पश्चिम रेलवे का खुलासा: 21 फूड स्टॉल बंद एफडीए ने नहीं, आंतरिक निरीक्षण में की गई कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम रेलवे ने 20 अगस्त को स्पष्ट किया कि मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर 21 सब-अर्बन कैटरिंग स्टॉल्स को अस्थायी रूप से बंद करने की कार्रवाई महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा नहीं, बल्कि रेलवे के अपने नियमित और आंतरिक निरीक्षण तंत्र के तहत की गई है। सोशल मीडिया पर एफडीए द्वारा 22 रेलवे फूड स्टॉल्स बंद कराए जाने की खबरें फैलने के बाद पश्चिम रेलवे ने यह सफाई दी।
भ्रामक खबरों पर रेलवे की सफाई
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) विनीत अभिषेक ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरें भ्रामक हैं। उन्होंने कहा, 'इन स्टॉल्स के खिलाफ कार्रवाई एफडीए की ओर से नहीं, बल्कि पश्चिम रेलवे के अपने आंतरिक और नियमित निरीक्षण तंत्र के तहत की गई है।' यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे स्टेशनों पर खाद्य गुणवत्ता को लेकर यात्रियों की चिंताएँ बढ़ रही हैं।
निरीक्षण तंत्र और आँकड़े
विनीत अभिषेक के अनुसार, मुंबई के सब-अर्बन नेटवर्क में अकेले 297 कैटरिंग स्टॉल्स संचालित हैं, जबकि नॉन-सब-अर्बन क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में फूड स्टॉल्स हैं। केवल जुलाई 2025 में 1,500 से अधिक निरीक्षण किए गए, जिनमें वरिष्ठ अधिकारियों और सुपरवाइजर्स द्वारा किए गए निरीक्षण भी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर जुर्माने से लेकर स्टॉल अस्थायी रूप से बंद करने तक की कार्रवाई की जाती है।
खाद्य सैंपलिंग और गुणवत्ता जाँच
जुलाई महीने में विभिन्न कैटरिंग स्टॉल्स से 1,000 से अधिक खाद्य सैंपल लिए गए। इनमें से 98-99 प्रतिशत से अधिक उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स की जाँच में मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और अप्रूव्ड ब्रांड की स्थिति देखी जाती है, जबकि अनपैक्ड खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग होती है। कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण भी अनिवार्य है ताकि किसी संक्रामक बीमारी से यात्री प्रभावित न हों।
तकनीक और एफएसएसएआई प्रमाणन
पश्चिम रेलवे अपने कैटरिंग मॉनिटरिंग सिस्टम में तकनीक का उपयोग कर रहा है। फूड स्टॉल्स पर इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता जाँचने के लिए विशेष मशीनें और पानी की गुणवत्ता के लिए टीडीएस मशीनें लगाई गई हैं। कई स्टेशनों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर सर्टिफिकेशन भी प्राप्त है। निरीक्षण डेटा डिजिटल रूप से संग्रहीत किया जाता है और प्रत्येक स्टॉल की मॉनिटरिंग का रिकॉर्ड रखा जाता है।
जुर्माना और आगे की कार्रवाई
चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच विभिन्न कमियों और यात्री शिकायतों के आधार पर पश्चिम रेलवे ने ₹13 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया है। सीपीआरओ ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ हफ्तों में बंद किए गए 21 स्टॉल्स में से कुछ को कमियाँ दूर होने के बाद दोबारा खोल दिया गया है। यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई जारी रहेगी।