सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी के आरकॉम लोन घोटाले की जांच के लिए तेज और निष्पक्ष प्रक्रिया की दी आवश्यकता

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सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी के आरकॉम लोन घोटाले की जांच के लिए तेज और निष्पक्ष प्रक्रिया की दी आवश्यकता

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े लोन घोटाले की जांच में निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जोर दिया। अदालत ने कहा कि जांच समय पर होनी चाहिए और सभी एजेंसियों को मिलकर काम करना चाहिए।

Key Takeaways

  • सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी के लोन घोटाले की जांच की आवश्यकता को बताया।
  • जांच को निष्पक्ष और समयबद्ध होना चाहिए।
  • सीबीआई और ईडी को मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से जुड़े एक बड़े बैंक लोन घोटाले की जांच को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि यह जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और निश्चित समय के भीतर पूरी होनी चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता में बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि सच्चाई को उजागर किया जा सके। कोर्ट ने कहा कि जांच का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे न्यायपालिका और आम जनता, दोनों का विश्वास बना रहे।

इस बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल थे, जिन्होंने कहा कि जांच समयबद्ध होनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि अब तक क्या कार्रवाई की गई है और क्या निष्कर्ष निकले हैं। किसी भी एजेंसी की ढिलाई को कोर्ट ने अस्वीकार किया।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मामले में किसी की गिरफ्तारी का आदेश नहीं दे सकती, हालांकि उसने जांच की धीमी प्रगति को लेकर चिंता व्यक्त की।

सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि पर्याप्त सबूत होने के बावजूद सीबीआई ने अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। वहीं, सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि कुछ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और लगभग 15,000 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया कि सच्चाई सामने लाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

कोर्ट ने ईडी को दूसरी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति दी और सभी संबंधित वित्तीय संस्थानों को जांच में पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी।

यह मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और उसकी सहयोगी कंपनियों से जुड़े कथित बड़े वित्तीय घोटाले और लोन के दुरुपयोग से संबंधित है। पहले भी, अदालत ने इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाने और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए थे।

इस बीच, सीबीआई ने हाल ही में जांच में तेजी लाई है। एजेंसी के अनुसार, अनिल अंबानी ग्रुप के कई बड़े अधिकारियों से पूछताछ की गई है। 21 मार्च को गौतम दोशी और सतीश सेठ से पूछताछ की गई, जबकि अमिताभ झुनझुनवाला से पहले ही सवाल-जवाब किए जा चुके हैं।

जांच में आरोप है कि 2013 से 2017 के बीच जटिल वित्तीय लेनदेन के माध्यम से लोन के पैसे का गलत इस्तेमाल किया गया, जिससे बैंकों को भारी नुकसान हुआ। अनिल अंबानी से भी इस मामले में कई बार पूछताछ हो चुकी है।

Point of View

जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। यह दर्शाता है कि न्यायपालिका वित्तीय मामलों में भी सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार है।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

अनिल अंबानी के खिलाफ क्या आरोप हैं?
उन्हें रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी सहयोगी कंपनियों के लोन के दुरुपयोग के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
कोर्ट ने जांच को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए एजेंसियों को एकजुट होकर काम करने को कहा है।
सीबीआई ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
सीबीआई ने कुछ गिरफ्तारियां की हैं और संपत्तियां जब्त की हैं, लेकिन अभी तक कोई मुख्य गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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