एएमयू छात्र संघ चुनाव 2026: नशरा नईम बनीं पहली महिला उपाध्यक्ष, नोमान अशरफ ने 7,797 वोटों से जीता अध्यक्ष पद
सारांश
मुख्य बातें
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) छात्र संघ के 8 वर्ष बाद हुए ऐतिहासिक चुनावों के नतीजे 6 नवंबर 2026 को घोषित हुए, जिसमें इतिहास विभाग के रिसर्च स्कॉलर नोमान अशरफ अध्यक्ष पद पर विजयी रहे और लॉ की छात्रा नशरा नईम ने उपाध्यक्ष पद जीतकर एएमयू छात्र संघ के इतिहास में पहली महिला के रूप में तीन प्रमुख पदों में से कोई एक पद हासिल करने का कीर्तिमान स्थापित किया। बीटेक छात्र मोहम्मद हमदान मानद सचिव (ऑनररी सेक्रेटरी) पद पर निर्वाचित हुए।
चुनाव प्रक्रिया और मतगणना
5 नवंबर 2026 को 13 मतदान केंद्रों पर मतदान संपन्न हुआ। एएमयू के एबीके स्कूल परिसर में गुरुवार की रात से वोटों की गिनती चलती रही और शुक्रवार सुबह परिणाम घोषित किए गए। यह चुनाव उस लंबे अंतराल के बाद आया जब एएमयू छात्र संघ की चुनावी प्रक्रिया पिछले आठ वर्षों से बाधित थी।
गौरतलब है कि इतने लंबे अंतराल के बाद हुए इन चुनावों को लेकर पूरे परिसर में उत्साह का माहौल था। वोटों की गिनती के अंतिम दौर में जैसे-जैसे नतीजे स्पष्ट हुए, समर्थकों में जोश चरम पर पहुँचा।
अध्यक्ष पद: नोमान अशरफ की बड़ी जीत
इतिहास विभाग के रिसर्च स्कॉलर नोमान अशरफ ने 7,797 वोट हासिल कर अध्यक्ष पद की दौड़ जीती। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद इंतखाब को 4,121 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। जीत की घोषणा होते ही परिसर में नारे लगाए गए और पटाखे फोड़े गए।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष अशरफ ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'आठ साल के लंबे संघर्ष के बाद, आखिरकार हमें यह मौका मिला है, और यह बहुत खुशी का पल है। आप यहां छात्रों के बीच उत्साह और जोश देख सकते हैं।'
नशरा नईम: एएमयू इतिहास में एक नया अध्याय
इस चुनाव का सबसे ऐतिहासिक पहलू उपाध्यक्ष पद पर नशरा नईम की जीत रही। लॉ की छात्रा नईम एएमयू छात्र संघ के इतिहास में पहली महिला बन गई हैं जिन्होंने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव — इन तीन प्रमुख पदों में से किसी एक पर विजय प्राप्त की है। उपाध्यक्ष पद पर सात उम्मीदवार मैदान में थे और साकिब अली खान से उनका मुकाबला कड़ा रहा, परंतु गिनती के आखिरी चरण में नईम ने निर्णायक बढ़त बना ली।
नईम ने अपनी जीत को सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताते हुए कहा, 'मेरा मानना है कि इतने कम समय में, सीमित संसाधनों और एक छोटी-सी टीम के साथ यह मुकाम हासिल करना इसलिए संभव हो पाया क्योंकि हमारे साथ जुड़े लोगों में समर्पण, साहस और ईमानदारी थी।' उन्होंने नेतृत्व को नए सिरे से परिभाषित करने और विश्वविद्यालय के छात्रों की दीर्घकालिक चिंताओं को दूर करने का संकल्प भी जताया।
सचिव पद और आगे की राह
बीटेक छात्र मोहम्मद हमदान मानद सचिव पद पर विजयी रहे। जीत के बाद हमदान ने कहा, 'इतनी बड़ी जीत के साथ एक और भी बड़ी जिम्मेदारी आती है, और मैं इसे निभाने की पूरी कोशिश करूंगा। मैंने जो भी वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए मैं अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करूंगा और पूरे दिल से काम करूंगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति और छात्र संघों की भूमिका पर बहस जारी है। एएमयू छात्र संघ की चुनावी बहाली और उसमें महिला प्रतिनिधित्व का यह पड़ाव अन्य संस्थानों के लिए भी एक संदर्भ बिंदु बन सकता है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने अब उन सभी मुद्दों को सुलझाने की चुनौती होगी जो आठ वर्षों के अंतराल में जमा हुए हैं।