चंद्रशेखर आजाद की 'सत्ता परिवर्तन यात्रा': विपक्षी एकता पर सवाल, 33 संकल्पों का खाका
सारांश
मुख्य बातें
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 30 मई 2026 को लखनऊ में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' के माध्यम से उत्तर प्रदेश के गाँवों, कस्बों और शहरों में जनता के बीच पहुँचेगी। उन्होंने देश में एक मज़बूत और वास्तविक विपक्ष की अनुपस्थिति पर चिंता जताई और विपक्षी दलों की आपसी प्रतिस्पर्धा को जनता के सामने प्रभावी विकल्प न रख पाने की बड़ी वजह बताया।
विपक्षी एकता पर गहरे सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में विपक्षी दल कई स्थानों पर एक-दूसरे के विरुद्ध चुनावी मैदान में उतरे। उनके अनुसार, जब विपक्षी दल आपस में ही लड़ते रहेंगे, तो जनता के सामने एक ठोस विकल्प रखना संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश राजनीतिक दल सत्ता हासिल करने की होड़ में लगे हैं और विपक्षी एकजुटता का दावा ज़मीनी स्तर पर नज़र नहीं आता।
पार्टी की चुनावी तैयारी और संगठन विस्तार
आजाद समाज पार्टी वर्ष 2022 से लगातार संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान पर काम कर रही है। चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि वर्ष 2026 में पार्टी के गठन के चार वर्ष पूरे हो जाएंगे और इस अवधि में संगठन को मज़बूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं। 2024 के चुनाव में पार्टी ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा, जिनमें से एक सीट पर जीत हासिल हुई, जबकि दूसरी सीट पर पार्टी तीसरे स्थान पर रही। उन्होंने कहा कि इस चुनावी सफलता ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है।
पंचायत चुनाव और सरकार पर आरोप
पंचायत चुनावों को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को पहले से पता था कि पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन, उसकी रिपोर्ट और समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में आरक्षण लागू हो सकता है, फिर भी आवश्यक तैयारियाँ समय पर नहीं की गईं। उन्होंने कहा कि वह पहले से ही यह चेतावनी दे रहे थे कि सरकार पंचायत चुनाव कराने की स्थिति में नहीं है।
जनता की समस्याएँ और 33 संकल्प
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि प्रदेश की जनता इस समय बिजली कटौती, बढ़ती बिजली दरें, बेरोज़गारी, महंगाई और रसोई गैस, पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों से जूझ रही है। उनके अनुसार सरकार इन समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं कर पा रही। इसी पृष्ठभूमि में पार्टी ने जनता के सामने 33 संकल्पों का एक विस्तृत खाका रखा है, जिसमें सत्ता में आने पर की जाने वाली नीतियों और प्राथमिकताओं का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।
यात्रा का उद्देश्य और आगे की राह
चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट किया कि 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि जनता के दुख-दर्द को समझने और उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पार्टी का मूल उद्देश्य समाज के वंचित, पिछड़े और कमज़ोर वर्गों को राजनीतिक भागीदारी दिलाना और उनके अधिकारों की आवाज़ को मज़बूत करना है। पार्टी उन सभी राजनीतिक और सामाजिक शक्तियों के साथ सहयोग को तैयार है जो भागीदारी की राजनीति का सम्मान करती हैं।