अमित शाह ने नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का उद्घाटन किया, 850 अधिकारी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 24 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में दो दिवसीय नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन (NSSC) 2026 का उद्घाटन किया। उद्घाटन से पूर्व शाह ने शहीद स्तम्भ पर पुष्पांजलि अर्पित कर आसूचना ब्यूरो (IB) के उन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
सम्मेलन का स्वरूप और भागीदारी
यह सम्मेलन हाइब्रिड फॉर्मेट में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 850 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, केंद्रीय गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) तथा केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPO) के प्रमुखों ने दिल्ली में भौतिक रूप से भाग लिया। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक, जमीनी स्तर के युवा पुलिस अधिकारी और डोमेन विशेषज्ञ अपनी-अपनी राज्य राजधानियों से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
पहले दिन की प्रमुख चर्चाएँ
सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ। इनमें आतंकवाद-रोधी उपाय, मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) के ज़रिए इंटेलिजेंस का एकीकरण और उसे ज़मीन पर लागू करना, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए विज़न डॉक्यूमेंट, अवैध प्रवासियों की पहचान एवं निर्वासन, तथा साइबर-अपराध और पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर से निपटने के लिए नीतिगत ढाँचे जैसे मुद्दे शामिल रहे।
गृह मंत्री के निर्देश
आतंकवाद और कट्टरपंथ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शाह ने MHA की 'प्रहार' योजना को लागू करने, भगोड़ों की वापसी एवं उनके विरुद्ध मुकदमों में तेज़ी लाने और 'ट्रायल इन एब्सेंशिया' के प्रावधानों के उपयोग पर ज़ोर दिया। उन्होंने UAPA मामलों की जाँच में व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने का भी आह्वान किया।
गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि MAC प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी का AI-आधारित विश्लेषण करके राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOP) तैयार की जाएँ। अवैध प्रवास के मुद्दे पर उन्होंने सभी एजेंसियों को 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने और घुसपैठ के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
दूसरे दिन का एजेंडा
सम्मेलन के दूसरे दिन सब-एरियल सिस्टम (हवाई हमलों की प्रणालियाँ) से उत्पन्न खतरों और उनसे बचाव के उपायों, ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) की सुरक्षा, इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उसके प्रभाव, तथा बायो-सिक्योरिटी फ्रेमवर्क की आवश्यकता पर केंद्रित चर्चा होनी है।
NSSC की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के अंतर्गत यह सम्मेलन 2021 से प्रतिवर्ष हाइब्रिड स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ज़मीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के व्यापक अनुभव और विषय-विशेषज्ञों के ज्ञान को मिलाकर राष्ट्रीय सुरक्षा की बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजना है। यह नौवाँ संस्करण ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब सीमा-पार खतरों और साइबर युद्ध की जटिलता तेज़ी से बढ़ रही है।