अखिलेश यादव का वादा: सत्ता में आए तो 90 दिन में पूरी होगी 69 हज़ार शिक्षक भर्ती, जातीय जनगणना भी
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 20 मई 2025 को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि सपा की सरकार बनते ही 90 दिनों के भीतर 69 हज़ार सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी कर अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सत्ता में आते ही जातीय जनगणना कराई जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से न्याय की माँग कर रहे हैं।
पीडीए ऑडिट दस्तावेज़ जारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने 'पीडीए ऑडिट' नामक दस्तावेज़ जारी किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि 2019 की 69 हज़ार सहायक शिक्षक भर्ती में पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की व्यापक अनदेखी की गई। उनके अनुसार, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण के बजाय बहुत कम प्रतिनिधित्व दिया गया। इसके साथ ही अनुसूचित जाति (SC) के आरक्षण में भी कटौती का आरोप लगाया गया और अनुसूचित जनजाति (ST) के कई पद रिक्त छोड़ दिए गए।
आरक्षण पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने कहा, 'जो सरकार पक्षपाती होती है, वह न्याय नहीं दे सकती। आरक्षण सामाजिक न्याय और समान अवसर का माध्यम है।' उन्होंने तर्क दिया कि यदि युवाओं और अभ्यर्थियों को अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए अदालतों का सहारा लेना पड़े, तो यह सरकार की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली को उजागर करता है। सपा प्रमुख ने 'लेटरल एंट्री' जैसी व्यवस्थाओं पर भी निशाना साधा और कहा कि इनके ज़रिए पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है।
बाबा साहेब और संविधान का संदर्भ
अखिलेश यादव ने कहा कि समाज में लंबे समय से असमानता रही है और डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय का रास्ता तैयार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण किसी पर कृपा नहीं, बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने 'बुलडोजर' के रूपक का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर बुलडोजर चलाना ही है, तो उसका उपयोग समाज में फैली गैर-बराबरी को खत्म करने के लिए होना चाहिए।
भाजपा और केंद्र सरकार पर हमला
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2014 के बाद से आरक्षण व्यवस्था को कमज़ोर करने की कोशिशें तेज़ कर रही है, जिसके सहारे वंचित वर्ग आगे बढ़ रहे हैं। महिला आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में सभी वर्गों को उनके अधिकार मिलने चाहिए। चुनावी रणनीति पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वे अपनी राजनीतिक रणनीति का खुलासा नहीं करेंगे।
अर्थव्यवस्था पर भी सवाल
अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर आर्थिक मोर्चे पर भी हमला बोला। उनका कहना था कि आर्थिक स्थिति लगातार कमज़ोर हो रही है और सरकार आम लोगों को न कमाने दे रही है, न खर्च करने। उन्होंने कहा कि महज़ 'ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' का नारा देने से ज़मीनी आर्थिक हालात नहीं सुधरेंगे। आने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सपा की सामाजिक न्याय केंद्रित रणनीति की एक स्पष्ट झलक मानी जा रही है।