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पश्चिम रेलवे का खुलासा: 21 फूड स्टॉल बंद एफडीए ने नहीं, आंतरिक निरीक्षण में की गई कार्रवाई

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पश्चिम रेलवे का खुलासा: 21 फूड स्टॉल बंद एफडीए ने नहीं, आंतरिक निरीक्षण में की गई कार्रवाई

सारांश

सोशल मीडिया पर एफडीए द्वारा रेलवे फूड स्टॉल बंद कराने की खबरें भ्रामक निकलीं — पश्चिम रेलवे ने खुद अपने आंतरिक निरीक्षण में 21 स्टॉल अस्थायी रूप से बंद किए। जुलाई में 1,500 से अधिक निरीक्षण और 1,000 से अधिक सैंपल जाँचे गए; चार महीनों में ₹13 लाख से अधिक जुर्माना वसूला गया।

मुख्य बातें

पश्चिम रेलवे ने स्पष्ट किया कि 21 सब-अर्बन फूड स्टॉल बंद करने की कार्रवाई एफडीए ने नहीं, रेलवे के आंतरिक निरीक्षण तंत्र ने की।
मुंबई सब-अर्बन नेटवर्क में 297 कैटरिंग स्टॉल्स ; केवल जुलाई में 1,500 से अधिक निरीक्षण किए गए।
जुलाई में 1,000 से अधिक खाद्य सैंपल लिए गए; 98-99% उत्पाद मानकों के अनुरूप पाए गए।
अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच विभिन्न उल्लंघनों पर ₹13 लाख से अधिक जुर्माना लगाया गया।
कई स्टेशनों को FSSAI प्रमाणन प्राप्त; तेल और पानी की गुणवत्ता जाँच के लिए मशीनें तैनात।
बंद किए गए कुछ स्टॉल्स को कमियाँ दूर होने के बाद दोबारा खोल दिया गया ।

पश्चिम रेलवे ने 20 अगस्त को स्पष्ट किया कि मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर 21 सब-अर्बन कैटरिंग स्टॉल्स को अस्थायी रूप से बंद करने की कार्रवाई महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा नहीं, बल्कि रेलवे के अपने नियमित और आंतरिक निरीक्षण तंत्र के तहत की गई है। सोशल मीडिया पर एफडीए द्वारा 22 रेलवे फूड स्टॉल्स बंद कराए जाने की खबरें फैलने के बाद पश्चिम रेलवे ने यह सफाई दी।

भ्रामक खबरों पर रेलवे की सफाई

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) विनीत अभिषेक ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरें भ्रामक हैं। उन्होंने कहा, 'इन स्टॉल्स के खिलाफ कार्रवाई एफडीए की ओर से नहीं, बल्कि पश्चिम रेलवे के अपने आंतरिक और नियमित निरीक्षण तंत्र के तहत की गई है।' यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे स्टेशनों पर खाद्य गुणवत्ता को लेकर यात्रियों की चिंताएँ बढ़ रही हैं।

निरीक्षण तंत्र और आँकड़े

विनीत अभिषेक के अनुसार, मुंबई के सब-अर्बन नेटवर्क में अकेले 297 कैटरिंग स्टॉल्स संचालित हैं, जबकि नॉन-सब-अर्बन क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में फूड स्टॉल्स हैं। केवल जुलाई 2025 में 1,500 से अधिक निरीक्षण किए गए, जिनमें वरिष्ठ अधिकारियों और सुपरवाइजर्स द्वारा किए गए निरीक्षण भी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर जुर्माने से लेकर स्टॉल अस्थायी रूप से बंद करने तक की कार्रवाई की जाती है।

खाद्य सैंपलिंग और गुणवत्ता जाँच

जुलाई महीने में विभिन्न कैटरिंग स्टॉल्स से 1,000 से अधिक खाद्य सैंपल लिए गए। इनमें से 98-99 प्रतिशत से अधिक उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स की जाँच में मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और अप्रूव्ड ब्रांड की स्थिति देखी जाती है, जबकि अनपैक्ड खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग होती है। कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण भी अनिवार्य है ताकि किसी संक्रामक बीमारी से यात्री प्रभावित न हों।

