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असम जनगणना 2027: 11.64 लाख ऑनलाइन प्रविष्टियाँ दर्ज, घर-घर सर्वे 15 सितंबर तक

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असम जनगणना 2027: 11.64 लाख ऑनलाइन प्रविष्टियाँ दर्ज, घर-घर सर्वे 15 सितंबर तक

सारांश

असम में जनगणना 2027 का डिजिटल चरण 11.64 लाख ऑनलाइन प्रविष्टियों के साथ पूरा हुआ — और अब घर-घर गणना का असली इम्तिहान शुरू हो गया है। डेढ़ दशक के अंतराल के बाद हो रही यह जनगणना नीति, बजट और परिसीमन सबकी नींव तय करेगी।

मुख्य बातें

असम में जनगणना 2027 का स्व-गणना चरण 16 अगस्त 2026 को सम्पन्न हुआ।
11.64 लाख से अधिक परिवारों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी जमा की।
सर्वाधिक भागीदारी वाले जिले: कछार , श्रीभूमि और कोकराझार ।
घर-घर गणना चरण 17 अगस्त से शुरू होकर 15 सितंबर 2026 तक चलेगा।
जनगणना डेटा जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय और न्यायालय में अप्रस्तुत्य है।
भारत की पिछली जनगणना 2011 में हुई थी; 2021 की जनगणना कोविड के कारण स्थगित हुई थी।

असम में जनगणना 2027 का स्व-गणना (सेल्फ-एनुमरेशन) चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। 16 अगस्त 2026 को समाप्त हुए इस चरण में 11.64 लाख से अधिक परिवारों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी जमा की। अब 17 अगस्त से घर-घर जाकर गणना का अगला चरण पूरे राज्य में शुरू हो चुका है, जो 15 सितंबर 2026 तक चलेगा।

मुख्य घटनाक्रम

जनगणना संचालन निदेशालय, असम में आयोजित एक प्रेस वार्ता में जनगणना संचालन निदेशक बिस्वजीत पेगू ने ऑनलाइन चरण के पूर्ण होने की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने स्व-गणना अवधि के दौरान नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग की सराहना की।

अधिकारियों के अनुसार, स्व-गणना में कछार, श्रीभूमि और कोकराझार जिले सर्वाधिक भागीदारी के मामले में शीर्ष तीन जिले रहे। यह उपलब्धि डिजिटल जागरूकता और प्रशासनिक समन्वय दोनों की दृष्टि से उल्लेखनीय मानी जा रही है।

घर-घर गणना चरण की रूपरेखा

नए चरण में प्रशिक्षित जनगणना कर्मी राज्यभर में घर-घर जाकर मकानों की सूची तैयार करेंगे और आवास जनगणना से संबंधित आँकड़े एकत्र करेंगे। बिस्वजीत पेगू ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया 'कोई छूटे नहीं, कोई दोबारा न गिना जाए' के मूल सिद्धांत पर आधारित है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जनगणना में दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत इस डेटा को किसी भी न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

राज्य नोडल अधिकारी की अपील

जनगणना 2027 के लिए राज्य नोडल अधिकारी और असम सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव पार्थ पेगू ने नागरिकों से घर-घर गणना के दौरान भी उसी उत्साह से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सटीक और संपूर्ण डेटाबेस के निर्माण के लिए जन-भागीदारी अनिवार्य है, क्योंकि यह आँकड़े भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनेंगे।

आम जनता पर असर

यह जनगणना न केवल जनसंख्या का अभिलेख है, बल्कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान, बजट आवंटन और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन जैसे महत्त्वपूर्ण निर्णयों का आधार भी बनती है। गौरतलब है कि भारत में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी और कोविड-19 महामारी के कारण 2021 की जनगणना स्थगित हो गई थी — ऐसे में जनगणना 2027 डेढ़ दशक से अधिक के अंतराल को पाटने वाला महत्त्वपूर्ण अभ्यास है।

क्या होगा आगे

घर-घर गणना का यह चरण 15 सितंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद डेटा संकलन, सत्यापन और अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे जनगणना कर्मियों को सही और पूरी जानकारी प्रदान करें ताकि कोई भी परिवार इस राष्ट्रीय अभिलेख से वंचित न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असम में कुल परिवारों की संख्या के सापेक्ष यह आँकड़ा अभी भी सीमित है — असली परीक्षा घर-घर गणना के चरण में होगी, जहाँ दूरदराज़ और वंचित समुदायों तक पहुँचना बड़ी चुनौती है। डेढ़ दशक के अंतराल के बाद हो रही इस जनगणना पर दबाव दोहरा है: डेटा सटीक भी हो और समावेशी भी। 'कोई छूटे नहीं' का सिद्धांत तभी सार्थक होगा जब ज़मीनी क्रियान्वयन में वह दिखे, न केवल प्रेस वार्ता में।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम जनगणना 2027 का स्व-गणना चरण क्या था और यह कब पूरा हुआ?
स्व-गणना चरण में नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी जमा करते हैं। असम में यह चरण 16 अगस्त 2026 को समाप्त हुआ, जिसमें 11.64 लाख से अधिक परिवारों ने भाग लिया।
असम में घर-घर जनगणना कब तक चलेगी?
घर-घर गणना का चरण 17 अगस्त 2026 से शुरू होकर 15 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रशिक्षित जनगणना कर्मी मकानों की सूची और आवास जनगणना से जुड़ा डेटा एकत्र करेंगे।
जनगणना में दी गई जानकारी कितनी सुरक्षित है?
जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत जनगणना में दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय है और इसे किसी भी न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। जनगणना संचालन निदेशक बिस्वजीत पेगू ने इस बात पर विशेष जोर दिया।
असम में स्व-गणना में कौन से जिले सबसे आगे रहे?
अधिकारियों के अनुसार, स्व-गणना चरण में कछार, श्रीभूमि और कोकराझार जिले सर्वाधिक भागीदारी के मामले में शीर्ष तीन स्थानों पर रहे।
जनगणना 2027 क्यों महत्त्वपूर्ण है?
भारत की पिछली जनगणना 2011 में हुई थी और कोविड-19 के कारण 2021 की जनगणना स्थगित हो गई थी। जनगणना 2027 का डेटा सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान, बजट आवंटन और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन जैसे निर्णयों का आधार बनेगा।
राष्ट्र प्रेस
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