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अनंत विजय को पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान 2025, 3 नवंबर को रायपुर में होगा सम्मान

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अनंत विजय को पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान 2025, 3 नवंबर को रायपुर में होगा सम्मान

सारांश

तीन दशकों की पत्रकारिता, 17 पुस्तकें, स्वर्ण कमल और गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार के बाद अब वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय को छत्तीसगढ़ का पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान 2025 मिलेगा — 3 नवंबर 2026 को रायपुर में राज्योत्सव पर।

मुख्य बातें

वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय को पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान 2025 के लिए चयनित किया गया है।
सम्मान 3 नवंबर 2026 को रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में दिया जाएगा।
अनंत विजय दैनिक जागरण में संपादक-फीचर हैं और पत्रकारिता में तीन दशकों का अनुभव रखते हैं।
वह सिनेमा लेखन के लिए स्वर्ण कमल (राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार) और गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।
अब तक 17 पुस्तकें लिख चुके हैं; 'अमेठी संग्राम' का अनेक भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।
वह FTII, पुणे की कार्य परिषद के उपाध्यक्ष हैं और पद्म सम्मान चयन समिति में नामित रह चुके हैं।

वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय को छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदत्त प्रतिष्ठित 'पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान 2025' के लिए चयनित किया गया है। यह सम्मान उन्हें 3 नवंबर 2026 को रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में दिया जाएगा। पत्रकारिता, साहित्य और सांस्कृतिक लेखन में उनके तीन दशकों से अधिक के योगदान को इस सम्मान के ज़रिए औपचारिक स्वीकृति मिली है।

चयन और समारोह का विवरण

छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अनंत विजय को औपचारिक पत्र भेजकर उनके चयन की सूचना दी गई है। पत्र के अनुसार, समारोह में वह अपने साथ एक सहायक भी ला सकेंगे। रायपुर स्थित जनसंपर्क संचालनालय के सहायक जनसंपर्क अधिकारी कमलेश साहू को उनके एस्कॉर्ट ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया है।

अनंत विजय का पत्रकारिता सफर

अनंत विजय पिछले करीब तीन दशकों से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। वर्तमान में वह देश के प्रमुख समाचारपत्र समूह दैनिक जागरण में संपादक-फीचर के पद पर कार्यरत हैं। वह पिछले 15 वर्षों से दैनिक जागरण में प्रत्येक रविवार को साहित्य, कला और संस्कृति पर नियमित स्तंभ लिखते रहे हैं, और पिछले छह वर्षों से उनका साप्ताहिक स्तंभ नईदुनिया में भी प्रकाशित हो रहा है।

पुरस्कार और उपलब्धियाँ

अनंत विजय को सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अंतर्गत स्वर्ण कमल से नवाज़ा जा चुका है। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार भी उन्हें प्राप्त हो चुका है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें पद्म सम्मान चयन समिति में भी नामित किया गया था।

संस्थागत जिम्मेदारियों की दृष्टि से वह फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे की कार्य परिषद के उपाध्यक्ष हैं और भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला के विजिटिंग फेलो रह चुके हैं।

साहित्यिक योगदान

अनंत विजय अब तक 17 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। उनकी चर्चित पुस्तक 'मार्क्सवाद का अर्धसत्य' ने वैकल्पिक नैरेटिव को नई दिशा दी। 'अमेठी संग्राम' भी व्यापक चर्चा में रही और इसका अंग्रेज़ी सहित कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ। उनकी नई पुस्तकों में 'हिंदी का शुक्ल पक्ष' और 'हिंदी के दिव्य कलाधर' शामिल हैं।

सम्मान का महत्व

पंडित माधव राव सप्रे के नाम पर स्थापित यह राष्ट्रीय सम्मान रचनात्मकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदान किया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब हिंदी पत्रकारिता और साहित्यिक लेखन को संस्थागत मान्यता की माँग बढ़ रही है। अनंत विजय का चयन उनके बहुआयामी लेखन और पत्रकारिता के दीर्घकालिक प्रभाव का प्रमाण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो मुख्यधारा की हिंदी आलोचना में विरले ही होता है। यह सम्मान हिंदी सार्वजनिक बौद्धिकता में बदलते मूल्यांकन मानकों का भी संकेत है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान क्या है?
यह छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा रचनात्मकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाने वाला राष्ट्रीय सम्मान है। इसका नाम हिंदी पत्रकारिता के अग्रदूत पंडित माधव राव सप्रे के नाम पर रखा गया है।
अनंत विजय को यह सम्मान कब और कहाँ मिलेगा?
अनंत विजय को यह सम्मान 3 नवंबर 2026 को रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में प्रदान किया जाएगा।
अनंत विजय को इससे पहले कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
अनंत विजय को सिनेमा लेखन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के तहत स्वर्ण कमल और भारत सरकार का पत्रकारिता में सर्वोच्च सम्मान गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार मिल चुका है। वह पद्म सम्मान चयन समिति में भी नामित रह चुके हैं।
अनंत विजय की प्रमुख पुस्तकें कौन-सी हैं?
अनंत विजय अब तक 17 पुस्तकें लिख चुके हैं। इनमें 'मार्क्सवाद का अर्धसत्य', 'अमेठी संग्राम' (जिसका अंग्रेज़ी सहित कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ), 'हिंदी का शुक्ल पक्ष' और 'हिंदी के दिव्य कलाधर' प्रमुख हैं।
अनंत विजय वर्तमान में किन संस्थाओं से जुड़े हैं?
वह दैनिक जागरण में संपादक-फीचर के पद पर कार्यरत हैं और FTII, पुणे की कार्य परिषद के उपाध्यक्ष हैं। इसके अलावा वह भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला के विजिटिंग फेलो रह चुके हैं।
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