अकोला में शिवसेना शिंदे गुट के नगरसेवक गिरफ्तार, होटल मालिक से ₹15 लाख रंगदारी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के अकोला में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के नगरसेवक सागर भारूका को 5 अक्टूबर 2026 की रात सिविल लाइन्स पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन पर अपने वार्ड के एक होटल व्यवसायी को कथित तौर पर धमकाकर ₹15 लाख की रंगदारी माँगने का आरोप है। यह गिरफ्तारी अकोला महानगर पालिका में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दल शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 की रात को नगरसेवक सागर भारूका ने बस स्टैंड क्षेत्र स्थित एक होटल मालिक और उसके एक कर्मचारी के साथ गाली-गलौज और धमकी दी। इसके बाद होटल मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें भारूका पर ₹15 लाख रुपये की रंगदारी माँगने का आरोप लगाया गया। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन्स पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारूका को रात में ही हिरासत में ले लिया।
भारूका का पक्ष
गिरफ्तारी के बाद नगरसेवक सागर भारूका ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनका दावा है कि वे उस रात परिवार के साथ उक्त होटल में भोजन करने गए थे और होटल मालिक से कोई रंगदारी नहीं माँगी। भारूका ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और उनके खिलाफ बिना किसी जाँच के झूठी कार्रवाई की गई है। उन्होंने पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिए जाने की बात कही।
भाजपा-शिवसेना में दरार का संदर्भ
गौरतलब है कि यह पहला अवसर नहीं है जब सागर भारूका किसी विवाद में घिरे हों। इससे पहले उनका अकोला नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ BJP नेता विजय अग्रवाल से सार्वजनिक विवाद हो चुका है, जिसमें भारूका के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। यह ऐसे समय में आया है जब अकोला महानगर पालिका में BJP और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच राजनीतिक रिश्ते पहले से तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं। भारूका की ताज़ा गिरफ्तारी ने इस खिंचाव को और उजागर कर दिया है।
आगे की कार्रवाई
नगरसेवक सागर भारूका को सोमवार को अदालत में पेश किए जाने की जानकारी है, जिसके बाद मामले की अगली दिशा तय होगी। सिविल लाइन्स पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। अकोला की राजनीति में इस गिरफ्तारी के दीर्घकालिक असर पर सभी पक्षों की नज़रें टिकी हैं।