तकनीक और एफएसएसएआई प्रमाणन

पश्चिम रेलवे अपने कैटरिंग मॉनिटरिंग सिस्टम में तकनीक का उपयोग कर रहा है। फूड स्टॉल्स पर इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता जाँचने के लिए विशेष मशीनें और पानी की गुणवत्ता के लिए टीडीएस मशीनें लगाई गई हैं। कई स्टेशनों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर सर्टिफिकेशन भी प्राप्त है। निरीक्षण डेटा डिजिटल रूप से संग्रहीत किया जाता है और प्रत्येक स्टॉल की मॉनिटरिंग का रिकॉर्ड रखा जाता है।

जुर्माना और आगे की कार्रवाई

चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच विभिन्न कमियों और यात्री शिकायतों के आधार पर पश्चिम रेलवे ने ₹13 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया है। सीपीआरओ ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ हफ्तों में बंद किए गए 21 स्टॉल्स में से कुछ को कमियाँ दूर होने के बाद दोबारा खोल दिया गया है। यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि सोशल मीडिया पर एफडीए की कार्रवाई की खबरें इतनी तेज़ी से क्यों फैलीं — क्या रेलवे का अपना संचार तंत्र पर्याप्त सक्रिय नहीं है? जुलाई में 1,500 निरीक्षण और 98-99% अनुपालन के आँकड़े प्रभावशाली लगते हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह डेटा स्वतंत्र रूप से सत्यापित होता है या केवल आंतरिक रिपोर्टिंग पर आधारित है। ₹13 लाख का जुर्माना 297 स्टॉल्स और चार महीनों के पैमाने पर अपेक्षाकृत मामूली है — यह सवाल उठाता है कि क्या दंड का स्तर वास्तव में अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम रेलवे ने 21 फूड स्टॉल क्यों बंद किए?
पश्चिम रेलवे ने अपने आंतरिक और नियमित निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, खाद्य गुणवत्ता या निर्धारित मानकों में कमी पाए जाने पर 21 सब-अर्बन कैटरिंग स्टॉल्स को अस्थायी रूप से बंद किया। इनमें से कुछ स्टॉल्स को कमियाँ दूर होने के बाद दोबारा खोल दिया गया है।
क्या एफडीए ने रेलवे फूड स्टॉल्स पर कार्रवाई की थी?
नहीं। पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर एफडीए द्वारा 22 रेलवे फूड स्टॉल्स बंद कराने की खबरें भ्रामक हैं। यह कार्रवाई महाराष्ट्र FDA की नहीं, बल्कि पश्चिम रेलवे के अपने आंतरिक निरीक्षण तंत्र के तहत की गई है।
पश्चिम रेलवे के निरीक्षण तंत्र में क्या शामिल है?
पश्चिम रेलवे के निरीक्षण तंत्र में पैक्ड और अनपैक्ड खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग, कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण, तेल गुणवत्ता जाँच मशीनें और टीडीएस मशीनों से पानी की जाँच शामिल है। जुलाई महीने में अकेले 1,500 से अधिक निरीक्षण और 1,000 से अधिक खाद्य सैंपल लिए गए।
पश्चिम रेलवे ने फूड स्टॉल उल्लंघनों पर कितना जुर्माना लगाया?
चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच पश्चिम रेलवे ने विभिन्न कमियों और यात्री शिकायतों के आधार पर ₹13 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया है।
मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर कितने कैटरिंग स्टॉल्स हैं?
मुंबई के सब-अर्बन नेटवर्क में अकेले 297 कैटरिंग स्टॉल्स संचालित हैं। इसके अलावा नॉन-सब-अर्बन क्षेत्रों में पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर भी बड़ी संख्या में फूड स्टॉल्स हैं।
राष्ट्र प्रेस
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