसे भगवान कल्कि का।
धमकियों पर आचार्य का दृढ़ संकल्प
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने साफ शब्दों में कहा कि धमकियाँ उन्हें उनके संकल्प से नहीं डिगा सकतीं। उन्होंने कहा कि श्री कल्कि धाम के निर्माण और सनातन धर्म के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया है।
उन्होंने एक अत्यंत संवेदनशील बात भी कही — यदि उनकी शहादत होती है तो वह भारत सरकार से आग्रह करेंगे कि श्री कल्कि धाम ट्रस्ट को अपने अधीन लेकर मंदिर का निर्माण पूरा कराया जाए। गौरतलब है कि इससे पहले भी उनके पास कुछ अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल आते थे, जिन्हें वह रिसीव नहीं करते थे।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, मामले की जाँच उत्तर प्रदेश पुलिस और पंजाब पुलिस संयुक्त रूप से कर रही हैं। गृह मंत्रालय को भी लिखित सूचना दी जा चुकी है। श्री कल्कि धाम की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
यह मामला उस व्यापक चिंता को भी उजागर करता है जो भारत में विदेशी नंबरों से धार्मिक नेताओं को मिल रही कथित धमकियों के संदर्भ में उठाई जाती रही है। अगले कुछ दिनों में जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करेगी।