26 अगस्त 2026
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जफर इस्लाम का ओवैसी पर हमला: 'बांटने की राजनीति बंद करें, भारत धर्मशाला नहीं'

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जफर इस्लाम का ओवैसी पर हमला: 'बांटने की राजनीति बंद करें, भारत धर्मशाला नहीं'

सारांश

BJP नेता जफर इस्लाम ने एक ही प्रेस वार्ता में ओवैसी को हिजाब, UCC और घुसपैठ — तीनों मोर्चों पर घेरा। उनका सीधा आरोप: ओवैसी राजनीतिक प्रासंगिकता के लिए मुस्लिम समाज में भ्रम फैलाते हैं। साथ ही कर्नाटक CM और कांग्रेस को वंदे मातरम पर कठघरे में खड़ा किया।

मुख्य बातें

सैयद जफर इस्लाम ने 26 अगस्त को नई दिल्ली में ओवैसी पर 'बाँटने की राजनीति' का आरोप लगाया।
हिजाब मामले में उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन को उच्च न्यायालय के आदेश और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाना चाहिए।
वंदे मातरम के सभी छह पद गाना संसद-पारित कानून है — कर्नाटक CM डीके शिवकुमार के दो-छंद वाले बयान को गलत ठहराया।
UCC पर ओवैसी के बयान को जफर इस्लाम ने 'राजनीतिक प्रासंगिकता की कोशिश' बताया।
दिल्ली की समृद्धि योजना और CM रेखा गुप्ता की महिला-सहायता पहल का स्वागत किया; SP के ₹ 40,000 वाले वादे पर पिछले शासन का हवाला देकर सवाल उठाए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता डॉ. सैयद जफर इस्लाम ने 26 अगस्त को नई दिल्ली में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा पलटवार किया। जफर इस्लाम ने आरोप लगाया कि ओवैसी हिजाब विवाद और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जानबूझकर समाज को बाँटने वाले बयान देते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी भी अवैध घुसपैठिए के लिए 'धर्मशाला' नहीं है।

हिजाब विवाद पर जफर इस्लाम का रुख

स्कूलों में हिजाब पहनने के मामले पर जफर इस्लाम ने कहा कि हर समाज की अपनी परंपरा, आस्था और धार्मिक मान्यताएँ होती हैं, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों में एक निर्धारित प्रोटोकॉल होता है। उनके अनुसार, स्कूल प्रशासन को यह अधिकार होना चाहिए कि वह ड्रेस और अन्य व्यवस्थाएँ स्वयं तय करे। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन को उच्च न्यायालय के आदेश और छात्रों की धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाते हुए कोई व्यावहारिक रास्ता निकालना चाहिए, क्योंकि यह मामला आस्था से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील है।

वंदे मातरम और कर्नाटक विवाद

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस बयान पर — कि वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो छंद गाए जाएँगे — जफर इस्लाम ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह संसद से पारित कानून है और देश के प्रत्येक नागरिक को वंदे मातरम के सभी छह पद गाने का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति कानून का पालन करने से इनकार करता है, वह व्यावहारिक रूप से देश के कानून को अस्वीकार करता है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस से सीधा सवाल किया कि वह देश के साथ खड़ी है या विरोध में।

अवैध घुसपैठ पर सरकार का रुख

केंद्रीय गृह मंत्री के बयान का समर्थन करते हुए जफर इस्लाम ने कहा कि भारत के संसाधनों पर पहला अधिकार यहाँ के नागरिकों का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अन्य देश से आया अवैध घुसपैठिया भारतीय नागरिकों की सुविधाओं और अधिकारों का लाभ नहीं उठा सकता। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय अवैध रूप से देश में रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस भेजने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

