असम जनगणना 2027: 11.64 लाख ऑनलाइन प्रविष्टियाँ दर्ज, घर-घर सर्वे 15 सितंबर तक
सारांश
मुख्य बातें
असम में जनगणना 2027 का स्व-गणना (सेल्फ-एनुमरेशन) चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। 16 अगस्त 2026 को समाप्त हुए इस चरण में 11.64 लाख से अधिक परिवारों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी जमा की। अब 17 अगस्त से घर-घर जाकर गणना का अगला चरण पूरे राज्य में शुरू हो चुका है, जो 15 सितंबर 2026 तक चलेगा।
मुख्य घटनाक्रम
जनगणना संचालन निदेशालय, असम में आयोजित एक प्रेस वार्ता में जनगणना संचालन निदेशक बिस्वजीत पेगू ने ऑनलाइन चरण के पूर्ण होने की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने स्व-गणना अवधि के दौरान नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग की सराहना की।
अधिकारियों के अनुसार, स्व-गणना में कछार, श्रीभूमि और कोकराझार जिले सर्वाधिक भागीदारी के मामले में शीर्ष तीन जिले रहे। यह उपलब्धि डिजिटल जागरूकता और प्रशासनिक समन्वय दोनों की दृष्टि से उल्लेखनीय मानी जा रही है।
घर-घर गणना चरण की रूपरेखा
नए चरण में प्रशिक्षित जनगणना कर्मी राज्यभर में घर-घर जाकर मकानों की सूची तैयार करेंगे और आवास जनगणना से संबंधित आँकड़े एकत्र करेंगे। बिस्वजीत पेगू ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया 'कोई छूटे नहीं, कोई दोबारा न गिना जाए' के मूल सिद्धांत पर आधारित है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जनगणना में दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत इस डेटा को किसी भी न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
राज्य नोडल अधिकारी की अपील
जनगणना 2027 के लिए राज्य नोडल अधिकारी और असम सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव पार्थ पेगू ने नागरिकों से घर-घर गणना के दौरान भी उसी उत्साह से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सटीक और संपूर्ण डेटाबेस के निर्माण के लिए जन-भागीदारी अनिवार्य है, क्योंकि यह आँकड़े भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनेंगे।
आम जनता पर असर
यह जनगणना न केवल जनसंख्या का अभिलेख है, बल्कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान, बजट आवंटन और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन जैसे महत्त्वपूर्ण निर्णयों का आधार भी बनती है। गौरतलब है कि भारत में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी और कोविड-19 महामारी के कारण 2021 की जनगणना स्थगित हो गई थी — ऐसे में जनगणना 2027 डेढ़ दशक से अधिक के अंतराल को पाटने वाला महत्त्वपूर्ण अभ्यास है।
क्या होगा आगे
घर-घर गणना का यह चरण 15 सितंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद डेटा संकलन, सत्यापन और अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे जनगणना कर्मियों को सही और पूरी जानकारी प्रदान करें ताकि कोई भी परिवार इस राष्ट्रीय अभिलेख से वंचित न रहे।