अहमदाबाद में पहला ग्रीन बस शेल्टर: पेड़ को काटा नहीं, डिज़ाइन में शामिल किया
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 1 अगस्त 2026 को साबरमती क्षेत्र के अचेर एएमटीएस स्टेशन पर शहर का पहला ग्रीन बस शेल्टर स्थापित किया, जिसमें दशकों पुराने एक पेड़ को हटाने के बजाय उसे ही संरचना के केंद्र में रखा गया है। यह प्रायोगिक परियोजना सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में AMC का एक नया कदम है।
परियोजना की पृष्ठभूमि
यह शेल्टर राजुल पार्क सोसाइटी के निकट विकसित किया गया है। परियोजना महापौर हितेश बरोट, नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि और स्थायी समिति अध्यक्ष कमलेश पटेल के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। AMC का लक्ष्य शहर की बस प्रणाली को न केवल कार्यात्मक, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और देखने में आकर्षक बनाना है।
डिज़ाइन की खासियत
पारंपरिक बस शेल्टरों के विपरीत, इस संरचना को एक पुराने पेड़ के चारों ओर ढाला गया है, जिससे यात्रियों को प्रतीक्षा के दौरान प्राकृतिक छाया, बेहतर वायु गुणवत्ता और गर्मी से राहत मिलती है। छत पर विशेष रूप से चयनित 'वर्नोनिया एलिप्टिका लता' के पौधे लगाए जाएंगे, जो आने वाले महीनों में स्वाभाविक रूप से फैलकर पूरी छत को ढक लेंगे।
पूरी तरह विकसित होने पर यह हरित आवरण अतिरिक्त छाया प्रदान करेगा, सतह का तापमान कम करेगा और आसपास की वायु गुणवत्ता में सुधार लाएगा — जिससे यह एक जीवंत हरे सार्वजनिक स्थान में बदल जाएगा।
निर्माण सामग्री और तकनीक
शेल्टर की दोहरी परत वाली छत में मौसम-प्रतिरोधी फाइबर-प्रबलित प्लास्टिक (FRP) शीट और सीमेंट शीट बोर्ड का संयोजन किया गया है, जो आंतरिक तापमान को नियंत्रित रखने में सहायक है। संरचना को सहारा देने के लिए पाउडर-कोटेड माइल्ड स्टील के पोल लगाए गए हैं, जबकि यात्रियों की सुविधा के लिए एर्गोनोमिक हाई-प्रेशर लैमिनेट (HPL) बेंच स्थापित की गई हैं।
पेड़ की दीर्घकालिक सुरक्षा और संरचना की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए उसके चारों ओर एक आरसीसी प्लेटफॉर्म भी बनाया गया है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब अहमदाबाद गर्मियों में तीव्र ताप लहरों का सामना करता है और शहरी हरियाली का क्षरण एक गंभीर चिंता बन चुकी है। गौरतलब है कि शहरी बस स्टॉप अक्सर छाया-रहित और असुविधाजनक होते हैं — यह शेल्टर उस अनुभव को बदलने का प्रयास करता है। यदि यह प्रायोगिक मॉडल सफल रहा, तो AMC इसे अन्य स्थानों पर भी दोहरा सकती है।
आगे क्या
AMC ने संकेत दिया है कि यह एक प्रायोगिक परियोजना है और इसके परिणामों के आधार पर भविष्य में और ऐसे शेल्टर बनाए जा सकते हैं। वर्नोनिया एलिप्टिका लता के पौधों के पूरी तरह विकसित होने के बाद इस शेल्टर की वास्तविक पर्यावरणीय उपयोगिता का आकलन किया जाएगा।