15 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आतिशी विवाद: पंजाब के उप सचिव ने नोटिस का जवाब देते हुए दिल्ली सरकार को पत्र लिखा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आतिशी विवाद: पंजाब के उप सचिव ने नोटिस का जवाब देते हुए दिल्ली सरकार को पत्र लिखा

सारांश

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी के खिलाफ सिख गुरुओं पर टिप्पणी मामले में पंजाब के उप सचिव का पत्र, जिसमें व्यक्तिगत उपस्थिति का अनुरोध किया गया है। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

आतिशी के बयान ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया।
पंजाब के उप सचिव ने व्यक्तिगत उपस्थिति का अनुरोध किया।
सिख गुरुओं पर टिप्पणी के मामले में भाजपा का आरोप।
पत्राचार में समय सीमा का उल्लंघन।
संविधानिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक।

नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा सिख गुरुओं के खिलाफ किए गए कथित बयान के मामले में पंजाब सरकार के गृह विभाग के उप सचिव को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया गया था। इस संदर्भ में उप सचिव ने दिल्ली विधानसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि दिल्ली विधानसभा सचिवालय के सचिव द्वारा २१ फरवरी को जारी नोटिस में मुझे विशेषाधिकार समिति, दिल्ली विधानसभा, पुराना सचिवालय के समक्ष २७ फरवरी को अपराह्न ३:०० बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही मुझे अपनी लिखित प्रतिक्रिया भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।

इसके अतिरिक्त, विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष के निर्देशानुसार, मुझे इस मामले पर अपनी राय २० फरवरी या उससे पहले प्रदान करनी थी, परंतु यह समय सीमा समाप्त हो गई है। इसलिए मुझे लिखित टिप्पणियों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है। यह स्थिति इस कारण उत्पन्न हुई है कि उनके द्वारा भेजा गया पत्र राज्य सरकार द्वारा समय पर दिल्ली विधानसभा सचिवालय को पहुंचाया नहीं गया था।

उप सचिव ने अनुरोध किया है कि उनके द्वारा पहले ही प्रस्तुत किए गए उत्तर को तत्काल दिल्ली विधानसभा सचिवालय को प्रेषित किया जाए। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि अपेक्षित उत्तर समय पर प्रस्तुत किया गया है। व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट का अनुरोध भी किया गया है। यह पत्र तत्काल विचार के लिए जारी किया जा रहा है, क्योंकि यह मामला एक संवैधानिक निकाय के समक्ष वैधानिक कार्यवाही से जुड़ा हुआ है।

यह ध्यान देने योग्य है कि ६ जनवरी २०२६ को विधानसभा में सिख गुरु तेग बहादुर जी की ३५०वीं शहादत दिवस पर चर्चा के दौरान आतिशी के कथित वक्तव्य से हंगामा मच गया था। भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि आतिशी ने गुरुओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने ८ जनवरी को सदन में कहा कि आतिशी ने स्पष्टीकरण नहीं दिया और सत्र में उपस्थित नहीं हुईं, इसलिए मामला विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

आतिशी के बयान पर उठे सवालों ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। पंजाब के उप सचिव द्वारा भेजा गया पत्र और व्यक्तिगत उपस्थिति का अनुरोध, राजनीतिक प्रक्रियाओं की जटिलताओं को उजागर करता है। यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक संवैधानिक निकाय के समक्ष वैधानिक कार्यवाही से संबंधित है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आतिशी ने सिख गुरुओं के बारे में क्या कहा?
आतिशी के कथित वक्तव्य से सिख गुरुओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी के आरोप लगाए गए हैं।
पंजाब के उप सचिव को क्यों नोटिस जारी किया गया?
उप सचिव को दिल्ली विधानसभा के विशेषाधिकार समिति के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।
क्या उप सचिव ने समय पर जवाब दिया था?
उप सचिव ने समय पर अपना जवाब भेजा था, लेकिन यह पत्र राज्य सरकार द्वारा समय पर नहीं भेजा गया।
इस मामले का राजनीतिक निहितार्थ क्या है?
यह मामला राजनीतिक तनाव और विवाद को उजागर करता है, जो दिल्ली और पंजाब सरकार के बीच बढ़ रहा है।
आतिशी का राजनीतिक करियर कैसे प्रभावित हो सकता है?
इस विवाद के चलते आतिशी की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जो उनके राजनीतिक करियर को चुनौती दे सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले