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आंध्र नगर निगम चुनाव: धांधली के बाद 7 ULB के 13 पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा मतदान जारी

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आंध्र नगर निगम चुनाव: धांधली के बाद 7 ULB के 13 पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा मतदान जारी

सारांश

आंध्र प्रदेश में रविवार के नगर निकाय चुनावों में व्यापक बूथ कैप्चरिंग के बाद राज्य चुनाव आयोग ने 5 जिलों के 13 पोलिंग स्टेशनों पर सोमवार को दोबारा मतदान कराया। YSRCP प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने इसे 'लोकतंत्र का काला दिन' कहा; सुबह 11 बजे तक 23.62% मतदान हुआ।

मुख्य बातें

राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने 5 जिलों की 7 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) के 13 पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा मतदान का आदेश दिया।
वाईएसआर कडप्पा जिले में सर्वाधिक 8 पोलिंग स्टेशनों पर पुनर्मतदान; कारण — बूथ कैप्चरिंग और चुनावी धांधली।
पुलिवेंदुला, जम्मालमडुगु और कडप्पा नगर निगम के प्रभावित स्टेशनों पर चुनाव परिणाम रद्द घोषित।
रविवार को 92 ULB में 60.96% मतदान; कुल 96,89,061 मतदाताओं में से 59,06,255 ने वोट डाले।
सोमवार को सुबह 11 बजे तक पुनर्मतदान केंद्रों पर 23.62% मतदान दर्ज।
YSRCP प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने पुलिवेंदुला के सभी 80 पोलिंग स्टेशनों पर पुनर्मतदान की माँग की थी।

आंध्र प्रदेश के पाँच जिलों की सात शहरी स्थानीय निकायों (ULB) के 13 पोलिंग स्टेशनों पर सोमवार, 3 नवंबर 2026 को दोबारा मतदान जारी है। राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने रविवार को हुए नगर निकाय चुनावों के दौरान व्यापक पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग और धांधली की शिकायतों के बाद यह आदेश जारी किया। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ यह मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा।

कहाँ-कहाँ हो रही है दोबारा वोटिंग

वाईएसआर कडप्पा जिले में सबसे अधिक आठ पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा मतदान हो रहा है। इनमें पुलिवेंदुला नगर पालिका के चार वार्ड और जम्मालमडुगु नगर पालिका के तीन वार्ड तथा कडप्पा नगर निगम का एक पोलिंग स्टेशन शामिल है। पालनाडु जिले में दो और अनंतपुर, तिरुपति एवं प्रकाशम जिलों में एक-एक पोलिंग स्टेशन पर पुनर्मतदान का आदेश दिया गया है।

SEC ने क्यों दिया पुनर्मतदान का आदेश

राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने पुलिवेंदुला नगर पालिका के चार पोलिंग स्टेशनों पर रविवार को हुई बूथ कैप्चरिंग का संज्ञान लेते हुए वहाँ के चुनावों को रद्द घोषित किया। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया में गंभीर खामियाँ रहीं और मतदाताओं को उनके मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित किया गया। जम्मालमडुगु और कडप्पा में भी बूथ कैप्चरिंग की पुष्टि के बाद पुनर्मतदान का निर्देश दिया गया।

आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 243ए तथा एपी म्युनिसिपैलिटीज एक्ट, 1965 की धारा 343(2)(A) के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह कार्रवाई की। यह कदम दर्शाता है कि आयोग ने चुनावी अनियमितताओं को अत्यंत गंभीरता से लिया।

जगन मोहन रेड्डी का आरोप और माँग

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को अपने गृहनगर पुलिवेंदुला का दौरा करते हुए आरोप लगाया कि वहाँ के 80 में से 70 पोलिंग स्टेशनों पर YSRCP एजेंटों को या तो प्रवेश नहीं दिया गया या उन्हें जबरन बाहर कर दिया गया। उन्होंने पुलिवेंदुला के सभी पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा मतदान की माँग करते हुए इसे 'लोकतंत्र के लिए काला दिन' करार दिया।

