आतिशी विवाद: पंजाब के उप सचिव ने नोटिस का जवाब देते हुए दिल्ली सरकार को पत्र लिखा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा सिख गुरुओं के खिलाफ किए गए कथित बयान के मामले में पंजाब सरकार के गृह विभाग के उप सचिव को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया गया था। इस संदर्भ में उप सचिव ने दिल्ली विधानसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि दिल्ली विधानसभा सचिवालय के सचिव द्वारा २१ फरवरी को जारी नोटिस में मुझे विशेषाधिकार समिति, दिल्ली विधानसभा, पुराना सचिवालय के समक्ष २७ फरवरी को अपराह्न ३:०० बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही मुझे अपनी लिखित प्रतिक्रिया भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।
इसके अतिरिक्त, विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष के निर्देशानुसार, मुझे इस मामले पर अपनी राय २० फरवरी या उससे पहले प्रदान करनी थी, परंतु यह समय सीमा समाप्त हो गई है। इसलिए मुझे लिखित टिप्पणियों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है। यह स्थिति इस कारण उत्पन्न हुई है कि उनके द्वारा भेजा गया पत्र राज्य सरकार द्वारा समय पर दिल्ली विधानसभा सचिवालय को पहुंचाया नहीं गया था।
उप सचिव ने अनुरोध किया है कि उनके द्वारा पहले ही प्रस्तुत किए गए उत्तर को तत्काल दिल्ली विधानसभा सचिवालय को प्रेषित किया जाए। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि अपेक्षित उत्तर समय पर प्रस्तुत किया गया है। व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट का अनुरोध भी किया गया है। यह पत्र तत्काल विचार के लिए जारी किया जा रहा है, क्योंकि यह मामला एक संवैधानिक निकाय के समक्ष वैधानिक कार्यवाही से जुड़ा हुआ है।
यह ध्यान देने योग्य है कि ६ जनवरी २०२६ को विधानसभा में सिख गुरु तेग बहादुर जी की ३५०वीं शहादत दिवस पर चर्चा के दौरान आतिशी के कथित वक्तव्य से हंगामा मच गया था। भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि आतिशी ने गुरुओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने ८ जनवरी को सदन में कहा कि आतिशी ने स्पष्टीकरण नहीं दिया और सत्र में उपस्थित नहीं हुईं, इसलिए मामला विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया गया था।