पूर्व TMC प्रवक्ता रिजु दत्ता ने UCC बिल का समर्थन किया, बोले — 'एक देश, एक कानून जरूरी'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने 28 जून 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश होने वाले समान नागरिक संहिता (UCC) बिल का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक देश में एक ही कानून होना चाहिए और विपक्ष को इस बिल का विरोध नहीं करना चाहिए।
रिजु दत्ता का रुख
रिजु दत्ता ने कहा, 'समान नागरिक संहिता भारतीय जनता पार्टी (BJP) के घोषणापत्र का हिस्सा रही है और पार्टी वर्षों से इस पर बात करती आई है। अब पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार है, इसलिए वह UCC लागू कर रही है।' उन्होंने कहा कि देश का संविधान सभी धर्मों के लोगों को समान सुरक्षा देता है और UCC का अर्थ है कि एक ही कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा। उन्होंने यह भी इच्छा व्यक्त की कि विधानसभा में यह बिल सर्वसम्मति से पारित हो।
तारातला हादसे पर प्रतिक्रिया
रिजु दत्ता ने तारातला में हुई दुर्घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि वे लोग केवल अपनी आजीविका के लिए वहाँ गए थे। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने इस मामले की जाँच के लिए एक हाई-पावर्ड SIT का गठन किया है और पाँच-छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुहर्रम और कानून-व्यवस्था
रिजु दत्ता ने पश्चिम बंगाल में इस वर्ष के मुहर्रम जुलूस की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में कुछ स्थानों पर डीजे, तलवारों और अन्य हथियारों के साथ अत्यधिक उत्साह देखा गया था। इस बार सरकार और पुलिस प्रशासन ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए, जिनका सभी ने पालन किया। उन्होंने कहा कि इस बार जुलूस में डीजे और हथियार नहीं दिखे।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का रुख
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि उनकी सरकार धर्मांतरण विरोधी कानून बनाएगी और राज्य में UCC लागू करेगी। उन्होंने कहा था कि राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते घुसपैठ ने धर्मांतरण, 'लव जिहाद' और जनसांख्यिकीय बदलावों को बढ़ावा दिया है। यह घोषणा राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के व्यापक उद्देश्यों के तहत की गई बताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल में UCC बिल पर राजनीतिक बहस अब तेज हो गई है और आने वाले विधानसभा सत्र में इस पर सर्वदलीय रुख स्पष्ट होने की उम्मीद है।