8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अखिलेश यादव का ईडी कार्रवाई पर तंज: 'यूपी में छापे, कर्नाटक-महाराष्ट्र में नहीं'; राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अखिलेश यादव का ईडी कार्रवाई पर तंज: 'यूपी में छापे, कर्नाटक-महाराष्ट्र में नहीं'; राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी हमला

सारांश

अखिलेश यादव ने एक ही दिन दो मोर्चों पर केंद्र को घेरा — सपा पूर्व विधायक पर ईडी छापे को 'दिखावटी' बताया और राम मंदिर चढ़ावा विवाद को धार्मिक व आर्थिक विश्वसनीयता का संकट करार दिया। ट्रस्ट में चंपत राय का इस्तीफा और 22 जुलाई की अगली बैठक इस विवाद को और गहरा कर सकती है।

मुख्य बातें

ईडी ने बुधवार को सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की।
अखिलेश यादव ने एक्स पर कहा कि छापे 'कर्नाटक और महाराष्ट्र' में होने चाहिए थे, यूपी में नहीं — कार्रवाई को 'दिखावटी' बताया।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया।
कृष्ण मोहन को नए महामंत्री की नियुक्ति तक अंतरिम महामंत्री बनाया गया।
ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी; नए अधिकारियों की नियुक्ति के लिए समिति गठित।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 8 जुलाई को केंद्र सरकार पर दोहरा हमला बोला — एक ओर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर और दूसरी ओर अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले पर। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर सीधे केंद्र की मंशा पर सवाल उठाए।

ईडी छापेमारी पर अखिलेश का तंज

बुधवार को ईडी ने सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। इसी कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, 'छापा मारना चाहिए कर्नाटक और महाराष्ट्र में, मार रहे हैं यूपी में। जहाँ 'सीसी' का माल है, वहाँ नहीं जाते हैं, बस दिखावटी औपचारिकता निभाते हैं।' उनका आरोप था कि ईडी की कार्रवाई चुनिंदा और राजनीति से प्रेरित है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर तीखा प्रहार

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा, दान और चंदे की अनियमितताओं की खबरें सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक सोमवार को हुई। बैठक में ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि नए महामंत्री की नियुक्ति तक कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अखिलेश यादव ने इस प्रकरण पर एक्स पर लिखा, 'अयोध्या के मंदिर से 'चढ़ावा, चंदा, दान चोरी' का समाचार समस्त विश्व में फैल चुका है। दुनिया के विभिन्न देशों में रहने वाला सनातन समाज भाजपा और उसके सहयोगियों के कृत्यों से हो रही बदनामी के कारण शर्मसार है। वे इसलिए भी आहत हैं कि उन्होंने भी मंदिर में दान-चंदा भेजा था या स्वयं आकर चढ़ाया था। इस प्रकरण से संपूर्ण विश्व का सनातन समाज आक्रोशित है, क्योंकि धर्म के साथ-साथ देश को भी भाजपाई अधर्मियों के कारण अपयश का सामना करना पड़ रहा है।'

निवेशकों पर असर का दावा

अखिलेश यादव ने आगे दावा किया कि इस विवाद से विदेशी निवेशकों का भरोसा भी डगमगाया है। उन्होंने लिखा, 'दुनिया भर के निवेशक भी अब अपना हाथ खींच रहे हैं, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि जिस सरकार ने अपने भगवान के दानपात्र तक को नहीं छोड़ा, वह कल हमारे निवेश को क्या छोड़ेगी। केंद्र सरकार ने अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक विश्वसनीयता पूरी तरह खो दी है।' गौरतलब है कि ये आरोप अखिलेश यादव के हैं और सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ट्रस्ट में आगे की प्रक्रिया

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि प्रमुख अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक समिति गठित की गई है। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की प्रक्रिया पर विचार होगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक मामले राष्ट्रीय राजनीति में केंद्र में आ गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि राम मंदिर विवाद को उठाकर वे भाजपा के सबसे संवेदनशील राजनीतिक प्रतीक पर सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, निवेशकों के 'हाथ खींचने' का उनका दावा अभी तक किसी स्वतंत्र आर्थिक डेटा से समर्थित नहीं है। असली सवाल यह है कि ट्रस्ट के भीतर हुए इस्तीफों और प्रशासनिक बदलावों की जवाबदेही किस स्तर तक तय होगी — यह राजनीतिक बयानबाजी से परे, संस्थागत पारदर्शिता की माँग है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव पर छापा क्यों मारा?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के विस्तृत कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
अखिलेश यादव ने ईडी की कार्रवाई पर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि छापे कर्नाटक और महाराष्ट्र में होने चाहिए थे, लेकिन यूपी में हो रहे हैं और यह कार्रवाई 'दिखावटी औपचारिकता' मात्र है। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताया।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है और ट्रस्ट में क्या बदलाव हुए?
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा, दान और चंदे की अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई, जिसमें महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया गया। कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री नियुक्त किया गया है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक कब होगी?
ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी, जिसमें नए अधिकारियों की नियुक्ति और आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। इसके लिए एक समिति भी गठित की गई है।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर विवाद को निवेश से क्यों जोड़ा?
अखिलेश यादव ने दावा किया कि इस विवाद से विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और वे अपना निवेश वापस खींच रहे हैं। हालाँकि यह उनका राजनीतिक आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले