यूपी विधानसभा चुनाव 2027: चंद्रशेखर आजाद बोले- आजाद समाज पार्टी की तैयारी पूरी, अकेले भी लड़ने में सक्षम
सारांश
मुख्य बातें
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 पूरी ताक़त के साथ लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी साढ़े चार वर्षों से निरंतर चुनावी तैयारी में जुटी है और अकेले मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
गठबंधन की इच्छा, लेकिन अकेले लड़ने का हौसला
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी गठबंधन बनाने की इच्छुक थी, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता में वापसी का मौक़ा न मिले। हालाँकि उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यदि गठबंधन नहीं बनता, तो आजाद समाज पार्टी अकेले भी चुनाव लड़ने में पूरी तरह सक्षम है। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सीमित सीटों पर प्रदर्शन किया था, और इस बार वह अपनी उपस्थिति विस्तृत करने की योजना बना रही है।
अधिवक्ताओं के सम्मेलन में उठाए गए मुद्दे
वकीलों के प्रस्तावित सम्मेलन को लेकर आजाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता लंबे समय से अपनी माँगें उठाते आ रहे हैं, लेकिन पिछली सरकारों ने उनकी अनदेखी की। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में अधिवक्ताओं की सुरक्षा, कैशलेस इलाज की सीमा बढ़ाने, दुर्घटना मुआवज़े में वृद्धि, चैंबर की व्यवस्था, नए वकीलों की समस्याएँ और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा न्यायपालिका में बहुजन समाज की भागीदारी बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया जाएगा।
भाजपा के 'सुशासन' पर तीखा प्रहार
भाजपा की लखनऊ में हो रही बैठक पर टिप्पणी करते हुए आजाद ने कहा कि इस बार जनता बदलाव करेगी। उन्होंने कहा कि ईको गार्डन में पंचायत सहायक, शिक्षक भर्ती, मेडिकल कॉलेज, सीएचओ, सहकारी समितियों से जुड़े लोग, रोज़गार सेवक, आशा बहनें और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता धरने पर बैठे मिलेंगे। आलोचकों का कहना है कि यह दृश्य BJP सरकार के दावों और ज़मीनी हक़ीकत के बीच की खाई को उजागर करता है।
बैलेट पेपर की माँग और EVM विवाद
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए आजाद ने मतदाता सूची में कमियों का ज़िक्र किया और माँग की कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएँ। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की इसी माँग का समर्थन करते हुए BJP को चुनौती दी कि यदि उसे अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है, तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने में आपत्ति क्यों है। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव भी बैलेट पेपर से कराने की माँग दोहराई।
छात्रसंघ चुनाव और सरकारी नौकरी के नए नियम
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने पर आजाद ने छात्र-छात्राओं को बधाई दी और कहा कि यह रास्ता उनके संघर्ष से खुला है। उन्होंने माँग की कि उत्तर प्रदेश में जहाँ-जहाँ छात्रसंघ चुनाव बंद हैं, वहाँ भी चुनाव कराए जाएँ। सरकारी नौकरी के लिए जारी नए नियमों पर उन्होंने कहा कि यह 'डरी हुई सरकार' का उदाहरण है। उनके अनुसार सरकार नौजवानों और बेरोज़गारों की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है, और जनता 2027 में इसका जवाब देगी।
INDIA गठबंधन की रैली और लोकतंत्र पर बयान
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली का उल्लेख करते हुए आजाद ने चुनाव आयुक्तों के बीच उठापटक और एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया पर जनता के बढ़ते अविश्वास की बात कही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र जनता के जनमत और विश्वास से चलता है — जब यह विश्वास उठ जाए, तो इस्तीफ़ा देना चाहिए। हाथरस कांड के पीड़ित परिवार से किए गए वादे पूरे न करने पर भी उन्होंने BJP को घेरा।