अहमदाबाद रेलवे मंडल की बड़ी कार्रवाई: खाद्य मानकों की अनदेखी पर ₹40 लाख जुर्माना, एक बेस किचन सील
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल में 26 अगस्त 2026 को रेलवे फूड विजिलेंस फोर्स ने एक साथ 15 स्थानों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के गंभीर उल्लंघन सामने आए। मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत दोषी खानपान सेवा प्रदाताओं पर कुल ₹40 लाख का जुर्माना लगाया गया और डब्बा बाजार, सरसपुर स्थित एक बेस किचन को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
रेलवे अधिकारियों की विशेष टीम ने बेस किचन और खानपान इकाइयों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था, स्वच्छता स्तर और रिकॉर्ड संधारण की स्थिति की जाँच की। यह अभियान मंडल स्तर पर अब तक के सबसे व्यापक खाद्य निरीक्षणों में से एक रहा।
डब्बा बाजार, सरसपुर स्थित बेस किचन में खुले और बिना सील वाले मसाले, खराब सब्जियाँ, दोषपूर्ण फ्रीजर, FIFO प्रणाली की अनदेखी, अस्वच्छ रसोई और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरणों का अभाव पाया गया। इस इकाई पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाकर उसे मौके पर ही बंद कर दिया गया।
साबरमती के धर्मनगर स्थित बेस किचन में खराब फ्लाईकैचर, सड़े हुए आलू, वाशिंग लिक्विड की कमी और क्षतिग्रस्त ड्रेनेज जाली मिलने पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया।
स्थान-दर-स्थान उल्लंघन और जुर्माना
सरसपुर के एक अन्य बेस किचन में पाया गया कि भोजन वहाँ तैयार ही नहीं हो रहा था, बल्कि किसी अन्य स्थान से आपूर्ति की जा रही थी — इस अनियमितता पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया। गुजरात यूनिवर्सिटी के पास विष्णु एस्टेट स्थित बेस किचन में सड़े आलू, मक्खियों की मौजूदगी, खुले मसाले, अधपकी चपातियाँ और खाना पकाने के तापमान का रिकॉर्ड न रखे जाने पर ₹5 लाख जुर्माना लगाया गया।
सरसपुर के वोरा का रोजा स्थित बेस किचन में अनुमोदित विक्रेता सूची का अभाव, खराब वेंटिलेशन और समाप्ति तिथि पार कर चुके खाद्य उत्पादों का भंडारण मिला — इस पर सर्वाधिक ₹10 लाख का जुर्माना ठोका गया। गांधीधाम के सपना नगर कॉलोनी और आदिपुर के रामबाग रोड स्थित बेस किचन बंद पाए जाने पर दोनों इकाइयों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया गया।
मेहसाणा के मालगोदाम रोड स्थित बेस किचन में गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता और बाहर से भोजन मंगाने पर ₹1 लाख, पालनपुर स्थित बेस किचन में खुले में लकड़ी के ईंधन से खाना बनाने और कच्चे-पके भोजन के अनुचित पृथक्करण पर ₹1 लाख तथा विरमगाम के रिफ्रेशमेंट रूम में कॉकरोच, मक्खियाँ, अनधिकृत विक्रेता और कर्मचारियों द्वारा यूनिफॉर्म न पहनने पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया।
रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया
अहमदाबाद मंडल ने सभी खानपान सेवा प्रदाताओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य तैयारी, उचित भंडारण, नियमित सफाई, कचरा निस्तारण, पेस्ट कंट्रोल और आवश्यक रिकॉर्ड के नियमित रखरखाव के सख्त निर्देश दिए हैं। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना भारतीय रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि निरीक्षण के दौरान कुछ बेस किचन और खाद्य सेवा इकाइयों की व्यवस्था संतोषजनक भी पाई गई, जो दर्शाता है कि मानक पालन में असमानता बनी हुई है।
आम यात्रियों पर असर
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब रेलवे में खाद्य गुणवत्ता को लेकर यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। समाप्ति तिथि पार कर चुके उत्पाद और खुले में रखी खाद्य सामग्री जैसी खामियाँ यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए सीधा खतरा पैदा करती हैं।
आगे क्या होगा
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत भविष्य में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। दोषी इकाइयों को मानकों के अनुपालन के बाद ही पुनः संचालन की अनुमति मिलेगी।