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पाकिस्तान पुलिस फायरिंग में मारी गई 9 साल की ऑस्ट्रेलियाई बच्ची हानिया अहमद के दादा ने माँगा इंसाफ

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पाकिस्तान पुलिस फायरिंग में मारी गई 9 साल की ऑस्ट्रेलियाई बच्ची हानिया अहमद के दादा ने माँगा इंसाफ

सारांश

पाकिस्तान के चकवाल में एक लूट की घटना के दौरान पुलिस की अंधाधुंध गोलीबारी ने 9 साल की ऑस्ट्रेलियाई बच्ची हानिया अहमद की जान ले ली — पोस्टमॉर्टम में 5 गोलियाँ मिलीं। अब उसके दादा और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री दोनों इंसाफ माँग रहे हैं, जबकि CCD पर 670 फर्जी एनकाउंटर के आरोप पहले से हैं।

मुख्य बातें

9 वर्षीय हानिया अहमद , ऑस्ट्रेलियाई नागरिक, पाकिस्तान के चकवाल ज़िले में पुलिस फायरिंग में मारी गई; पोस्टमॉर्टम में कम से कम 5 गोलियाँ पाई गईं।
दादा मजहर हुसैन चौहान और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज दोनों ने पारदर्शी जाँच और न्याय की माँग की।
घटना एक सशस्त्र डकैती के दौरान हुई; परिवार का कहना है पुलिस ने पहले गोली चलाई , CCD का दावा इसके उलट है।
HRCP ने 2025 के आठ महीनों में CCD से जुड़े 670 एनकाउंटर और 924 मौतें दर्ज की हैं।
पीड़ित परिवारों को कथित तौर पर मामला वापस लेने की धमकियाँ दी गई हैं — HRCP ने इसे न्याय में बाधा बताया।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस की गोलीबारी में जान गँवाने वाली 9 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हानिया अहमद के दादा मजहर हुसैन चौहान ने 25 जून 2025 को न्याय की पुरज़ोर माँग की है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज पहले ही इस घटना की पारदर्शी जाँच की अपील कर चुके हैं, और अब परिवार की यह आवाज़ दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दबाव को और गहरा कर रही है।

घटना का पूरा घटनाक्रम

हानिया अहमद अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया से पाकिस्तान में रिश्तेदारों से मिलने आई थी। परिवार चकवाल ज़िले, पंजाब प्रांत में एक रिश्तेदार के घर डिनर के लिए गया था। मजहर हुसैन चौहान डिनर के बाद वापस लौट गए, जबकि हानिया अपने परिवार के साथ वहीं रुकी रही।

लगभग तीन घंटे बाद चौहान को फोन आया कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हुआ है। अस्पताल पहुँचने पर उन्होंने अपनी पोती का शव स्ट्रेचर पर देखा। उन्होंने बताया, 'मेरा बेटा और पोता घायल थे, पुलिस और डॉक्टर अपना काम कर रहे थे — मुझे गोलियों के बारे में कोई अंदाज़ा नहीं था।'

लूट से शुरू हुई घटना, गोलीबारी में बदली

घटना तब शुरू हुई जब दो लुटेरों ने हानिया के परिवार को रिश्तेदार के घर के बाहर बंदूक की नोक पर रोककर ज्वेलरी लूटने की कोशिश की। पाकिस्तान के क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट (CCD) का दावा है कि लुटेरों ने पहले मौजूद अधिकारी पर गोली चलाई। हालाँकि, हानिया के पिता अहमद ने कहा कि पुलिस ने पहले फायरिंग की — यह विरोधाभास जाँच का केंद्र बना हुआ है।

जब परिवार अफरातफरी में वहाँ से निकलने की कोशिश कर रहा था, तो एक पुलिस अधिकारी ने उनकी कार पर गोलियाँ चलाता रहा — यह सोचकर कि कार में लुटेरे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार हानिया को कम से कम पाँच गोलियाँ लगीं और उसकी तत्काल मृत्यु हो गई। उसके भाई और पिता घायल हो गए।

CCD पर पहले से थे गंभीर आरोप

CCD को 2025 में पंजाब प्रांत में अपराध नियंत्रण के लिए गठित किया गया था। लेकिन पाकिस्तान ह्यूमन राइट्स कमीशन (HRCP) ने हानिया की मृत्यु से पहले ही इस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।

