असम बाढ़ राहत: पश्चिम बंगाल ने दिए ₹10 करोड़, सरमा ने जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 13 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल सरकार का आभार व्यक्त किया, जिसने राज्य में जारी भीषण बाढ़ संकट के बीच ₹10 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह राशि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री राहत कोष से दी गई है और असम के बाढ़ राहत एवं पुनर्वास कार्यों में उपयोग की जाएगी।
सहायता का विवरण और महत्व
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से प्रदान की गई ₹10 करोड़ की यह धनराशि ऐसे समय में आई है जब असम के बड़े भूभाग बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ से घर, बुनियादी ढाँचा, कृषि भूमि और लाखों लोगों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। सरमा ने इस सहायता को पड़ोसी राज्य की एकजुटता का प्रतीक बताया।
सरमा ने कहा, 'असम और पश्चिम बंगाल के बीच लंबे समय से एक गहरा आध्यात्मिक बंधन रहा है। यह संबंध हमारी साझा संस्कृति, विरासत और दोनों राज्यों की जनता के बीच के हार्दिक संबंधों से मजबूत हुआ है।'
सोशल मीडिया पर सरमा की प्रतिक्रिया
सामाजिक मंच एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि दोनों राज्यों के संबंध केवल भौगोलिक निकटता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत जड़ों से पोषित हैं। उन्होंने मां कामाख्या और मां काली से प्रार्थना की कि वे संकटग्रस्त लोगों को इस कठिन दौर से उबरने की शक्ति दें।
असम में बाढ़ की स्थिति
गौरतलब है कि असम में बाढ़ की यह स्थिति राज्य के लिए हर वर्ष एक गंभीर चुनौती बनती है। इस बार भी राज्य के व्यापक क्षेत्र जलमग्न हैं, सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है। ऐसे में पड़ोसी राज्य की आर्थिक मदद पुनर्वास प्रक्रिया को गति देने में सहायक मानी जा रही है।
दोनों राज्यों के संबंध
असम और पश्चिम बंगाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध सदियों पुराने हैं। सरमा ने इस अवसर पर इन संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि कठिन समय में पड़ोसी राज्यों का एकजुट होना पूर्वी भारत की साझी विरासत और भाईचारे को दर्शाता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार और वहाँ की जनता के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
आगे की राह
प्राप्त राशि को राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और बुनियादी ढाँचे की मरम्मत में लगाएगी। यह सहयोग पूर्वी राज्यों के बीच आपदा प्रबंधन में साझेदारी की एक सकारात्मक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।