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क्या मैंने नेताजी और राम मनोहर लोहिया से कुछ सीखा? : बी. सुदर्शन रेड्डी

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क्या मैंने नेताजी और राम मनोहर लोहिया से कुछ सीखा? : बी. सुदर्शन रेड्डी

सारांश

बी. सुदर्शन रेड्डी ने नेताजी और लोहिया से सीखे गए अनुभव साझा किए। उनकी मुलाकात अखिलेश यादव से हुई, जहां उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा और संविधान के प्रति समर्पण को उजागर किया। यह कहानी उन नेताओं की है जो एकजुटता और सहयोग की भावना से आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्य बातें

संविधान के प्रति समर्पण एकजुटता की आवश्यकता राजनीतिक सहयोग का महत्व नेताजी और लोहिया से सीखे गए पाठ हिंदी में भाषण देने की ख्वाहिश

लखनऊ, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। 'इंडिया अलायंस' के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस अवसर पर सपा प्रमुख ने उन्हें सम्मानित किया। बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि मैंने नेताजी और राम मनोहर लोहिया से बहुत कुछ सीखा है।

'इंडिया अलायंस' के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा, "मैंने नेताजी मुलायम सिंह यादव और राम मनोहर लोहिया से बहुत कुछ सीखा है, लेकिन हिंदी में भाषण देना नहीं सीख पाया हूं। मेरे दिल में ख्वाहिश है कि हिंदी में भाषण दूं, लेकिन शायद यह संभव न हो, पर मैं प्रयास करता रहूंगा। जब भी मैं यूपी और बिहार जाता हूं, तो हिंदी में बोलने का प्रयास करता हूं। विपक्षी दलों ने मुझ पर भरोसा जताकर यह अवसर दिया है। 'इंडिया ब्लॉक' के सभी दल एकजुट होकर मेरा समर्थन कर रहे हैं।

सुदर्शन रेड्डी ने हाल ही में दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और चेन्नई में स्टालिन से हुई उनकी मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर और बाहर भी सभी दल अपना समर्थन देने के लिए आगे आ रहे हैं। शायद अखिलेश यादव के बिना यह संभव नहीं होता। हाल ही में, मैं अरविंद केजरीवाल से मिला, कुछ दिन पहले मैं चेन्नई में था, जहां मेरी मुलाकात एम.के. स्टालिन से हुई और मैं कई सांसदों से लगातार बातचीत कर रहा हूं। आज, मैं उत्तर प्रदेश के माननीय सांसदों का समर्थन मांगने आया हूं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का कार्यालय कोई राजनीतिक पद नहीं है और इसमें कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं होना चाहिए।

रेड्डी ने कहा, "मेरी यात्रा 1971 से संविधान के प्रति समर्पित रही है। कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मैं राजनीति में क्यों आया, लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सभी विपक्षी दलों ने मुझे इस भूमिका के लिए चुना है।"

रेड्डी ने नक्सलवाद से प्रेरित होने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा, "मैंने ऐसा कोई काम नहीं किया। मैं बड़े-बड़े शब्दों का इस्तेमाल नहीं करूंगा, लेकिन गंभीरता से काम करने और एकजुटता के लिए प्रतिबद्ध हूं।"

इस अवसर पर अखिलेश यादव ने रेड्डी के संविधान के प्रति समर्पण और उनकी सादगी की प्रशंसा की। इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने भी रेड्डी के समर्थन में एकजुटता दिखाई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बी. सुदर्शन रेड्डी कौन हैं?
बी. सुदर्शन रेड्डी 'इंडिया अलायंस' के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं और उन्होंने नेताजी और राम मनोहर लोहिया से सीखा है।
यह मुलाकात क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मुलाकात विपक्षी दलों के एकजुटता को दर्शाती है और राजनीतिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर देती है।
राष्ट्र प्रेस
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