फरवरी 2025 में HRCP ने CCD पर जानबूझकर फर्जी एनकाउंटर की नीति अपनाने का आरोप लगाया था, जिसे उसने न्यायेतर हत्याओं के रूप में वर्णित किया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के आधार पर HRCP ने 2025 के आठ महीनों में CCD से जुड़े कम से कम 670 एनकाउंटर दर्ज किए, जिनमें 924 संदिग्धों की मौत हुई और 2 पुलिस अधिकारी भी मारे गए।

परिवार पर दबाव और धमकी के आरोप

HRCP ने पीड़ित परिवारों में व्याप्त भय के माहौल को भी दर्ज किया है। एक परिवार ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने मृतक को तुरंत दफनाने का दबाव बनाया और कथित तौर पर चेतावनी दी कि मामला आगे बढ़ाने पर अन्य रिश्तेदारों को भी नुकसान पहुँचाया जा सकता है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की धमकियाँ न केवल आपराधिक हैं, बल्कि न्याय की राह में सबसे बड़ी बाधा हैं।

अंतरराष्ट्रीय दबाव और आगे की राह

मजहर हुसैन चौहान ने कहा, 'चाहे हमें ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री की वजह से इंसाफ मिले या पुलिस की वजह से — हमें बस इंसाफ चाहिए।' यह मामला अब केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं रहा; यह पाकिस्तान में पुलिस जवाबदेही और ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों की कसौटी बन गया है। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और दोनों सरकारों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि हानिया के परिवार को न्याय मिलता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और जिसे पंजाब सरकार ने नज़रअंदाज़ किया। विडंबना यह है कि एक विदेशी नागरिक की मौत के बाद ही अंतरराष्ट्रीय दबाव बना, जबकि 924 पाकिस्तानी संदिग्धों की मौतें चुपचाप दर्ज होती रहीं। असली सवाल यह है कि क्या जाँच केवल राजनयिक दबाव की वजह से होगी, या पाकिस्तान की न्यायिक प्रणाली अपनी पुलिस को भी उसी तराज़ू पर तौलेगी जिस पर आम नागरिक को तौला जाता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हानिया अहमद कौन थी और उसकी मौत कैसे हुई?
हानिया अहमद एक 9 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक थी जो परिवार के साथ पाकिस्तान में रिश्तेदारों से मिलने आई थी। चकवाल ज़िले में एक लूट की घटना के दौरान पुलिस की गोलीबारी में वह मारी गई; पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार उसे कम से कम पाँच गोलियाँ लगीं।
पाकिस्तान का CCD क्या है और इस पर क्या आरोप हैं?
क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट (CCD) को 2025 में पंजाब प्रांत में अपराध नियंत्रण के लिए बनाया गया था। HRCP ने इस पर फर्जी एनकाउंटर की नीति अपनाने का आरोप लगाया है और 2025 के आठ महीनों में इससे जुड़े 670 एनकाउंटर व 924 मौतें दर्ज की हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने इस मामले में क्या रुख अपनाया है?
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना की पारदर्शी जाँच की माँग की है। हानिया के दादा मजहर हुसैन चौहान ने कहा कि परिवार को बस इंसाफ चाहिए, चाहे वह किसी भी माध्यम से मिले।
घटना को लेकर परिवार और पुलिस के बयानों में क्या अंतर है?
CCD का दावा है कि लुटेरों ने पहले पुलिस अधिकारी पर गोली चलाई, जबकि हानिया के पिता का कहना है कि पुलिस ने पहले फायर किया। यह विरोधाभास जाँच का सबसे अहम बिंदु है।
क्या पीड़ित परिवारों को धमकियाँ मिली हैं?
HRCP ने दर्ज किया है कि कुछ परिवारों को पुलिस अधिकारियों की ओर से मृतकों को जल्द दफनाने और मामला वापस लेने का दबाव दिया गया, साथ ही अन्य रिश्तेदारों को नुकसान पहुँचाने की कथित चेतावनी भी दी गई। HRCP ने इसे न्याय में गंभीर बाधा बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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