नंदीग्राम उपचुनाव: अधीर रंजन चौधरी बोले — मिलन प्रधान की जमानत कांग्रेस की राजनीतिक जीत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने 29 सितंबर को मुर्शिदाबाद में कहा कि नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवार मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत मिलना कांग्रेस की 'राजनीतिक जीत' है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल सरकार चाहे जितना दबाव बनाए, अंततः सच्चाई की ही जीत होती है।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी और जमानत
चौधरी के अनुसार, मिलन प्रधान को एक 'बेबुनियाद शिकायत' के आधार पर हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनकी रिहाई के लिए लगातार कानूनी लड़ाई लड़ी और अदालत में बार-बार अपील किए जाने के बाद आखिरकार उम्मीदवार को अंतरिम जमानत मिली। चौधरी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ सरकार को उम्मीद थी कि इस तरह की कार्रवाई से चुनाव में उसे आसानी से जीत मिल जाएगी।
नंदीग्राम में 'इतिहास रचने' का दावा
चौधरी ने कहा कि अब कांग्रेस नंदीग्राम में 'इतिहास रचने' की दिशा में आगे बढ़ेगी। यह ऐसे समय में आया है जब उपचुनाव का माहौल राजनीतिक रूप से गर्म है और सत्तारूढ़ दल पर प्रशासनिक दबाव के आरोप लग रहे हैं। गौरतलब है कि नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील सीट रही है।
तृणमूल कांग्रेस के समर्थन पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा पर चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि यदि TMC नंदीग्राम में कांग्रेस का समर्थन करना चाहती है, तो राजिनगर में भी ऐसा क्यों नहीं किया जाता। उन्होंने दोनों सीटों पर पार्टी के रुख में समानता की माँग की, यह कहते हुए कि एकतरफा समर्थन की राजनीति स्वीकार्य नहीं है।
चुनाव चिह्न विवाद पर टिप्पणी
TMC के चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद पर चौधरी ने कहा कि इस मामले में निर्णय तत्काल होना चाहिए था। उन्होंने तर्क दिया कि चार महीने का समय काफी लंबा होता है और यदि कोई फैसला लिया जाना है तो वह अभी लिया जाना चाहिए, क्योंकि चार महीने बाद भी स्थिति में बदलाव की संभावना नहीं है।
बिहार बाढ़ पर चिंता
चौधरी ने बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नेपाल में भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ का पानी बिहार में संकट पैदा कर रहा है और आगे चलकर यह पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा। आने वाले दिनों में नंदीग्राम उपचुनाव का परिणाम और TMC-कांग्रेस के बीच गठबंधन की स्थिति पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करेगी।