अयोध्या: मेडिकल कॉलेज छात्र सरफराज के पास मिला बम बनाने का फार्मूला, ATS-खुफिया विभाग की पूछताछ दूसरे दिन भी जारी
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के राजश्री दशरथ मेडिकल कॉलेज में 2 अगस्त 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब लैब टेक्नीशियन प्रथम वर्ष के छात्र सरफराज के पास रात की ड्यूटी के दौरान बम बनाने का हस्तलिखित फार्मूला बरामद हुआ। एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS), खुफिया विभाग और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शनिवार से लगातार सरफराज से पूछताछ कर रहे हैं और यह जाँच दूसरे दिन भी जारी है।
मामले का घटनाक्रम
बलरामपुर निवासी सरफराज राजश्री दशरथ मेडिकल कॉलेज में लैब टेक्नीशियन का छात्र है और दर्शन नगर स्थित मेडिकल कॉलेज के निकट एक किराए के कमरे में रहता था। शुक्रवार की रात ड्यूटी के दौरान उसके पास से बम बनाने का फार्मूला लिखा कागज़ बरामद हुआ। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद सरफराज को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस ने सरफराज के किराए के कमरे को सील कर दिया है। जानकारी के अनुसार, उस रात ड्यूटी पर मौजूद दो अन्य व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया है और उनसे भी अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।
मकान मालिक की गवाही
जिस मकान में सरफराज किराए पर रहता था, उसके मकान मालिक ने बताया कि सरफराज का स्वभाव सीधा था और वह किसी से अधिक मेल-जोल नहीं रखता था। मकान मालिक के अनुसार, सरफराज पढ़ाई के दौरान अधिकतर समय कमरे में बंद रहता था और उसे केवल आते-जाते समय ही देखा जाता था।
मकान मालिक का यह भी दावा है कि सरफराज के पास 'जय श्री राम' लिखी एक टी-शर्ट भी मिली है और उन्होंने उसे कई बार वह टी-शर्ट पहने देखा था।
जाँच एजेंसियों की कार्रवाई
ATS और खुफिया विभाग की टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरफराज के पास बम बनाने का फार्मूला कहाँ से आया और इसके पीछे उसकी मंशा क्या थी। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ का दायरा उन दोनों अन्य व्यक्तियों तक भी बढ़ाया गया है जो शुक्रवार की रात ड्यूटी पर थे।
यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या पहले से ही सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज परिसर जैसी शिक्षण संस्थाओं में इस तरह की सामग्री की बरामदगी एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
आगे की जाँच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जाँच अभी जारी है और अभी तक कोई औपचारिक आरोप तय नहीं किए गए हैं। जाँच एजेंसियाँ सरफराज के संपर्क-सूत्रों और डिजिटल गतिविधियों की भी जाँच कर रही हैं। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और स्पष्ट होने की संभावना है।