10 जुलाई 2026
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अटल पेंशन योजना: जम्मू में जागरूकता अभियान, 9.3 करोड़ सदस्य; लाभार्थियों ने बताया बुढ़ापे का सहारा

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अटल पेंशन योजना: जम्मू में जागरूकता अभियान, 9.3 करोड़ सदस्य; लाभार्थियों ने बताया बुढ़ापे का सहारा

सारांश

जम्मू में PFRDA ने अटल पेंशन योजना जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया — देशभर में 9 करोड़ 30 लाख सदस्यों के साथ यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सेवानिवृत्ति सुरक्षा का प्रमुख माध्यम बनती जा रही है। जम्मू में इस साल 40,000 नए नामांकन का लक्ष्य है।

मुख्य बातें

PFRDA ने 10 जुलाई 2026 को जम्मू में जिलास्तरीय अटल पेंशन योजना (APY) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
देशभर में APY से अब तक 9 करोड़ 30 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं; जम्मू में 1 लाख सदस्य।
जम्मू के लिए इस वर्ष 40,000 नए नामांकन का लक्ष्य; 10 प्रतिशत से अधिक पहले ही हासिल।
लाभार्थी सनी कुमार के अनुसार, ₹577 मासिक योगदान से 60 वर्ष के बाद ₹5,000 प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।
योजना विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बनाई गई है और 60 वर्ष के बाद सरकार-गारंटीशुदा पेंशन प्रदान करती है।

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने 10 जुलाई 2026 को जम्मू में जिलास्तरीय अटल पेंशन योजना (APY) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सरकार-गारंटीशुदा सेवानिवृत्ति सुरक्षा से जोड़ना था। देशभर में योजना से अब तक 9 करोड़ 30 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जबकि अकेले जम्मू जिले में साढ़े सात लाख की आबादी में से 1 लाख नागरिक इस योजना के सदस्य बन चुके हैं।

कार्यक्रम का आयोजन और भागीदारी

यह जागरूकता कार्यक्रम PFRDA ने जम्मू-कश्मीर यूनियन टेरिटरी लेवल बैंकर्स कमेटी (UTLBC) के मार्गदर्शन में, स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), जम्मू के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर के सहयोग से आयोजित किया। कार्यक्रम में PFRDA, UTLBC, विभिन्न बैंकों, सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

सत्र में APY के उद्देश्यों, पात्रता मानदंडों और लाभों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दी गई। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित हुआ।

PFRDA अधिकारी ने बताया लक्ष्य और प्रगति

PFRDA की सहायक महाप्रबंधक रूबी विनायक भावसागर ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जम्मू जिले और आसपास के क्षेत्रों में APY के लिए पात्र नागरिकों तक पहुँचना और उन्हें योजना से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में भारत सरकार ने जम्मू के लिए 40,000 नए नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें से 10 प्रतिशत से अधिक पहले ही हासिल किया जा चुका है।

लाभार्थियों के अनुभव

योजना के लाभार्थी परविंदर सिंह ने कहा कि इस तरह की स्कीम से लोगों को काफी सहायता मिलती है और इससे परिवार को आर्थिक मजबूती मिलती है। उन्होंने अपील की कि 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन का लाभ उठाने के लिए सभी को इस योजना से जुड़ना चाहिए।

लाभार्थी सनी कुमार ने बताया कि वे सात साल पहले इस योजना से जुड़े थे। उनके खाते से प्रतिमाह ₹577 कटते हैं, जो 60 वर्ष की आयु तक जमा होंगे। इसके बाद उनके बैंक खाते में प्रतिमाह ₹5,000 क्रेडिट होंगे। उन्होंने कहा, '60 साल के बाद लोग काम नहीं कर पाते और पैसों की जरूरत होती है — ऐसे में यह योजना हर किसी के लिए काफी लाभदायक है।'

लाभार्थी अंजलि ठाकुर ने बताया कि उन्होंने 18 वर्ष की आयु से ही इस योजना में निवेश शुरू किया। उनके अनुसार, 'नौकरी के दौरान ₹1,000-₹2,000 अधिक नहीं लगते, जो आगे चलकर बुढ़ापे का सहारा बन जाते हैं।' उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अपनी आय के अनुसार निवेश करें और 60 वर्ष के बाद के जीवन को सुरक्षित बनाएँ।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विशेष रूप से बनाई गई है। 60 वर्ष की आयु के बाद सरकार-गारंटीशुदा मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। योजना में निवेश की राशि नागरिक की आय और पेंशन की वांछित राशि के अनुसार तय होती है। गौरतलब है कि यह योजना दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए व्यवस्थित बचत को प्रोत्साहित करती है।

आगे की राह

जम्मू जिले में 40,000 नए नामांकन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बैंकों और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स को और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया है। असंगठित क्षेत्र में जागरूकता की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है, और इसी को दूर करने के लिए इस तरह के जिलास्तरीय कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं और कितने वास्तव में असंगठित क्षेत्र के सबसे कमज़ोर वर्ग से हैं। जम्मू जैसे जिले में साढ़े सात लाख की आबादी में केवल 1 लाख सदस्य यह दर्शाता है कि जागरूकता की खाई अभी भी गहरी है। जिलास्तरीय कार्यक्रमों की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब नामांकन के बाद नियमित योगदान सुनिश्चित करने का तंत्र भी उतना ही मज़बूत हो।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अटल पेंशन योजना (APY) क्या है और इसके क्या फायदे हैं?
अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक सेवानिवृत्ति बचत योजना है, जो विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बनाई गई है। इसमें 60 वर्ष की आयु के बाद सरकार-गारंटीशुदा मासिक पेंशन मिलती है, जिसकी राशि योगदान के अनुसार ₹1,000 से ₹5,000 तक हो सकती है।
APY में कितना मासिक योगदान देना होता है?
योगदान की राशि सदस्य की आयु और चुनी गई पेंशन राशि पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, लाभार्थी सनी कुमार के अनुसार, ₹5,000 मासिक पेंशन के लिए उनके खाते से ₹577 प्रतिमाह कटते हैं, जो 60 वर्ष की आयु तक जमा होते रहेंगे।
जम्मू में APY नामांकन का क्या लक्ष्य है?
PFRDA की सहायक महाप्रबंधक रूबी विनायक भावसागर के अनुसार, इस वर्ष जम्मू जिले के लिए 40,000 नए नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 10 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य पहले ही हासिल किया जा चुका है।
APY से देशभर में कितने लोग जुड़े हैं?
PFRDA के आँकड़ों के अनुसार, अटल पेंशन योजना से देशभर में अब तक 9 करोड़ 30 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। अकेले जम्मू जिले में साढ़े सात लाख की आबादी में से 1 लाख नागरिक इस योजना के सदस्य हैं।
APY में शामिल होने की पात्रता क्या है?
अटल पेंशन योजना में 18 से 40 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक शामिल हो सकते हैं। लाभार्थी अंजलि ठाकुर ने बताया कि उन्होंने 18 वर्ष की आयु से ही इस योजना में निवेश शुरू किया था। सदस्य को 60 वर्ष की आयु तक नियमित योगदान देना होता है।
राष्ट्र प्रेस
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