बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: पटियाला हाउस कोर्ट ने अनमोल बिश्नोई की कस्टडी देने से इनकार किया
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में अनमोल बिश्नोई को मुंबई पुलिस की हिरासत में सौंपने की अर्जी 22 जुलाई को खारिज कर दी। अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस आदेश का हवाला दिया जिसके तहत अनमोल को तिहाड़ जेल से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
अदालत का आदेश और कारण
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी पत्र को आधार बनाते हुए मुंबई पुलिस की याचिका अस्वीकार कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मंत्रालयी आदेश को देखते हुए अनमोल बिश्नोई को फिजिकली मुंबई पुलिस के हवाले नहीं किया जा सकता।
मुख्य घटनाक्रम
20 जुलाई को मुंबई की मकोका विशेष कोर्ट ने अनमोल बिश्नोई का प्रोडक्शन वॉरंट जारी किया था। इसके बाद मुंबई पुलिस के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के पुलिस निरीक्षक अरुण थोराट और उनकी टीम को तिहाड़ जेल से अनमोल को कस्टडी में लेने के लिए दिल्ली भेजा गया। 22 जुलाई को निरीक्षक थोराट ने पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया, लेकिन अदालत ने कस्टडी सौंपने से इनकार कर दिया।
फरार आरोपियों पर कार्रवाई
इस हत्याकांड में दो फरार आरोपियों — मोहम्मद यासीन अस्तर उर्फ सिकंदर उर्फ मोहम्मद जमील उर्फ जीशान अख्तर और शुभम लोनकर उर्फ शुब्बु — के खिलाफ लुकआउट नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं। यह जानकारी 24 जुलाई को मुंबई पुलिस ने मकोका की विशेष अदालत को दी।
आगे क्या होगा
गृह मंत्रालय के प्रतिबंध आदेश के चलते मुंबई पुलिस की कस्टडी की राह अभी बंद दिखती है। मामले की अगली सुनवाई में यह देखना अहम होगा कि क्या मुंबई पुलिस केंद्र सरकार से इस प्रतिबंध में छूट माँगती है या कोई वैकल्पिक कानूनी रास्ता अपनाती है।