25 अगस्त 2026
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अमित शाह ने नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का उद्घाटन किया, 850 अधिकारी शामिल

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अमित शाह ने नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का उद्घाटन किया, 850 अधिकारी शामिल

सारांश

नई दिल्ली में नौवाँ राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन महज़ एक औपचारिक जमावड़ा नहीं — यह भारत की आंतरिक सुरक्षा रणनीति का वार्षिक पुनर्मूल्यांकन है। 850 अधिकारियों की भागीदारी, AI-आधारित इंटेलिजेंस विश्लेषण और 'प्रहार' योजना पर ज़ोर यह संकेत देता है कि केंद्र सुरक्षा तंत्र को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 24 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में नौवें NSSC 2026 का उद्घाटन किया।
सम्मेलन में देशभर से लगभग 850 अधिकारियों ने हाइब्रिड फॉर्मेट में भाग लिया।
शाह ने MHA की 'प्रहार' योजना , UAPA मामलों में एकीकृत दृष्टिकोण और 'ट्रायल इन एब्सेंशिया' के प्रावधानों पर ज़ोर दिया।
MAC प्लेटफॉर्म पर AI-आधारित विश्लेषण से SOP तैयार करने का निर्देश दिया गया।
अवैध प्रवासियों के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' और घुसपैठ के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के आदेश जारी।
दूसरे दिन सब-एरियल खतरे, ब्लू इकोनॉमी, इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर और बायो-सिक्योरिटी पर चर्चा होनी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 24 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में दो दिवसीय नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन (NSSC) 2026 का उद्घाटन किया। उद्घाटन से पूर्व शाह ने शहीद स्तम्भ पर पुष्पांजलि अर्पित कर आसूचना ब्यूरो (IB) के उन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।

सम्मेलन का स्वरूप और भागीदारी

यह सम्मेलन हाइब्रिड फॉर्मेट में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 850 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, केंद्रीय गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) तथा केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPO) के प्रमुखों ने दिल्ली में भौतिक रूप से भाग लिया। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक, जमीनी स्तर के युवा पुलिस अधिकारी और डोमेन विशेषज्ञ अपनी-अपनी राज्य राजधानियों से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

पहले दिन की प्रमुख चर्चाएँ

सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ। इनमें आतंकवाद-रोधी उपाय, मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) के ज़रिए इंटेलिजेंस का एकीकरण और उसे ज़मीन पर लागू करना, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए विज़न डॉक्यूमेंट, अवैध प्रवासियों की पहचान एवं निर्वासन, तथा साइबर-अपराध और पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर से निपटने के लिए नीतिगत ढाँचे जैसे मुद्दे शामिल रहे।

गृह मंत्री के निर्देश

आतंकवाद और कट्टरपंथ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शाह ने MHA की 'प्रहार' योजना को लागू करने, भगोड़ों की वापसी एवं उनके विरुद्ध मुकदमों में तेज़ी लाने और 'ट्रायल इन एब्सेंशिया' के प्रावधानों के उपयोग पर ज़ोर दिया। उन्होंने UAPA मामलों की जाँच में व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने का भी आह्वान किया।

गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि MAC प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी का AI-आधारित विश्लेषण करके राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOP) तैयार की जाएँ। अवैध प्रवास के मुद्दे पर उन्होंने सभी एजेंसियों को 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने और घुसपैठ के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

दूसरे दिन का एजेंडा

सम्मेलन के दूसरे दिन सब-एरियल सिस्टम (हवाई हमलों की प्रणालियाँ) से उत्पन्न खतरों और उनसे बचाव के उपायों, ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) की सुरक्षा, इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उसके प्रभाव, तथा बायो-सिक्योरिटी फ्रेमवर्क की आवश्यकता पर केंद्रित चर्चा होनी है।

NSSC की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के अंतर्गत यह सम्मेलन 2021 से प्रतिवर्ष हाइब्रिड स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ज़मीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के व्यापक अनुभव और विषय-विशेषज्ञों के ज्ञान को मिलाकर राष्ट्रीय सुरक्षा की बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजना है। यह नौवाँ संस्करण ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब सीमा-पार खतरों और साइबर युद्ध की जटिलता तेज़ी से बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न केवल सम्मेलन-कक्ष की घोषणाएँ। अवैध प्रवास पर 'ज़ीरो टॉलरेंस' की बात वर्षों से होती आई है, लेकिन निर्वासन की दर और सीमा-सुरक्षा के आँकड़े अभी भी पारदर्शी रूप से सार्वजनिक नहीं किए जाते। जब तक इन सम्मेलनों के निर्देशों का मापनयोग्य अनुपालन सुनिश्चित नहीं होता, यह वार्षिक आयोजन नीतिगत प्रगति की बजाय प्रतीकात्मक कवायद बनकर रह सकता है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नौवाँ राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन 2026 क्या है?
यह केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन है, जिसमें देशभर के सुरक्षा अधिकारी और विशेषज्ञ राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रमुख चुनौतियों पर रणनीति बनाते हैं। यह 2021 से प्रतिवर्ष हाइब्रिड फॉर्मेट में आयोजित हो रहा है।
इस सम्मेलन में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई?
पहले दिन आतंकवाद-रोधी उपाय, MAC के ज़रिए इंटेलिजेंस एकीकरण, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण, अवैध प्रवासियों की पहचान एवं निर्वासन, साइबर-अपराध और पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दूसरे दिन सब-एरियल खतरे, ब्लू इकोनॉमी, इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर और बायो-सिक्योरिटी पर ध्यान केंद्रित होना है।
MHA की 'प्रहार' योजना क्या है और इसे क्यों उठाया गया?
गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के लिए MHA की 'प्रहार' योजना को लागू करने पर ज़ोर दिया। इसके तहत भगोड़ों की वापसी, मुकदमों में तेज़ी और 'ट्रायल इन एब्सेंशिया' के प्रावधानों का उपयोग शामिल है।
सम्मेलन में AI का उपयोग किस प्रकार प्रस्तावित किया गया?
गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि MAC प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध इंटेलिजेंस डेटा का AI-आधारित विश्लेषण करके राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOP) तैयार की जाएँ। यह परंपरागत मैनुअल विश्लेषण से एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव है।
NSSC 2026 में कितने और किस स्तर के अधिकारी शामिल हुए?
सम्मेलन में देशभर से लगभग 850 अधिकारियों ने भाग लिया। केंद्रीय गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, CAPF प्रमुख दिल्ली में उपस्थित रहे, जबकि राज्यों के पुलिस महानिदेशक और युवा अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
राष्ट्र प्रेस
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