27 अक्टूबर 2026
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अंजलि अरोड़ा पर कानपुर कोर्ट में धोखाधड़ी की शिकायत, 12 मिनट में शो छोड़ने का आरोप

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अंजलि अरोड़ा पर कानपुर कोर्ट में धोखाधड़ी की शिकायत, 12 मिनट में शो छोड़ने का आरोप

सारांश

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा कानपुर कोर्ट में आपराधिक शिकायत का सामना कर रही हैं। आरोप है कि ₹3 लाख के अनुबंध वाले कार्यक्रम में वह केवल 12 मिनट परफॉर्म करके चली गईं। आयोजक अमन निगम का दावा है कि आयोजन पर ₹18-20 लाख खर्च हुए और सभी व्यवस्थाएँ पूरी थीं।

मुख्य बातें

इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा के खिलाफ कानपुर एसीजेएम-5 अदालत में आपराधिक परिवाद दाखिल।
15 अक्टूबर के कार्यक्रम में कथित तौर पर केवल 12 मिनट में मंच छोड़ने का आरोप।
आयोजक अमन निगम ने ₹3 लाख में अनुबंध किया था; पूरे आयोजन पर ₹18-20 लाख खर्च का दावा।
22 अक्टूबर और 24 अक्टूबर को पुलिस को शिकायत दी गई, एफआईआर न होने पर कोर्ट का रुख किया।
अदालत ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने के लिए 5 नवंबर की तारीख तय की।
अंजलि अरोड़ा ने होटल में सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया था; आयोजक ने आरोपों को निराधार बताया।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा के खिलाफ कानपुर की एसीजेएम-5 अदालत में 27 अक्टूबर 2026 को एक आपराधिक परिवाद दाखिल किया गया है। इवेंट आयोजक अमन निगम का आरोप है कि 15 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में अंजलि अरोड़ा महज करीब 12 मिनट की प्रस्तुति के बाद मंच से चली गईं, जबकि अनुबंध के तहत उन्हें निर्धारित अवधि तक परफॉर्म करना था। अदालत ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने के लिए 5 नवंबर की अगली तारीख मुकर्रर की है।

मुख्य घटनाक्रम

लाजपत भवन, कानपुर में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए आयोजक अमन निगम ने अंजलि अरोड़ा के साथ ₹3 लाख में अनुबंध किया था। इसके अतिरिक्त चार-पाँच लोगों के हवाई टिकट, होटल और पाँच वाहनों की व्यवस्था भी की गई थी। शिकायतकर्ता के वकील करीम अहमद के अनुसार, पूरे आयोजन पर ₹18 से 20 लाख का खर्च हुआ।

वकील ने बताया कि अंजलि अरोड़ा शाम छह बजे होटल पहुँच गई थीं, परंतु उन्हें रात नौ बजे तक मंच पर पहुँचना था। आरोप है कि वह रात 9:45 बजे तक होटल से रवाना नहीं हुईं। उल्लेखनीय है कि होटल से कार्यक्रम स्थल की दूरी लगभग दस मिनट की बताई जाती है।

पुलिस शिकायत और अदालत तक का सफर

वकील करीम अहमद ने बताया कि 22 अक्टूबर को स्वरूपनगर थाने के अध्यक्ष को एफआईआर के लिए आवेदन दिया गया था। इसके बाद 24 अक्टूबर को पुलिस कमिश्नर को भी लिखित शिकायत सौंपी गई और मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर भी आवेदन अपलोड किया गया। कहीं से भी एफआईआर दर्ज न होने के बाद अदालत में आपराधिक परिवाद दाखिल करना पड़ा।

आयोजक के तर्क और साक्ष्य

निगम ने अंजलि अरोड़ा द्वारा वाहन न मिलने के आरोप को सिरे से खारिज किया और दावा किया कि उनके पास वाहन की व्यवस्था का वीडियो मौजूद है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में देरी और मंच पर व्यवहार से जुड़ी सामग्री अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। निगम ने कानपुर के लोगों का आभार जताया और अंजलि अरोड़ा से अपनी गलती स्वीकार करने की अपील की।

अंजलि अरोड़ा का पक्ष

कथित तौर पर अंजलि अरोड़ा ने कार्यक्रम के बाद होटल में अनजान लोगों के घुस आने को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएँ जताई थीं। उन्होंने कानपुर में सेलिब्रिटी के आने को लेकर भी कुछ सवाल उठाए थे, जिस पर आयोजक ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस मामले में अंजलि अरोड़ा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

अदालत में 5 नवंबर को शिकायतकर्ता का बयान दर्ज होना है, जिसके बाद अदालत आगे की कार्यवाही पर निर्णय लेगी। यह मामला इन्फ्लुएंसर इकॉनमी में इवेंट अनुबंधों के पालन और कानूनी जवाबदेही के व्यापक सवाल को भी सामने लाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन प्रदर्शन की गारंटी देने वाला कोई मानक ढाँचा मौजूद नहीं है। पुलिस द्वारा एफआईआर से इनकार और अदालत तक पहुँचने की मजबूरी यह भी बताती है कि इस तरह के व्यावसायिक विवादों में आम आयोजकों को न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है। जब तक इन्फ्लुएंसर अनुबंधों में प्रदर्शन-बाध्यता और दंड-प्रावधान स्पष्ट नहीं होंगे, ऐसे मामले बढ़ते रहेंगे।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंजलि अरोड़ा पर कानपुर में क्या आरोप लगाए गए हैं?
इवेंट आयोजक अमन निगम ने आरोप लगाया है कि अंजलि अरोड़ा ने 15 अक्टूबर के कार्यक्रम में अनुबंध के अनुसार निर्धारित समय तक परफॉर्म नहीं किया और केवल करीब 12 मिनट में मंच छोड़ दिया। आयोजकों ने इसे जानबूझकर किया गया धोखाधड़ी का कृत्य बताते हुए कानपुर एसीजेएम-5 अदालत में आपराधिक परिवाद दाखिल किया है।
कानपुर कोर्ट में अगली सुनवाई कब है?
एसीजेएम-5 अदालत ने शिकायतकर्ता अमन निगम का बयान दर्ज करने के लिए 5 नवंबर 2026 की तारीख तय की है। उसके बाद अदालत आगे की कार्यवाही पर निर्णय लेगी।
आयोजक ने कार्यक्रम पर कितना खर्च किया था?
शिकायतकर्ता के वकील करीम अहमद के अनुसार पूरे आयोजन पर करीब ₹18 से 20 लाख रुपए खर्च हुए। अंजलि अरोड़ा के लिए ₹3 लाख का अनुबंध था, साथ ही हवाई टिकट, होटल और पाँच वाहनों की व्यवस्था अलग से की गई थी।
अंजलि अरोड़ा ने अपने पक्ष में क्या कहा?
कथित तौर पर अंजलि अरोड़ा ने कार्यक्रम के बाद होटल में अनजान लोगों के घुस आने को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएँ जताई थीं। उन्होंने वाहन न मिलने का भी आरोप लगाया, जिसे आयोजक ने वीडियो साक्ष्य के हवाले से गलत बताया।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की?
शिकायतकर्ता के वकील के अनुसार 22 अक्टूबर को स्वरूपनगर थाने और 24 अक्टूबर को पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी गई, साथ ही मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर भी आवेदन किया गया। कहीं से एफआईआर दर्ज न होने पर उन्हें अदालत में आपराधिक परिवाद दाखिल करना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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