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आसाराम की जमानत याचिका: सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से माँगी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट

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आसाराम की जमानत याचिका: सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से माँगी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर एम्स से स्वतंत्र मेडिकल रिपोर्ट माँगी है। राजस्थान सरकार ने जमानत का विरोध किया और कहा कि आसाराम हाल ही में अयोध्या-काशी में पैदल घूमे थे। एम्स रिपोर्ट के बाद ही अदालत अंतिम फैसला सुनाएगी।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 21 जुलाई को आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर एम्स से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तलब की।
आसाराम को 2018 में जोधपुर विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे राजस्थान उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा।
राजस्थान सरकार ने जमानत का विरोध किया; सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि आसाराम तीन महीने पहले अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर में पैदल घूमे थे।
आसाराम को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव की शिकायत है, जो अभी अस्थायी बताई गई है और उपचार जारी है।
आसाराम ने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण किया था; गुजरात में एक अन्य मामले में भी उम्रकैद की सजा है।

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार, 21 जुलाई को उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी स्वयंभू संत आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तलब की है। जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत द्वारा 2018 में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए आसाराम ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की माँग की है।

मामले की पृष्ठभूमि

आसाराम को जोधपुर स्थित विशेष पॉक्सो अदालत ने वर्ष 2018 में अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी इस सजा को बरकरार रखा। इसके अतिरिक्त, आसाराम गुजरात में एक महिला शिष्या के साथ यौन उत्पीड़न के एक अलग मामले में भी उम्रकैद की सजा भुगत रहे हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अंतरिम मेडिकल जमानत पर बाहर रहे आसाराम ने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण किया था।

राजस्थान सरकार का पक्ष

राजस्थान सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि आसाराम फिलहाल स्वस्थ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि करीब तीन महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर गए थे, जहाँ उन्होंने पैदल भ्रमण भी किया था। मेहता ने स्वीकार किया कि आसाराम को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पाचन तंत्र) संबंधी समस्या के कारण रक्तस्राव की शिकायत है, जो अभी अस्थायी प्रतीत होती है और उनका उपचार जारी है। राजस्थान सरकार ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका का विरोध किया है।

आसाराम के वकील की दलील

आसाराम की ओर से पेश वकील ने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर है और वे अभी भी उच्च जोखिम की श्रेणी में हैं। उन्होंने अंतरिम जमानत देने की माँग करते हुए कहा कि जेल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व की सुनवाई में स्पष्ट किया था, 'यदि उनकी हालत इतनी गंभीर नहीं है तो बात अलग है, लेकिन यदि स्थिति गंभीर हुई तो हम नहीं चाहते कि बाद में किसी पर आरोप लगे।' अदालत ने कहा था कि यदि स्वास्थ्य स्थिति वास्तव में गंभीर पाई जाती है, तो केवल उपचार के उद्देश्य से सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है। इसी क्रम में अदालत ने एम्स से विस्तृत और स्वतंत्र मेडिकल रिपोर्ट माँगी है, ताकि वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके।

आगे की सुनवाई

एम्स की मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय अंतरिम जमानत पर अपना अंतिम निर्णय सुनाएगा। यह मामला न्यायिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी को स्वास्थ्य आधार पर राहत देने की सीमाएँ तय होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न ही राज्य सरकार के विरोध को अंतिम मान रही है। गौरतलब है कि 'मेडिकल जमानत' का दुरुपयोग भारतीय न्यायिक इतिहास में कोई नई बात नहीं है — कई हाई-प्रोफाइल मामलों में स्वास्थ्य आधार पर मिली राहत बाद में विवादास्पद साबित हुई है। इस पृष्ठभूमि में अदालत की सावधानी समझ में आती है, लेकिन अंतिम निर्णय एम्स की निष्पक्ष रिपोर्ट पर ही टिका होगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका क्या है?
आसाराम ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में अंतरिम जमानत की माँग की है। वे जोधपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 2018 से उम्रकैद की सजा काट रहे हैं और उनके वकील का कहना है कि उनकी स्थिति गंभीर है।
सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से मेडिकल रिपोर्ट क्यों माँगी?
अदालत ने स्वतंत्र और विशेषज्ञ राय के लिए एम्स से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तलब की है, क्योंकि आसाराम के वकील और राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य संबंधी दावे परस्पर विरोधी हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि स्थिति वास्तव में गंभीर हुई तो सीमित अवधि की जमानत पर विचार हो सकता है।
राजस्थान सरकार ने जमानत का विरोध क्यों किया?
राजस्थान सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आसाराम तीन महीने पहले अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर में पैदल घूमे थे, जो गंभीर बीमारी का संकेत नहीं देता। सरकार का मानना है कि मौजूदा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या अस्थायी है और उपचार जारी है।
आसाराम पर कितने मामले हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है?
आसाराम जोधपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और गुजरात में एक महिला शिष्या के यौन उत्पीड़न — दो अलग मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्होंने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण किया था।
आसाराम की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई कब होगी?
एम्स की मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय अंतरिम जमानत पर अंतिम निर्णय करेगा। अभी अदालत ने कोई तारीख तय नहीं की है और रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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