UCC पर ओवैसी के बयान का खंडन

ओवैसी ने UCC को 'समानता के बजाय एकरूपता' बताते हुए मुस्लिम समुदाय के व्यक्तिगत कानूनों पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में जफर इस्लाम ने कहा कि ओवैसी इस्लाम को समझते हैं, लेकिन कई बार वे ऐसे बयान देते हैं जो उनके अनुसार इस्लामी दृष्टिकोण से भी मेल नहीं खाते। उनका आरोप था कि ओवैसी केवल अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए ऐसे विवादास्पद बयान देते हैं, जिससे मुस्लिम समाज में भ्रम और उत्तेजना पैदा होती है।

महिला कल्याण और चुनावी वादे

दिल्ली में लागू समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को दी गई आर्थिक सहायता की जफर इस्लाम ने सराहना की और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की इस पहल का स्वागत किया। वहीं, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (SP) द्वारा सरकार बनने पर महिलाओं को ₹40,000 देने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि ऐसे वादों का स्वागत होना चाहिए, लेकिन सपा के पिछले शासनकाल में महिला कल्याण के लिए पर्याप्त काम नहीं हुआ। उनका कहना था कि मतदाता यह भली-भाँति जानता है कि चुनावी वादों और वास्तविक शासन के बीच कितना फर्क होता है। यह टकराव ऐसे समय में आया है जब देश में UCC, हिजाब और राष्ट्रगान जैसे मुद्दे राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक ही प्रेस वार्ता में हिजाब, UCC, वंदे मातरम और घुसपैठ को एक साथ उठाना संकेत देता है कि BJP इन मुद्दों को एकजुट राजनीतिक आख्यान में पिरोना चाहती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जफर इस्लाम ने स्कूल प्रशासन को हाई कोर्ट के आदेश और धार्मिक भावनाओं के बीच 'संतुलन' बनाने की सलाह दी — जो न्यायिक आदेश की पूर्ण अनुपालना से कुछ अलग रुख है। कांग्रेस और SP पर निशाना साधते हुए उन्होंने महिला कल्याण को भी BJP के पक्ष में भुनाने की कोशिश की, जो आगामी चुनावी मौसम को देखते हुए सुनियोजित प्रतीत होता है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जफर इस्लाम ने ओवैसी पर क्या आरोप लगाए?
BJP नेता डॉ. सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि ओवैसी हिजाब और UCC जैसे मुद्दों पर जानबूझकर समाज को बाँटने वाले बयान देते हैं और यह केवल अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश है। उनके अनुसार इससे मुस्लिम समाज में भ्रम और उत्तेजना फैलती है।
हिजाब विवाद पर जफर इस्लाम का क्या कहना है?
जफर इस्लाम ने कहा कि स्कूल प्रशासन को उच्च न्यायालय के आदेश और छात्रों की धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाकर व्यवस्था लागू करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के बजाय स्कूल प्रशासन को ड्रेस और अन्य व्यवस्थाएँ तय करने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
वंदे मातरम विवाद में जफर इस्लाम ने कर्नाटक CM पर क्या कहा?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के 'केवल दो छंद गाए जाएँगे' वाले बयान को जफर इस्लाम ने गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के सभी छह पद गाना संसद-पारित कानून है और हर नागरिक को इसका पालन करना अनिवार्य है।
UCC पर ओवैसी और जफर इस्लाम के बीच क्या मतभेद है?
ओवैसी ने UCC को 'समानता के बजाय एकरूपता' बताते हुए मुस्लिम व्यक्तिगत कानूनों पर सवाल उठाए थे। जफर इस्लाम ने इसे खारिज करते हुए कहा कि ओवैसी के ऐसे बयान इस्लामी दृष्टिकोण से भी मेल नहीं खाते और यह महज राजनीतिक स्टंट है।
दिल्ली की समृद्धि योजना और SP के महिला वादे पर जफर इस्लाम ने क्या कहा?
जफर इस्लाम ने दिल्ली CM रेखा गुप्ता की समृद्धि योजना का स्वागत किया। SP के उत्तर प्रदेश में सरकार बनने पर महिलाओं को ₹40,000 देने के वादे को उन्होंने 'चुनावी घोषणा' बताया और कहा कि सपा ने अपने पिछले शासनकाल में महिला कल्याण के लिए पर्याप्त काम नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
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