असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 82,219 उद्यमियों को ₹278 करोड़ बाँटे, आत्मनिर्भरता अभियान को मिली रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 17 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में 'मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान' (CMAAA) के पहले और दूसरे चरण के तहत 82,219 युवा उद्यमियों को ₹278 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता वितरित की। खानापारा स्थित ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर में आयोजित इस समारोह में उद्यमिता और आर्थिक स्वावलंबन को राज्य की युवा नीति का केंद्र बताया गया।
योजना की संरचना और आर्थिक मॉडल
CMAAA के अंतर्गत सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को ₹2 लाख की सहायता दी जाती है, जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत ब्याज-मुक्त ऋण शामिल है। पेशेवर श्रेणी के उद्यमी ₹5 लाख तक की सहायता के पात्र हैं और उन पर भी यही वित्तपोषण मॉडल लागू होता है।
चरण-वार विभाजन के अनुसार, CMAAA 1.0 में सामान्य श्रेणी के 9,552 और पेशेवर श्रेणी के 26 लाभार्थी हैं, जिनके लिए ₹196 करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है। CMAAA 2.0 में सामान्य श्रेणी के 72,447 और पेशेवर श्रेणी के 194 उद्यमी शामिल हैं, जिनके लिए ₹182 करोड़ से अधिक निर्धारित हैं।
मुख्यमंत्री सरमा का संबोधन
समारोह में बोलते हुए सरमा ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल आर्थिक अनुदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं को स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने और दीर्घकालिक उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में लाभार्थियों को ₹75,000 और बाद के चरण में ₹25,000 की अग्रिम सहायता प्रदान की गई थी।
गौरतलब है कि पहले चरण में लगभग 13,000 लाभार्थियों में से केवल 9,552 ने आगे की पात्रता शर्तें पूरी कीं, जबकि करीब 4,000 आवेदक निर्धारित मानदंडों पर खरे नहीं उतरे। मुख्यमंत्री ने इस असफलता का प्रमुख कारण यह बताया कि कुछ लाभार्थियों ने नौकरी स्वीकार कर अपना व्यवसाय बंद कर दिया।
कौशल विकास और बाज़ार सहायता
योजना के अंतर्गत केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि कौशल विकास प्रशिक्षण और विपणन सहायता भी शामिल है ताकि उद्यमी अपने व्यवसाय को स्थायित्व दे सकें। यह ढाँचा इस मायने में उल्लेखनीय है कि यह केवल पूँजी वितरण तक नहीं रुकता, बल्कि बाज़ार तक पहुँच और क्षमता निर्माण को भी अपनी रूपरेखा में शामिल करता है।
समारोह में उपस्थिति
इस कार्यक्रम में उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री बिमल बोराह, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और दोनों चरणों के लाभार्थी उद्यमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकारें केंद्र की 'आत्मनिर्भर भारत' नीति को ज़मीनी स्तर पर अमल में लाने के लिए अपनी-अपनी उद्यमिता योजनाएँ तेज़ कर रही हैं। असम सरकार के इस कदम से राज्य में स्वरोज़गार की दिशा में क्या बदलाव आएगा, यह आने वाले चरणों के परिणामों पर निर्भर करेगा।