आयुष्मान भारत से 44 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य कवर: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कोयंबटूर में नर्सिंग कॉलेज का उद्घाटन किया
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 22 जुलाई 2026 को कोयंबटूर में जीकेएनएम ग्रुप कॉलेज ऑफ नर्सिंग का उद्घाटन करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच के मामले में वैश्विक पहचान अर्जित की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के अंतर्गत अब तक लगभग 44 करोड़ लोगों को ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्राप्त हो चुका है। उपराष्ट्रपति ने इसे भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में एक निर्णायक बदलाव बताया।
मुख्य घटनाक्रम
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने जी. कुप्पुस्वामी नायडू चैरिटेबल ट्रस्ट की दशकों पुरानी सेवा-परंपरा की सराहना की। उन्होंने रेखांकित किया कि 1952 में स्थापित इस संस्थान का 50 बिस्तरों वाला अस्पताल आज 750 बिस्तरों वाले बहु-विशेषज्ञता केंद्र में रूपांतरित हो चुका है। नवोद्घाटित नर्सिंग महाविद्यालय इस समूह की शैक्षणिक और स्वास्थ्य-सेवा यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।
नर्सिंग पेशे पर उपराष्ट्रपति का संदेश
राधाकृष्णन ने नर्सिंग पेशे को केवल देखभाल तक सीमित न मानते हुए कहा कि नर्सें मरीजों को सुरक्षित, संरक्षित और स्नेहिल अनुभव कराती हैं। उनके अनुसार, दवाओं के साथ-साथ नर्सों की करुणा और सजगता उपचार प्रक्रिया में अपरिहार्य भूमिका निभाती है। उन्होंने नए छात्रों से आग्रह किया कि वे आत्मविश्वास, करुणा, समर्पण और साहस के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और पेशे की गरिमा को सर्वोच्च रखें।
सरकारी स्वास्थ्य पहलों पर प्रकाश
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मिल रही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र के चल रहे डिजिटलीकरण का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये पहलें देश के दूरदराज के क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
निवारक स्वास्थ्य और जागरूकता का आह्वान
राधाकृष्णन ने महिलाओं और बच्चों में एनीमिया उन्मूलन, स्वस्थ गर्भावस्था सुनिश्चित करने और शैशवावस्था से किशोरावस्था तक पोषण स्तर सुधारने हेतु समन्वित प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने अंगदान और नेत्रदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की अपील करते हुए इन्हें जीवन रक्षक और आशा के प्रतीक कार्य बताया। गौरतलब है कि भारत में अंगदान की दर अभी भी वैश्विक औसत से काफी नीचे है।
आगे की राह
उपराष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि नवोद्घाटित नर्सिंग महाविद्यालय सक्षम और संवेदनशील स्वास्थ्य पेशेवर तैयार करेगा। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि जी. कुप्पुस्वामी नायडू चैरिटेबल ट्रस्ट शीघ्र एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना करेगा, जो समाज के सबसे कमजोर वर्गों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध चिकित्सक तैयार करेगा। इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और कुप्पुस्वामी नायडू चैरिटी ट्रस्ट फॉर एजुकेशन एंड मेडिकल रिलीफ के अध्यक्ष आर. गोपीनाथ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।