असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने लॉन्च कीं 3 योजनाएं: 47,000 स्नातकों को ₹10,000/माह, बाढ़ पीड़ितों को राहत
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में तीन प्रमुख कल्याण योजनाओं का शुभारंभ किया — जिनसे राज्य के 47,000 से अधिक हालिया स्नातक, 16,000 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवार और वैश्विक रोज़गार की तलाश में जुटे युवा सीधे लाभान्वित होंगे। इन पहलों का मूल उद्देश्य सरकारी सहायता को बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाना है।
जीबोन प्रेरणा योजना: स्नातकों को मासिक आर्थिक सहयोग
'जीबोन प्रेरणा' योजना के अंतर्गत वर्ष 2025 में स्नातक हुए पात्र युवाओं के बैंक खातों में मंगलवार को पिछले चार महीनों की सहायता राशि एकमुश्त हस्तांतरित की गई। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को ₹10,000 प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जाती है।
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य शिक्षा पूरी करने के बाद करियर और पेशेवर लक्ष्यों की ओर बढ़ने के दौरान युवाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में युवा बेरोज़गारी और शिक्षा-से-रोज़गार के बीच की खाई एक प्रमुख नीतिगत चुनौती बनी हुई है।
सीएम-फ्लाइट: विदेशी भाषा सीखने के लिए नई वित्तीय सहायता
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 'सीएम-फ्लाइट' नामक एक नई योजना की भी घोषणा की, जो असम के युवाओं को विदेशी भाषाएं सीखने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। सरमा ने कहा कि विदेशी भाषा का कौशल न केवल अंतरराष्ट्रीय रोज़गार के द्वार खोलेगा, बल्कि भारत में तेज़ी से विस्तार कर रही बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी युवाओं को बेहतर वेतन वाले पदों पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिलाएगा।
गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत के युवाओं में वैश्विक रोज़गार की माँग लगातार बढ़ रही है और असम सरकार की यह पहल उस दिशा में एक संरचनात्मक कदम मानी जा रही है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को अंतरिम राहत
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि 16,000 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को अंतरिम राहत के रूप में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। असम प्रतिवर्ष विनाशकारी बाढ़ से जूझता है और यह राहत उन परिवारों के लिए तत्काल सहारा है जो इस वर्ष की बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
सरकार की व्यापक रणनीति
मुख्यमंत्री के अनुसार, ये तीनों पहल राज्य सरकार के उस व्यापक ढाँचे का हिस्सा हैं जिसका लक्ष्य सामाजिक सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करना, आपदा राहत को प्रभावी बनाना और युवाओं की रोज़गार क्षमता को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सरकारी लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुँचे।
आने वाले समय में इन योजनाओं के विस्तार और पात्रता मानदंडों के बारे में राज्य सरकार की ओर से और विवरण जारी किए जाने की संभावना है।