अयोध्या नववर्ष दिवस के लिए राष्ट्रपति की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम की तैयारी

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अयोध्या नववर्ष दिवस के लिए राष्ट्रपति की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम की तैयारी

सारांश

अयोध्या में वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति के साथ यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपराओं से शुरू होगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं भी होंगी।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपराओं के अनुसार दिन की शुरुआत।
आमंत्रित अतिथियों के लिए विशेष भोजनालय की व्यवस्था।
सुरक्षा व्यवस्था में विशेष सतर्कता।
श्रद्धालुओं के लिए सामान्य दर्शन की व्यवस्था।

अयोध्या, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष प्रतिपदा के पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के लिए व्यापक तैयारियां पूरी की गई हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति से सजी इस घटना की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपराओं के अनुसार होगी। श्रद्धालुओं और आमंत्रित अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राष्ट्रपति की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दिन सुबह आमंत्रित अतिथियों के आवास स्थलों के आसपास स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपरा के अनुसार शाखा लगेगी, ध्वज प्रणाम किया जाएगा और इसके साथ ही ‘आद्य सरसंघचालक प्रणाम’ से दिन की शुरुआत होगी।

उन्होंने बताया कि आमंत्रित अतिथियों के लिए आठ अलग-अलग स्थानों पर भोजनालय की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में मुख्य रूप से दो द्वार निर्धारित किए गए हैं—बिड़ला धर्मशाला के सामने और रंग महल बैरियर। सभी आमंत्रितजनों को सुबह १० बजे तक प्रवेश करना अनिवार्य होगा।

चंपत राय ने आगे बताया कि कार्यक्रम के समापन के बाद, लगभग पौने दो बजे सभी आमंत्रित अतिथियों को दर्शन कराए जाएंगे। इस विशेष दिन के लिए कोई विशेष दर्शन पास जारी नहीं किया गया है, हालांकि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी। नवरात्रि से दर्शन का समय भी बढ़ाया जाएगा।

आवास की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के अतिथियों को मंदिर के पूर्व दिशा में ठहराया गया है, जबकि उत्तराखंड, मेरठ और ब्रज प्रांत से आने वाले अतिथियों के लिए रामघाट और दोराही कुआं क्षेत्र में व्यवस्था की गई है। बसों से आने वाले निर्माण सहयोगियों के लिए चूड़ामणि चौराहे और तीर्थ क्षेत्र पुरम में ठहरने की सुविधा दी गई है।

उन्होंने यह भी बताया कि आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी अपने १,१०० से अधिक भक्तों के साथ अयोध्या पहुंच चुकी हैं। मंदिर आंदोलन और निधि समर्पण अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में आमंत्रित किया गया है, हालाँकि स्थान की सीमाओं के कारण सभी को आमंत्रित नहीं किया जा सका।

चंपत राय ने अनुरोध किया कि आमंत्रित अतिथियों को कार्यक्रम स्थल पर जाने से पहले अपने आवास पर ही भोजन या जलपान कर लेना चाहिए। कार्यक्रम स्थल पर अल्पाहार की भी व्यवस्था रहेगी और व्रत रखने वालों के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा। अतिथि चाहें तो कार्यक्रम के बाद उसी दिन वापस जा सकते हैं या अगले दिन लौट सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति ने इसे और भी विशेष बना दिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपराओं का पालन करते हुए इस दिन का आयोजन एकता और श्रद्धा का प्रतीक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन-कौन से अतिथियों को आमंत्रित किया गया है?
आमंत्रित अतिथियों में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक नेता शामिल हैं, जिनमें आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी भी हैं।
कार्यक्रम में सुरक्षा की क्या व्यवस्था होगी?
कार्यक्रम में सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें स्वयंसेवक और सुरक्षा बल शामिल होंगे।
दर्शन के लिए क्या विशेष व्यवस्था होगी?
दर्शन के लिए सामान्य श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी, विशेष दर्शन पास जारी नहीं किए गए हैं।
कार्यक्रम के बाद अतिथियों के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
कार्यक्रम के बाद अतिथियों को दर्शन कराए जाएंगे और वे उसी दिन वापस जा सकते हैं या अगले दिन प्रस्थान कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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