हालाँकि आयोग ने उनकी पूरी माँग नहीं मानी और केवल उन्हीं चार पोलिंग स्टेशनों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया जहाँ बूथ कैप्चरिंग के पुख्ता प्रमाण मिले।

रविवार के चुनाव में मतदान का आँकड़ा

रविवार को 92 शहरी स्थानीय निकायों में कुल 60.96 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। 96,89,061 पंजीकृत मतदाताओं में से 59,06,255 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह चुनाव 13 नगर निगमों के मेयर पदों, 70 नगर पालिकाओं के चेयरपर्सन और सभी वार्ड सदस्यों के लिए कराया गया था। 13 पोलिंग स्टेशनों पर सोमवार को सुबह 11 बजे तक 23.62 प्रतिशत मतदान हो चुका था।

सुरक्षा व्यवस्था और विशेष निर्देश

पुनर्मतदान के दौरान स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी 13 पोलिंग स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है। SEC ने विशेष निर्देश दिया है कि इस दौरान मतदाताओं की बाईं हाथ की मध्यमा उँगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी, ताकि दोहरे मतदान की कोई गुंजाइश न रहे।

गौरतलब है कि नगर निकाय चुनावों में बूथ कैप्चरिंग की घटनाएँ राज्य में पहली बार नहीं हुई हैं — यह मुद्दा आंध्र प्रदेश की स्थानीय निकाय चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। परिणाम घोषित होने के बाद स्पष्ट होगा कि यह दोबारा मतदान राजनीतिक संतुलन पर कितना असर डालता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पहली बार में ही इतने व्यापक स्तर पर बूथ कैप्चरिंग कैसे हुई। YSRCP का आरोप है कि 80 में से 70 बूथों पर उनके एजेंटों को हटाया गया — यदि यह आँशिक रूप से भी सत्य है, तो चुनाव प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच टेलीगु देशम पार्टी-YSRCP की पुरानी प्रतिद्वंद्विता के बीच नगर निकाय चुनाव हमेशा तनावपूर्ण रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में, केवल तकनीकी पुनर्मतदान काफी नहीं — जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश में 13 पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा मतदान क्यों हो रहा है?
राज्य चुनाव आयोग ने रविवार को हुए नगर निकाय चुनावों में बूथ कैप्चरिंग और व्यापक धांधली की शिकायतों के बाद 5 जिलों के 13 पोलिंग स्टेशनों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया। प्रभावित स्टेशनों पर मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित किया गया था, जिसे आयोग ने असंवैधानिक माना।
दोबारा मतदान किन जिलों में हो रहा है?
पुनर्मतदान वाईएसआर कडप्पा (8 स्टेशन), पालनाडु (2 स्टेशन), अनंतपुर, तिरुपति और प्रकाशम (प्रत्येक 1 स्टेशन) में हो रहा है। इनमें पुलिवेंदुला, जम्मालमडुगु और कडप्पा नगर निगम के वार्ड शामिल हैं।
जगन मोहन रेड्डी ने क्या माँग की और आयोग ने क्या फैसला किया?
YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने पुलिवेंदुला के सभी 80 पोलिंग स्टेशनों पर पुनर्मतदान की माँग की थी और आरोप लगाया कि 70 बूथों से उनके एजेंटों को हटाया गया। आयोग ने केवल उन 4 स्टेशनों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया जहाँ बूथ कैप्चरिंग की पुष्टि हुई।
रविवार को आंध्र प्रदेश नगर निकाय चुनावों में कितना मतदान हुआ?
रविवार को 92 शहरी स्थानीय निकायों में 60.96 प्रतिशत मतदान हुआ। 96,89,061 पंजीकृत मतदाताओं में से 59,06,255 ने वोट डाले। यह चुनाव 13 नगर निगमों के मेयर, 70 नगर पालिकाओं के चेयरपर्सन और सभी वार्ड सदस्यों के लिए था।
दोबारा मतदान में किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था है?
सभी 13 पोलिंग स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है। SEC ने विशेष आदेश दिया है कि इस बार मतदाताओं की बाईं हाथ की मध्यमा उँगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी ताकि दोहरे मतदान की संभावना पूरी तरह समाप्त हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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