18 सितंबर 2026
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असम राइफल्स ने अगरतला में NCC कैडेट्स को दिखाई ऑपरेशनल ताकत, हथियारों का प्रदर्शन

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असम राइफल्स ने अगरतला में NCC कैडेट्स को दिखाई ऑपरेशनल ताकत, हथियारों का प्रदर्शन

सारांश

असम राइफल्स ने अगरतला में NCC कैडेट्स को हथियारों और उपकरणों का सीधा प्रदर्शन दिया — यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर के युवाओं को सुरक्षाबलों से जोड़ने और करियर के लिए प्रेरित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

असम राइफल्स ने 18 सितंबर 2026 को अगरतला के शहीद भगत सिंह यूथ हॉस्टल में NCC कैडेट्स के लिए हथियारों और उपकरणों का प्रदर्शन किया।
कैडेट्स को फोर्स के हथियारों, विशेष उपकरणों और ऑपरेशनल सिस्टम की सीधी जानकारी मिली।
यह पहल युवाओं को सशस्त्र बलों और असम राइफल्स में करियर के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
असम राइफल्स मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, असम और त्रिपुरा में तैनात है और उग्रवाद व ड्रग तस्करी रोकने में अहम भूमिका निभा रही है।
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार उग्रवादी समूह राज्य सीमाओं के पार काम करते हैं और उन तक पहुँचने के लिए मजबूत खुफिया नेटवर्क जरूरी है।

असम राइफल्स ने 18 सितंबर 2026 को अगरतला के शहीद भगत सिंह यूथ हॉस्टल में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के कैडेट्स के लिए हथियारों और उपकरणों का विशेष प्रदर्शन आयोजित किया। इस आयोजन का उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा बनाए रखने में फोर्स की भूमिका, ऑपरेशनल तैयारी और क्षमताओं के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाना था।

कार्यक्रम का स्वरूप और भागीदारी

रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार, इस कार्यक्रम में NCC कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और असम राइफल्स द्वारा उपयोग किए जाने वाले विभिन्न हथियारों, विशेष उपकरणों और ऑपरेशनल सिस्टम के बारे में सीधे जानकारी हासिल करने का अवसर मिला। कैडेट्स ने असम राइफल्स के जवानों से सीधे संवाद किया और हथियारों की क्षमता, उनके इस्तेमाल और सामरिक महत्व को करीब से समझा।

प्रवक्ता ने बताया कि यह पहल केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं थी — बल्कि यह फोर्स के पेशेवर मूल्यों, प्रतिबद्धता और राष्ट्रसेवा की भावना को युवाओं तक पहुँचाने का मंच भी बनी।

युवाओं में करियर प्रेरणा का उद्देश्य

रक्षा विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक, यह कार्यक्रम युवाओं को सशस्त्र बलों और असम राइफल्स में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने का एक अहम अवसर साबित हुआ। गौरतलब है कि असम राइफल्स नियमित रूप से ऐसी आउटरीच पहलें आयोजित करती है, जो पूर्वोत्तर के युवाओं और सुरक्षाबलों के बीच संबंधों को मजबूत करती हैं।

इस कार्यक्रम ने राष्ट्र-निर्माण और युवा पीढ़ी में देशभक्ति व सेवा की भावना को बढ़ावा देने के प्रति फोर्स की प्रतिबद्धता को एक बार फिर रेखांकित किया।

पूर्वोत्तर में असम राइफल्स की भूमिका

असम राइफल्स की इकाइयाँ पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों — मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, असम और त्रिपुरा — में तैनात हैं। रिपोर्टों के अनुसार, भले ही अधिकांश राज्यों में उग्रवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन प्रतिबंधित संगठन अभी भी पुनर्संगठन की कोशिशें कर रहे हैं, जिनमें जबरन वसूली और युवाओं की भर्ती प्रमुख हथकंडे हैं।

यह पैरामिलिट्री फोर्स विशेष रूप से मिजोरम, मणिपुर, असम और त्रिपुरा में संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क को रोकने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

वरिष्ठ अधिकारी का बयान

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'असम राइफल्स उग्रवादी समूहों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखती है। उग्रवादी पुलिस से बचने के लिए राज्यों की सीमाओं के पार काम करते हैं। उग्रवादी समूह एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और एक-दूसरे के कैडर्स को पनाह देते हैं। उन तक पहुँचने के लिए एक मजबूत खुफिया नेटवर्क की जरूरत होती है।'

आगे की दिशा

यह प्रयास ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर में सुरक्षा और सामुदायिक जुड़ाव दोनों को एक साथ साधने की जरूरत महसूस की जा रही है। आने वाले समय में ऐसी और आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से असम राइफल्स पूर्वोत्तर के युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा ढाँचे से जोड़ने की कोशिश जारी रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्वोत्तर में सुरक्षाबलों की दीर्घकालिक रणनीति का एक अहम स्तंभ है — जवानी को सेना से जोड़ना। उग्रवाद की वापसी की कोशिशों और ड्रग तस्करी के बढ़ते नेटवर्क के बीच, असम राइफल्स का यह 'सॉफ्ट पावर' दृष्टिकोण उतना ही जरूरी है जितना ऑपरेशनल तैनाती। सवाल यह है कि क्या ऐसी आउटरीच गतिविधियाँ नियमित और व्यवस्थित हैं, या सिर्फ अवसर-आधारित — क्योंकि युवाओं का जुड़ाव एकबारगी प्रदर्शनी से नहीं, निरंतर संपर्क से बनता है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम राइफल्स ने अगरतला में यह प्रदर्शन क्यों आयोजित किया?
यह प्रदर्शन NCC कैडेट्स में असम राइफल्स की भूमिका, ऑपरेशनल क्षमताओं और तैयारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया। साथ ही, इसका उद्देश्य युवाओं को सशस्त्र बलों में करियर के लिए प्रेरित करना भी था।
इस कार्यक्रम में कैडेट्स को क्या सीखने को मिला?
कैडेट्स ने असम राइफल्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों, उपकरणों और विशेष सिस्टम के बारे में सीधे जवानों से जानकारी ली। उन्हें हथियारों की क्षमता, उनके उपयोग और ऑपरेशनल महत्व की व्यावहारिक समझ मिली।
पूर्वोत्तर भारत में असम राइफल्स की क्या भूमिका है?
असम राइफल्स मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, असम और त्रिपुरा में तैनात है। यह फोर्स उग्रवाद पर निगरानी रखने के साथ-साथ संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क को रोकने में भी अहम भूमिका निभाती है।
पूर्वोत्तर में उग्रवाद की स्थिति क्या है?
अधिकांश राज्यों में उग्रवाद पर काबू पा लिया गया है, लेकिन प्रतिबंधित संगठन अभी भी पुनर्संगठन की कोशिशें कर रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ये समूह राज्य सीमाओं के पार काम करते हैं और जबरन वसूली व युवा भर्ती के जरिए नेटवर्क बनाने की कोशिश जारी रखते हैं।
असम राइफल्स ऐसी युवा आउटरीच गतिविधियाँ कितनी बार करती है?
रक्षा विभाग के अनुसार, यह फोर्स की ऑपरेशनल जागरूकता बढ़ाने की 'लगातार कोशिशों' का हिस्सा है। ऐसी आउटरीच पहलें असम राइफल्स और पूर्वोत्तर के लोगों के बीच संबंधों को नियमित रूप से मजबूत करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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