7 अक्टूबर 2026
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कैनरा बैंक वाहन लोन धोखाधड़ी: असम सीआईडी ने गुवाहाटी से रामेन सैकिया को किया गिरफ्तार

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कैनरा बैंक वाहन लोन धोखाधड़ी: असम सीआईडी ने गुवाहाटी से रामेन सैकिया को किया गिरफ्तार

सारांश

असम सीआईडी ने कैनरा बैंक की उलुबारी और अमीनगांव शाखाओं से जुड़े ₹40 लाख के कथित वाहन लोन घोटाले में गुवाहाटी के रामेन सैकिया उर्फ जान सैकिया को गिरफ्तार किया। जाली दस्तावेजों के ज़रिए पाँच लोन लिए गए, जो बाद में एनपीए बन गए। जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी भी संभव।

मुख्य बातें

असम सीआईडी ने 7 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी के रामेन सैकिया उर्फ जान सैकिया को गिरफ्तार किया।
आरोप: कैनरा बैंक की कई शाखाओं से जाली दस्तावेजों के ज़रिए ₹40 लाख के कथित वाहन लोन लिए गए।
फरवरी–जून 2023 के बीच चार लोन ₹8-8 लाख के उलुबारी शाखा से और एक ₹8 लाख का लोन अमीनगांव शाखा से स्वीकृत हुए।
लोन जूरी महंता सैकिया, मधुपर्णा चौधरी, लेलिन राभा और समुद्र ज्योति कश्यप के नाम पर मंजूर किए गए थे।
सभी लोन खाते बाद में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) में बदल गए, जिससे धोखाधड़ी उजागर हुई।
सीआईडी की जाँच जारी; अन्य संदिग्धों की कथित भूमिका की पड़ताल चल रही है।

असम पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने 7 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी निवासी रामेन सैकिया उर्फ जान सैकिया को कैनरा बैंक की कई शाखाओं से जुड़े ₹40 लाख के कथित वाहन लोन धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जाली दस्तावेजों के ज़रिए बैंक को ₹40 लाख का चूना लगाया गया, जो बाद में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) में तब्दील हो गए।

मामले का घटनाक्रम

कैनरा बैंक की उलुबारी शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक की शिकायत के अनुसार, फरवरी 2023 से जून 2023 के बीच ₹8-8 लाख के चार वाहन लोन अलग-अलग नामों पर स्वीकृत किए गए। ये लोन जूरी महंता सैकिया, मधुपर्णा चौधरी, लेलिन राभा और समुद्र ज्योति कश्यप के नाम पर दिए गए बताए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, बैंक की अमीनगांव शाखा ने एमएसएमई वाहन योजना के तहत जान सैकिया के नाम पर ₹8 लाख का एक और वाहन लोन स्वीकृत किया, जो कथित तौर पर व्यावसायिक वाहन खरीद के लिए था। इस तरह पाँच लोन के माध्यम से कुल ₹40 लाख की राशि निकाली गई।

धोखाधड़ी कैसे सामने आई

संदिग्ध धोखाधड़ी तब उजागर हुई जब सभी लोन खाते नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) में बदल गए। बैंक के प्रशासनिक कार्यालय की आंतरिक जाँच में लोन आवेदनों के साथ जमा किए गए दस्तावेजों में कथित तौर पर गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं।

शिकायत के अनुसार, आवेदनों के साथ जोरहाट के अधिकृत कार डीलर मेसर्स रामनारायण शिप्रासाद द्वारा जारी वाहन कोटेशन लगाई गई थीं। जाँच में आरोप है कि सैकिया और उसके साथियों ने नकली वाहन कोटेशन, जाली पंजीकरण प्रमाण-पत्र (आरसी) की प्रतियाँ, बीमा दस्तावेज़ और अन्य सहायक कागजात का इस्तेमाल किया।

गिरफ्तारी और जाँच की स्थिति

बैंक की औपचारिक शिकायत के बाद सीआईडी ने जाँच आरंभ की और गुवाहाटी के बिरुबारी क्षेत्र निवासी धनेश्वर के पुत्र रामेन सैकिया को उनके घर से गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जाँच अभी जारी है।

सीआईडी इस कथित वित्तीय धोखाधड़ी के व्यापक नेटवर्क की पड़ताल कर रही है और अन्य संदिग्धों की कथित भूमिका का भी परीक्षण किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह मामला बैंकिंग क्षेत्र में जाली दस्तावेजों के ज़रिए लोन हड़पने की उस प्रवृत्ति को रेखांकित करता है, जो एनपीए संकट को और गहरा करती है।

आगे क्या होगा

सीआईडी की जाँच में आरोपी के साथ कथित रूप से जुड़े अन्य व्यक्तियों — जिनके नाम पर लोन स्वीकृत किए गए — की भूमिका भी ज़ेरे-नज़र है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे नेटवर्क का खुलासा होने के बाद आगे की गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या बैंक की आंतरिक प्रक्रिया में भी किसी चूक की जाँच की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

अलग-अलग नामों पर, जोरहाट के एक ही डीलर की कोटेशन के साथ — यह पैटर्न स्पष्ट है, फिर भी बैंक की आंतरिक जाँच तभी शुरू हुई जब खाते एनपीए बन गए। सवाल यह है कि दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया कहाँ चूकी, और क्या इसमें किसी अंदरूनी मिलीभगत की जाँच भी होगी। जब तक बैंकिंग तंत्र की प्रक्रियागत खामियों को दूर नहीं किया जाता, ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम सीआईडी ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
सीआईडी ने गुवाहाटी के बिरुबारी निवासी रामेन सैकिया उर्फ जान सैकिया को कैनरा बैंक की कई शाखाओं से ₹40 लाख की कथित वाहन लोन धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने जाली दस्तावेजों के ज़रिए फर्जी पहचान के नाम पर बैंक लोन हासिल किए।
कैनरा बैंक वाहन लोन धोखाधड़ी में कुल कितनी राशि शामिल है?
शिकायत के अनुसार कैनरा बैंक की विभिन्न शाखाओं से कुल ₹40 लाख के वाहन लोन कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के आधार पर स्वीकृत किए गए। यह राशि पाँच अलग-अलग लोन के रूप में फरवरी से जून 2023 के बीच वितरित की गई।
यह धोखाधड़ी कैसे पकड़ में आई?
सभी लोन खाते नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) बन जाने के बाद बैंक के प्रशासनिक कार्यालय ने आंतरिक जाँच की, जिसमें दस्तावेजों में कथित गड़बड़ियाँ सामने आईं। इसके बाद बैंक की उलुबारी शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक ने सीआईडी में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले में किन-किन के नाम पर लोन लिए गए?
शिकायत के अनुसार लोन जूरी महंता सैकिया, मधुपर्णा चौधरी, लेलिन राभा और समुद्र ज्योति कश्यप के नाम पर स्वीकृत किए गए, जबकि एक लोन जान सैकिया के नाम पर एमएसएमई वाहन योजना के तहत अमीनगांव शाखा से लिया गया।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होंगी?
अधिकारियों के अनुसार जाँच अभी जारी है और सीआईडी अन्य संदिग्धों की कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है। पूरे नेटवर्क का खुलासा होने के बाद आगे की कार्रवाई संभव बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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