अफगानिस्तान के कंधार में 1,000 टन से अधिक एक्सपायर्ड दवाएं और कॉस्मेटिक्स नष्ट, $2 करोड़ का माल जब्त
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान के दक्षिणी कंधार प्रांत में अधिकारियों ने सोमवार, 27 अक्टूबर 2026 को लगभग एक हजार टन एक्सपायर्ड तथा घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों को नष्ट कर दिया। यह सामग्री पिछले 18 महीनों के दौरान विभिन्न सीमा प्रवेश बिंदुओं पर अवैध आयात के प्रयास में पकड़ी गई थी। अधिकारियों के अनुसार जब्त उत्पादों का कुल मूल्य 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक आंका गया है।
मुख्य घटनाक्रम
कंधार कस्टम्स के प्रमुख मौलवी मंसूरुल हक जाकिर ने बताया कि जब्त सामग्री प्रांत के अनेक सीमा चौकियों पर तस्करी के दौरान पकड़ी गई। इन उत्पादों में ऐसी दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन शामिल थे जो या तो समाप्ति तिथि पार कर चुके थे या अफगानिस्तान के निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। उनके अनुसार, इन्हें नष्ट करना जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अनिवार्य था।
पिछली कार्रवाइयों का संदर्भ
यह घटना अफगानिस्तान में चल रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। इससे पहले अक्टूबर में सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने उत्तरी बल्ख प्रांत में पिछले एक वर्ष के दौरान संग्रहीत 142 टन एक्सपायर्ड दवाओं और खाद्य सामग्री को नष्ट करने की जानकारी दी थी। वह सामान प्रांत के निजी स्वास्थ्य केंद्रों और खाद्य दुकानों की नियमित जांच में जब्त किया गया था।
इससे भी पहले सितंबर में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि बीते एक वर्ष में देशभर में लगभग 1,290 टन एक्सपायर्ड, घटिया और अवैध दवाएं, खाद्य पदार्थ व स्वास्थ्य उत्पाद नष्ट किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अफगानिस्तान में नकली और निम्न-गुणवत्ता वाली दवाओं की तस्करी एक गंभीर और व्यापक समस्या बनी हुई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान अमरखिल के अनुसार, जब्त सामग्री काबुल सहित अन्य प्रांतों की फार्मेसियों, मेडिकल स्टोर्स, सुपरमार्केट और दुकानों से प्राप्त की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक्सपायर्ड, घटिया या बिना अनुमति वाली दवाओं और खाद्य उत्पादों की बिक्री किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि निगरानी और जांच अभियान निरंतर जारी रहेंगे। यह अभियान उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दवा तथा खाद्य क्षेत्र में गुणवत्ता मानकों को कड़ाई से लागू करने के व्यापक प्रयासों का अंग है।
आम जनता पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान जैसे देश में, जहाँ स्वास्थ्य ढांचा पहले से कमज़ोर है, एक्सपायर्ड या नकली दवाओं का प्रसार जानलेवा साबित हो सकता है। इन उत्पादों के उपयोग से उपचार की विफलता, दवा-प्रतिरोधी संक्रमण और गंभीर दुष्प्रभावों का खतरा बना रहता है।
गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति शृंखला पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और सहायता में कटौती का व्यापक दबाव है। इस संदर्भ में सस्ती किंतु घटिया दवाओं की मांग बढ़ना स्वाभाविक है।
क्या होगा आगे
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सीमा चौकियों पर निरीक्षण और सख्त किया जाएगा और फार्मेसियों की नियमित जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। अफगान प्रशासन के अनुसार, स्वास्थ्य के लिए खतरनाक उत्पादों के विरुद्ध यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और गुणवत्ता मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।