आदिलाबाद RIMS अस्पताल आग: 5 नवजात शिशुओं की मौत, स्वास्थ्य मंत्री ने जाँच समिति का आदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के आदिलाबाद शहर स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) वार्ड में लगी भीषण आग में अब तक पाँच नवजात शिशुओं की मौत हो चुकी है। 23 सितंबर 2026 को दो और शिशुओं की मौत की पुष्टि हुई — एक की RIMS में इलाज के दौरान और दूसरे की निर्मल शहर ले जाते समय रास्ते में।
हादसे का घटनाक्रम
सोमवार आधी रात को SNCU वार्ड के रिसेप्शन एरिया में लगे एयर-कंडीशनर में बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग भड़की। एसी से जुड़े प्लास्टिक के हिस्सों में आग फैलने से घना धुआँ पूरे वार्ड में भर गया, जिससे वहाँ भर्ती नवजात शिशुओं की साँसें प्रभावित हुईं।
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और आग पर काबू पाया गया। मरीजों के तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए लगभग 25 शिशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।
मृतक शिशुओं का ब्योरा
प्रारंभिक घटना में पाँच दिन के समय पूर्व जन्मे एक शिशु की तत्काल मौत हो गई। चार दिन के एक अन्य समय पूर्व जन्मे शिशु ने घटना के चार घंटे बाद दम तोड़ा। तीसरी पीड़ित दो दिन की एक बच्ची थी, जो 28 हफ्ते में समय से पहले पैदा हुई थी — उसकी मौत दूसरे अस्पताल ले जाने के दौरान हुई। इसके बाद 23 सितंबर को दो और शिशुओं की मौत से मृतकों की कुल संख्या पाँच पहुँच गई।
स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया
तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राजा नरसिम्हा ने RIMS का दौरा कर आग लगने वाली जगह का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने जिला कलेक्टर राजर्षि शाह, RIMS के अधिकारियों और डॉक्टरों से बचाव कार्य तथा शेष शिशुओं की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।
मंत्री ने कहा कि दुर्घटना के सटीक कारण — सुरक्षा मानकों में चूक या रखरखाव में लापरवाही — की पुष्टि विस्तृत जाँच के बाद ही होगी। उन्होंने विशेषज्ञों की एक जाँच समिति गठित करने की घोषणा की और साथ ही इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट, फायर सेफ्टी ऑडिट तथा सिविल स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट के भी आदेश दिए।
आम जनता और मरीजों पर असर
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सरकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे की स्थिति पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि RIMS आदिलाबाद जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहाँ दूरदराज के क्षेत्रों से गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को इलाज के लिए लाया जाता है।
राजा नरसिम्हा ने घोषणा की कि RIMS में 150 बिस्तरों वाली मदर एंड चाइल्ड हेल्थ (MCH) बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिससे अस्पताल की कुल क्षमता मौजूदा 800 बिस्तरों से बढ़कर लगभग 950 बिस्तरों की हो जाएगी। इस विस्तार से नवजात शिशुओं के लिए बेहतर देखभाल, उन्नत प्रसूति सेवाएँ और माताओं की देखभाल की अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।
आगे की कार्रवाई
विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और तीनों सेफ्टी ऑडिट के आधार पर सरकार के समक्ष एक विस्तृत प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसमें जरूरी मरम्मत, अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीनीकरण, नई इमारतों का निर्माण और अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती शामिल होगी। यह हादसा देश के सरकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की माँग को एक बार फिर सामने लाता है।