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अम्फान राहत घोटाला: CAG रिपोर्ट पर TMC के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने माँगी गहन जाँच

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अम्फान राहत घोटाला: CAG रिपोर्ट पर TMC के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने माँगी गहन जाँच

सारांश

CAG की रिपोर्ट में अम्फान राहत में भारी अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद TMC के ही पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने गहन जाँच की माँग उठाई है — यह बंगाल की राजनीति में एक असामान्य और महत्वपूर्ण मोड़ है।

मुख्य बातें

CAG की 28वीं रिपोर्ट में आरोप है कि तत्कालीन TMC सरकार ने अम्फान सुपर-साइक्लोन (2020) की क्षति के आँकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए।
TMC के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने CAG रिपोर्ट में उजागर भ्रष्टाचार की सघन जाँच और दोषियों को सजा दिलाने की माँग की।
दत्ता का दावा है कि बंगाल में हर प्राकृतिक आपदा के बाद भ्रष्टाचार हुआ है।
नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सरकार इन अनियमितताओं पर नज़र रख रही है।
दत्ता ने PM मोदी की युवा-केंद्रित नीतियों — फास्ट-ट्रैक कोर्ट, हाई-पावर्ड कमेटी और नए संसदीय विधेयक — का समर्थन किया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने अम्फान सुपर-साइक्लोन राहत से जुड़ी अनियमितताओं की गहन जाँच की माँग की है और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का समर्थन किया है। यह माँग भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की 28वीं रिपोर्ट के बाद उठी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तत्कालीन TMC सरकार ने 2020 के अम्फान तूफान से हुई क्षति का अनुमान बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था, ताकि केंद्र से अधिक राहत राशि प्राप्त की जा सके।

CAG रिपोर्ट के मुख्य आरोप

CAG की 28वीं रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में आए अम्फान सुपर-साइक्लोन के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने नुकसान के आँकड़े वास्तविकता से अधिक दिखाए, जिससे केंद्र सरकार से अनुपात से अधिक राहत राशि हासिल की जा सके। यह आरोप गंभीर हैं क्योंकि आपदा राहत कोष का उद्देश्य प्रभावित नागरिकों की सहायता करना है, न कि राजनीतिक लाभ उठाना।

गौरतलब है कि अम्फान तूफान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी तबाही मचाई थी और लाखों लोग विस्थापित हुए थे। ऐसे में राहत राशि के वितरण में पारदर्शिता की माँग स्वाभाविक और जरूरी है।

रिजु दत्ता का बयान और माँग

दत्ता ने कहा, 'सिर्फ अम्फान ही नहीं, जब-जब प्राकृतिक आपदा आई है तो बंगाल में कुछ न कुछ भ्रष्टाचार हुआ है। अब नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी इस पर नज़र रख रहे हैं। बंगाल का निवासी होने के नाते मैं चाहता हूँ कि CAG रिपोर्ट में जिस भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है, उसकी सघन जाँच हो और कार्रवाई की जाए। इस भ्रष्टाचार से जुड़े नेताओं से लेकर आम आदमी को कानून के दायरे में लाकर सजा दिलानी चाहिए। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगना चाहिए।'

TMC के पूर्व प्रवक्ता का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वे स्वयं उसी दल के सदस्य रहे हैं जिस पर CAG ने आरोप लगाए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन के बाद पुरानी सरकार की नीतियों की समीक्षा हो रही है।

युवाओं और रोजगार नीति पर टिप्पणी

दत्ता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं और छात्रों को व्यक्तिगत रूप से भरोसा दिलाया है कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएँगे, नई नीतियाँ और सुधार लागू किए जाएँगे तथा एक नई हाई-पावर्ड कमेटी भी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि संसद नया विधेयक भी लाने की प्रक्रिया में है।

दत्ता के अनुसार, 'जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं का भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं, तो विपक्ष सिर्फ सत्ता की राजनीति कर रहा है। विपक्ष को न छात्रों और युवाओं की कोई चिंता है — उनका काम केवल प्रधानमंत्री का विरोध करना है। मेरा मानना है कि आज भी देश के युवाओं और छात्रों का भरोसा सबसे अधिक प्रधानमंत्री पर है।'

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार पुरानी सरकार के कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं की जाँच की दिशा में कदम उठा रही है। CAG रिपोर्ट इस जाँच के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। आलोचकों का कहना है कि आपदा राहत में भ्रष्टाचार न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि यह उन पीड़ितों के साथ अन्याय भी है जिन्हें वास्तविक सहायता की जरूरत थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी देखना होगा कि यह बयान सत्ता परिवर्तन के बाद आया है — जो इसके राजनीतिक प्रेरणा के सवाल को अनुत्तरित छोड़ता है। CAG रिपोर्ट एक संवैधानिक संस्था का दस्तावेज़ है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए, लेकिन जाँच की विश्वसनीयता तभी सुनिश्चित होगी जब वह स्वतंत्र एजेंसी द्वारा हो, न कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से प्रेरित। आपदा राहत में भ्रष्टाचार का यह पैटर्न केवल बंगाल की समस्या नहीं है — यह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन तंत्र की जवाबदेही पर बड़ा सवाल उठाता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अम्फान राहत घोटाला क्या है?
CAG की 28वीं रिपोर्ट के अनुसार, 2020 के अम्फान सुपर-साइक्लोन के बाद तत्कालीन TMC सरकार ने नुकसान के आँकड़े वास्तविकता से अधिक दिखाए ताकि केंद्र से ज्यादा राहत राशि मिल सके। यह एक संवैधानिक लेखा परीक्षण संस्था द्वारा लगाया गया गंभीर आरोप है।
रिजु दत्ता कौन हैं और उनकी माँग क्या है?
रिजु दत्ता तृणमूल कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता हैं। उन्होंने CAG रिपोर्ट में उजागर भ्रष्टाचार की सघन जाँच और दोषी नेताओं व अन्य लोगों को कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाने की माँग की है।
CAG की 28वीं रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
CAG की 28वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तत्कालीन TMC सरकार ने अम्फान सुपर-साइक्लोन (2020) से हुई क्षति का अनुमान बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार से अधिक राहत राशि प्राप्त करना बताया गया है।
पश्चिम बंगाल में इस मामले की जाँच कौन कर रहा है?
रिजु दत्ता के अनुसार, नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार इन अनियमितताओं पर नज़र रख रही है। हालाँकि, किसी स्वतंत्र जाँच एजेंसी द्वारा औपचारिक जाँच की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
क्या बंगाल में पहले भी आपदा राहत में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं?
रिजु दत्ता का दावा है कि बंगाल में जब-जब प्राकृतिक आपदा आई है, तब-तब भ्रष्टाचार हुआ है। हालाँकि उन्होंने अम्फान के अलावा अन्य घटनाओं का विशेष उल्लेख नहीं किया। CAG रिपोर्ट फिलहाल अम्फान राहत पर केंद्रित है।
राष्ट्र प्रेस
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