जफर इस्लाम का ओवैसी पर हमला: 'बांटने की राजनीति बंद करें, भारत धर्मशाला नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता डॉ. सैयद जफर इस्लाम ने 26 अगस्त को नई दिल्ली में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा पलटवार किया। जफर इस्लाम ने आरोप लगाया कि ओवैसी हिजाब विवाद और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जानबूझकर समाज को बाँटने वाले बयान देते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी भी अवैध घुसपैठिए के लिए 'धर्मशाला' नहीं है।
हिजाब विवाद पर जफर इस्लाम का रुख
स्कूलों में हिजाब पहनने के मामले पर जफर इस्लाम ने कहा कि हर समाज की अपनी परंपरा, आस्था और धार्मिक मान्यताएँ होती हैं, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों में एक निर्धारित प्रोटोकॉल होता है। उनके अनुसार, स्कूल प्रशासन को यह अधिकार होना चाहिए कि वह ड्रेस और अन्य व्यवस्थाएँ स्वयं तय करे। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन को उच्च न्यायालय के आदेश और छात्रों की धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाते हुए कोई व्यावहारिक रास्ता निकालना चाहिए, क्योंकि यह मामला आस्था से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील है।
वंदे मातरम और कर्नाटक विवाद
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस बयान पर — कि वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो छंद गाए जाएँगे — जफर इस्लाम ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह संसद से पारित कानून है और देश के प्रत्येक नागरिक को वंदे मातरम के सभी छह पद गाने का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति कानून का पालन करने से इनकार करता है, वह व्यावहारिक रूप से देश के कानून को अस्वीकार करता है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस से सीधा सवाल किया कि वह देश के साथ खड़ी है या विरोध में।
अवैध घुसपैठ पर सरकार का रुख
केंद्रीय गृह मंत्री के बयान का समर्थन करते हुए जफर इस्लाम ने कहा कि भारत के संसाधनों पर पहला अधिकार यहाँ के नागरिकों का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अन्य देश से आया अवैध घुसपैठिया भारतीय नागरिकों की सुविधाओं और अधिकारों का लाभ नहीं उठा सकता। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय अवैध रूप से देश में रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस भेजने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
UCC पर ओवैसी के बयान का खंडन
ओवैसी ने UCC को 'समानता के बजाय एकरूपता' बताते हुए मुस्लिम समुदाय के व्यक्तिगत कानूनों पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में जफर इस्लाम ने कहा कि ओवैसी इस्लाम को समझते हैं, लेकिन कई बार वे ऐसे बयान देते हैं जो उनके अनुसार इस्लामी दृष्टिकोण से भी मेल नहीं खाते। उनका आरोप था कि ओवैसी केवल अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए ऐसे विवादास्पद बयान देते हैं, जिससे मुस्लिम समाज में भ्रम और उत्तेजना पैदा होती है।
महिला कल्याण और चुनावी वादे
दिल्ली में लागू समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को दी गई आर्थिक सहायता की जफर इस्लाम ने सराहना की और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की इस पहल का स्वागत किया। वहीं, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (SP) द्वारा सरकार बनने पर महिलाओं को ₹40,000 देने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि ऐसे वादों का स्वागत होना चाहिए, लेकिन सपा के पिछले शासनकाल में महिला कल्याण के लिए पर्याप्त काम नहीं हुआ। उनका कहना था कि मतदाता यह भली-भाँति जानता है कि चुनावी वादों और वास्तविक शासन के बीच कितना फर्क होता है। यह टकराव ऐसे समय में आया है जब देश में UCC, हिजाब और राष्ट्रगान जैसे मुद्दे राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं।