17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से 21 जुलाई तक मांगा जवाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से 21 जुलाई तक मांगा जवाब

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की मेडिकल जमानत याचिका पर राजस्थान सरकार को 21 जुलाई तक जवाब देने का निर्देश दिया। सरकार का कहना है आसाराम हाल में तीर्थ यात्रा पर पैदल घूमे; बचाव पक्ष स्थिति को गंभीर बता रहा है। 2013 पॉक्सो मामले में उम्रकैद की सजा बरकरार है।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 17 जुलाई को आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर राजस्थान सरकार से 21 जुलाई तक जवाब माँगा।
सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी.
वराले की पीठ मामले की सुनवाई कर रही है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा — आसाराम तीन महीने पहले अयोध्या और काशी में पैदल घूमे; स्थिति गंभीर नहीं।
आसाराम के वकील का दावा — स्वास्थ्य स्थिति गंभीर है और वे उच्च जोखिम में हैं।
अदालत ने कहा — यदि स्थिति सच में गंभीर हुई तो सीमित अवधि की इलाज-आधारित जमानत पर विचार संभव।
आसाराम 2013 के नाबालिग दुष्कर्म मामले और गुजरात के यौन उत्पीड़न मामले — दोनों में उम्रकैद काट रहे हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार, 17 जुलाई को दोषसिद्ध स्वयंभू संत आसाराम बापू की स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत की याचिका पर राजस्थान सरकार से जवाब तलब किया और निर्देश दिया कि राज्य सरकार आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर 21 जुलाई तक अदालत को बताए कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति अंतरिम जमानत के योग्य है या नहीं। यह मामला 2013 के नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें आसाराम उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ आसाराम की उस विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई कर रही है, जो राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ के 27 मई के फैसले को चुनौती देती है। उस फैसले में हाईकोर्ट ने 2013 के नाबालिग दुष्कर्म मामले में आसाराम की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। इसी याचिका के साथ आसाराम ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर अंतरिम जमानत की भी माँग की है।

गौरतलब है कि जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने 2018 में आसाराम को अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, वे गुजरात में अपनी एक महिला शिष्या के साथ यौन उत्पीड़न के एक अलग मामले में भी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

सरकार और बचाव पक्ष के तर्क

राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि आसाराम फिलहाल स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि करीब तीन महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर गए थे, जहाँ उन्होंने पैदल भ्रमण भी किया था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आसाराम को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पाचन तंत्र) संबंधी समस्या के कारण रक्तस्राव की शिकायत है, जो अभी अस्थायी प्रतीत होती है और उनका इलाज जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार संबंधित अधिकारियों से ताजा निर्देश लेकर अपना पक्ष अदालत के सामने रखेगी।

दूसरी ओर, आसाराम के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर है और वे अभी भी उच्च जोखिम में हैं।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, "यदि उनकी हालत इतनी गंभीर नहीं है तो बात अलग है, लेकिन यदि स्थिति गंभीर हुई तो हम नहीं चाहते कि बाद में किसी पर आरोप लगे।" अदालत ने स्पष्ट किया कि वह पहले राज्य सरकार की मेडिकल रिपोर्ट पर आधारित राय का इंतजार करेगी। यदि स्वास्थ्य स्थिति वास्तव में गंभीर पाई जाती है, तो केवल इलाज के उद्देश्य से सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है।

आत्मसमर्पण और पूर्व स्थिति

हाईकोर्ट के 27 मई के फैसले के बाद अंतरिम मेडिकल जमानत पर बाहर चल रहे आसाराम ने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण कर दिया था। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी सर्वोच्च न्यायालय ने एसएलपी पर नोटिस जारी करते हुए अंतरिम मेडिकल जमानत देने से इनकार किया था और कहा था कि पहले राज्य सरकार का पक्ष सुना जाएगा।

आगे की सुनवाई

सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान सरकार को 21 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई भी उसी दिन निर्धारित की है। अब यह देखना होगा कि सरकार की मेडिकल रिपोर्ट क्या कहती है और अदालत उस आधार पर जमानत अर्जी पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं सरकार के अनुसार आसाराम हाल ही में तीर्थ यात्रा पर पैदल घूमे। सर्वोच्च न्यायालय की यह सतर्कता — कि 'बाद में किसी पर आरोप न लगे' — न्यायिक जवाबदेही की दृष्टि से सराहनीय है, लेकिन पीड़िता और उसके परिवार के लिए हर नई सुनवाई एक और इंतजार है। यह मामला यह भी रेखांकित करता है कि पॉक्सो जैसे गंभीर अपराधों में दोषसिद्धि के बाद जमानत प्रक्रिया कितनी दीर्घकालिक और थकाऊ हो सकती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
सर्वोच्च न्यायालय ने 17 जुलाई को राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट की जाँच कर 21 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करे। अदालत ने कहा कि यदि स्वास्थ्य स्थिति वास्तव में गंभीर पाई जाती है, तो केवल इलाज के उद्देश्य से सीमित अवधि की अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है।
आसाराम किस मामले में सजा काट रहे हैं?
आसाराम को 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने 2013 के नाबालिग दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को बरकरार रखा। इसके अलावा वे गुजरात में एक महिला शिष्या के साथ यौन उत्पीड़न के अलग मामले में भी उम्रकैद काट रहे हैं।
राजस्थान सरकार ने आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में क्या कहा?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि आसाराम फिलहाल स्वस्थ हैं और करीब तीन महीने पहले अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर में पैदल भ्रमण कर चुके हैं। उन्होंने माना कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या के कारण रक्तस्राव की शिकायत है, जो अस्थायी प्रतीत होती है और इलाज जारी है।
आसाराम ने जोधपुर जेल में आत्मसमर्पण कब किया?
राजस्थान हाईकोर्ट के 27 मई के फैसले के बाद आसाराम ने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण किया। इससे पहले वे अंतरिम मेडिकल जमानत पर बाहर थे।
इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की है, जिस दिन राजस्थान सरकार को मेडिकल रिपोर्ट सहित अपना जवाब दाखिल करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 घंटे पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले