अंबेडकरनगर की 899 ग्राम पंचायतों ने एक साथ लगाई ग्रीन चौपाल, पेट्रोल-डीजल खपत घटाने का संकल्प

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अंबेडकरनगर की 899 ग्राम पंचायतों ने एक साथ लगाई ग्रीन चौपाल, पेट्रोल-डीजल खपत घटाने का संकल्प

सारांश

अंबेडकरनगर में एक घंटे के भीतर 899 ग्राम पंचायतों ने एकसाथ ग्रीन चौपाल लगाकर पर्यावरण जागरूकता का नया रिकॉर्ड बनाया। पेट्रोल-डीजल छोड़ने से लेकर हर परिवार के पाँच पौधे लगाने तक — यह ग्रामीण स्तर पर हरित संकल्प की अनूठी मिसाल है।

मुख्य बातें

अंबेडकरनगर की सभी 899 ग्राम पंचायतों ने 15 मई 2026 को सुबह 9 से 10 बजे एकसाथ ग्रीन चौपाल आयोजित की।
पेट्रोल-डीजल खपत घटाने, कार पूलिंग, सार्वजनिक व इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने का सामूहिक प्रण लिया गया।
प्रत्येक परिवार पौधरोपण महोत्सव में कम-से-कम पाँच पौधे लगाएगा; 30 जून तक प्री-प्लांटेशन पूरी करने की योजना।
जनपद ने दो कीर्तिमान बनाए — अधिकतम पंचायतों का एकसाथ आयोजन और सबसे कम समय में वृहद जागरूकता अभियान।
प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने पहल को पर्यावरण संरक्षण में 'मील का पत्थर' बताया।

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जनपद की सभी 899 ग्राम पंचायतों ने 15 मई 2026 को एक साथ ग्रीन चौपाल का आयोजन कर पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया। सुबह 9 से 10 बजे IST के बीच एक घंटे में संपन्न इस सामूहिक अभियान में पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने, हरित परिवहन अपनाने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यापक प्रस्ताव पारित किए गए।

कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान के परिप्रेक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन जिलाधिकारी ईशा प्रिया के निर्देशन में हुआ। सभी पंचायतों में एक ही समय पर चौपाल लगाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। ग्राम प्रधानों ने सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने का सामूहिक प्रण लिया।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस आयोजन से जनपद ने दो महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किए — पहला, अधिकतम ग्राम पंचायतों द्वारा एक ही समय पर आयोजन; दूसरा, सबसे कम समय में वृहद जागरूकता कार्यक्रम का सफल संचालन।

मुख्य प्रस्ताव और संकल्प

ग्रीन चौपाल में पौधरोपण, जल संरक्षण, गो-संरक्षण, स्वच्छता, जैविक खेती, सौर ऊर्जा, पराली न जलाने और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रत्येक परिवार द्वारा आगामी पौधरोपण महोत्सव में कम-से-कम पाँच पौधे लगाने और उनकी देखभाल सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।

मानसून को ध्यान में रखते हुए 30 जून तक प्री-प्लांटेशन की तैयारियाँ पूरी करने की कार्ययोजना भी तैयार की गई। इसके अतिरिक्त मृदा संरक्षण, ऊर्जा बचत, हरित एवं जैविक खेती और शिक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति बनी।

प्रभारी मंत्री की प्रतिक्रिया

प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योगी सरकार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का यह अभिनव प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से व्यक्तिगत स्तर पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और आवश्यकता अनुसार ही वाहन उपयोग करने की अपील की।

आम जनता और पूरे प्रदेश पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ईंधन की बढ़ती खपत और वायु प्रदूषण को लेकर चिंताएँ गहरी हो रही हैं। अंबेडकरनगर का यह सामूहिक प्रयास उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है। गौरतलब है कि ग्रामीण स्तर पर इस पैमाने का एकसाथ पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम प्रदेश में पहली बार आयोजित हुआ है।

आने वाले हफ्तों में पंचायतों द्वारा लिए गए संकल्पों के क्रियान्वयन की निगरानी जिला प्रशासन करेगा, और पौधरोपण महोत्सव के दौरान इस अभियान की व्यापकता और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी संकल्पों का ज़मीनी क्रियान्वयन होगी। ग्रामीण भारत में इलेक्ट्रिक वाहन और सार्वजनिक परिवहन अभी भी सीमित बुनियादी ढाँचे की चुनौती से जूझ रहे हैं, इसलिए पेट्रोल-डीजल खपत घटाने के संकल्प तब तक अधूरे हैं जब तक विकल्प सुलभ न हों। पौधरोपण और जल संरक्षण के लक्ष्य मापने योग्य हैं, पर पिछले वर्षों के अभियानों में पौधों की जीवित रहने की दर पर पारदर्शी आँकड़े कम रहे हैं। जिला प्रशासन यदि इस बार निगरानी तंत्र सार्वजनिक करे, तो यह पहल वास्तव में प्रदेश के लिए मॉडल बन सकती है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंबेडकरनगर में ग्रीन चौपाल क्या है और इसका उद्देश्य क्या था?
ग्रीन चौपाल एक पर्यावरण जागरूकता बैठक है जो 15 मई 2026 को अंबेडकरनगर की 899 ग्राम पंचायतों में एकसाथ सुबह 9 से 10 बजे आयोजित हुई। इसका उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की खपत घटाना, हरित परिवहन को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना था।
ग्रीन चौपाल में कौन-कौन से प्रस्ताव पारित किए गए?
चौपाल में पेट्रोल-डीजल खपत में कमी, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहन उपयोग, पौधरोपण, जल संरक्षण, जैविक खेती, सौर ऊर्जा, पराली न जलाने और कचरा प्रबंधन पर प्रस्ताव पारित हुए। प्रत्येक परिवार ने पौधरोपण महोत्सव में कम-से-कम पाँच पौधे लगाने का संकल्प भी लिया।
इस आयोजन से अंबेडकरनगर ने कौन से रिकॉर्ड बनाए?
जिलाधिकारी ईशा प्रिया के अनुसार जनपद ने दो कीर्तिमान स्थापित किए — पहला, अधिकतम ग्राम पंचायतों (899) द्वारा एक ही समय पर आयोजन; दूसरा, सबसे कम समय (एक घंटे) में वृहद जागरूकता कार्यक्रम का सफल संचालन।
30 जून की समयसीमा का क्या महत्व है?
मानसून से पहले की तैयारी के तहत सभी पंचायतों को 30 जून तक प्री-प्लांटेशन की तैयारियाँ पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है। इससे बारिश के मौसम में पौधों की जीवित रहने की दर बेहतर होगी।
इस पहल में योगी सरकार की क्या भूमिका है?
यह आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर हुआ और जिला प्रशासन ने इसे क्रियान्वित किया। प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने इसे 'योगी सरकार के मार्गदर्शन में मील का पत्थर' बताया और नागरिकों से व्यक्तिगत स्तर पर ईंधन बचत का संकल्प लेने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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