अदिति राव हैदरी: दो राजघरानों की वारिस जो भरतनाट्यम से पहुँचीं बॉलीवुड तक
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री अदिति राव हैदरी का नाम भारतीय सिनेमा में सौंदर्य, सादगी और कलात्मकता का पर्याय बन चुका है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह अदाकारा न केवल दो ऐतिहासिक राजघरानों की वंशज हैं, बल्कि एक प्रशिक्षित भरतनाट्यम नृत्यांगना भी हैं — और उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ था एक नृत्य प्रस्तुति की वजह से, न कि किसी ऑडिशन से। 28 अक्टूबर 1986 को हैदराबाद में जन्मी अदिति की जीवन-यात्रा विरासत, कला और संघर्ष का अनूठा संगम है।
दो शाही खानदानों की विरासत
अदिति राव हैदरी त्याबजी-हैदरी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पिता की ओर से वे असम के पूर्व गवर्नर और हैदराबाद राज्य के पूर्व प्रधानमंत्री सर मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी की परपोती हैं। माँ की ओर से उनकी जड़ें तेलंगाना के वनापार्थी संस्थान के राजा जे. रामेश्वर राव के परिवार तक जाती हैं — यानी वे नातिन हैं उस राजघराने की जो दक्षिण भारतीय इतिहास में एक अलग स्थान रखता है।
उनके पिता एहसान हैदरी (बोहरा मुस्लिम) और माँ विद्या राव उस समय अलग हो गए जब अदिति मात्र 2 वर्ष की थीं। इसके बाद माँ विद्या राव उन्हें लेकर दिल्ली आ गईं, जहाँ अदिति का बचपन और कलात्मक जीवन आकार लेने लगा।
भरतनाट्यम की शिक्षा और कलात्मक परिवेश
अदिति की माँ विद्या राव एक जानी-मानी ठुमरी और दादरा गायिका हैं। इस कलात्मक घर-परिवेश में पली-बढ़ी अदिति ने बेहद छोटी उम्र से ही शास्त्रीय नृत्य की ओर रुझान दिखाया। उन्होंने प्रतिष्ठित भरतनाट्यम नृत्यांगना लीला सैमसन से इस कला की विधिवत शिक्षा ली।
प्रशिक्षण के बाद अदिति लीला सैमसन के प्रतिष्ठित डांस ग्रुप 'स्पंदा' की सदस्य भी बनीं। इस समूह के साथ उन्होंने भारत और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अनेक शास्त्रीय प्रस्तुतियाँ दीं — एक ऐसी पृष्ठभूमि जो आगे चलकर उनके अभिनय-करियर की नींव बनी।
नृत्य से अभिनय तक का संयोग
अदिति के फिल्मी जीवन की शुरुआत किसी पारंपरिक ऑडिशन से नहीं हुई। एक कॉन्फ्रेंस में उनकी भरतनाट्यम प्रस्तुति देखकर फिल्म-निर्माताओं शारदा रामनाथन और पद्मिनी रवि ने उन्हें अपनी शास्त्रीय नृत्य-आधारित तमिल फिल्म 'शृंगारम' (2007) में एक देवदासी की मुख्य भूमिका का प्रस्ताव दिया।
यह ऐसे समय में आया जब अदिति का सिनेमा से कोई प्रत्यक्ष जुड़ाव नहीं था। हालाँकि 'शृंगारम' की शूटिंग पहले हुई, परंतु उनकी पहली रिलीज़ मलयालम फिल्म 'प्रजापति' रही, जिसमें उन्होंने अभिनेता ममूटी के साथ काम किया।
हिंदी सिनेमा में कदम और 'हीरामंडी' तक का सफर
साल 2009 में निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'दिल्ली-6' के ज़रिए अदिति ने हिंदी सिनेमा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम — चार भाषाओं की फिल्मों में काम करते हुए एक बहुभाषी अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान पक्की की।
गौरतलब है कि निर्देशक संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज़ 'हीरामंडी: द डायमंड बाज़ार' में उनके नृत्य प्रदर्शन की तुलना दिग्गज अभिनेत्रियों मधुबाला और माधुरी दीक्षित के अंदाज़ से की गई — यह अपने आप में उनकी शास्त्रीय प्रशिक्षण की विरासत का प्रमाण है।
शाही वंश, शास्त्रीय नृत्य और बहुभाषी सिनेमा के संगम से बनी अदिति राव हैदरी की यह यात्रा आने वाले वर्षों में और नए अध्याय जोड़ती रहेगी।