सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की पेरोल बढ़ाने से किया इनकार, शाम 5 बजे तक जेल लौटने का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने 27 अक्टूबर 2026 को राजस्थान में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी आसाराम की पेरोल विस्तार याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आसाराम को उसी दिन शाम 5 बजे तक जेल में आत्मसमर्पण करना होगा। इस आदेश के साथ ही पिछले 20 दिनों से पेरोल पर बाहर रह रहे आसाराम की रिहाई का सिलसिला थम गया।
मेडिकल आधार पर माँगी थी पेरोल की मोहलत
आसाराम के वकील ने सर्वोच्च न्यायालय में दलील दी थी कि उनके मुवक्किल को मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें चिकित्सा उपचार दिया जा रहा है। इसी आधार पर पेरोल की अवधि और बढ़ाने का अनुरोध किया गया था।
हालाँकि, सर्वोच्च न्यायालय ने यह याचिका स्वीकार नहीं की। साथ ही कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह जेल में आसाराम के स्वास्थ्य का उचित ध्यान रखे, ताकि आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
पेरोल का पूरा घटनाक्रम
राजस्थान उच्च न्यायालय ने 3 अगस्त को आसाराम को 20 दिन की पेरोल मंजूर की थी। एक अन्य मामले के कारण रिहाई में विलंब हुआ, जिसके बाद अदालत ने 6 अक्टूबर को राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह अपने पूर्व आदेश का पालन करते हुए आसाराम को तत्काल पेरोल पर रिहा करे और इस संबंध में एक अनुपालन रिपोर्ट भी सौंपे।
इसके बाद आसाराम को 20 दिन की पेरोल पर रिहा किया गया। इस अवधि के दौरान वह उज्जैन पहुँचे, जहाँ उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब मंगलवार को पेरोल की अवधि समाप्त होते ही सर्वोच्च न्यायालय का यह आदेश आया।
आसाराम के खिलाफ दर्ज मामले
गौरतलब है कि 2018 में जोधपुर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने आसाराम को एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तब से वह यह सजा काट रहे हैं। बीच-बीच में उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल जाने की अनुमति दी जाती रही है।
इसके अतिरिक्त, जनवरी 2023 में गांधीनगर की एक अदालत ने सूरत की दो बहनों से जुड़े यौन उत्पीड़न के एक अलग मामले में भी आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह ऐसे समय में आया है जब यौन अपराधों में न्यायिक सख्ती की माँग पूरे देश में उठ रही है।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आसाराम को अब राजस्थान की जेल में वापस लौटना होगा। राजस्थान सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि जेल के भीतर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलती रहें। भविष्य में किसी भी पेरोल या चिकित्सा राहत की माँग पर न्यायालय की सख्त नज़र बनी रहेगी।