25 जुलाई 2026
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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: पटियाला हाउस कोर्ट ने अनमोल बिश्नोई की कस्टडी देने से इनकार किया

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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: पटियाला हाउस कोर्ट ने अनमोल बिश्नोई की कस्टडी देने से इनकार किया

सारांश

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में मुंबई पुलिस को बड़ा झटका — पटियाला हाउस कोर्ट ने अनमोल बिश्नोई को हिरासत में सौंपने से इनकार कर दिया। MHA के आदेश ने तिहाड़ से बाहर आवाजाही पर रोक लगा रखी है, जबकि दो फरार आरोपियों पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी।

मुख्य बातें

पटियाला हाउस कोर्ट ने 22 जुलाई को मुंबई पुलिस की अनमोल बिश्नोई की कस्टडी माँगने वाली याचिका खारिज की।
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के आदेश के चलते अनमोल को तिहाड़ जेल से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध है।
मुंबई की मकोका विशेष कोर्ट ने 20 जुलाई को प्रोडक्शन वॉरंट जारी किया था।
फरार आरोपी मोहम्मद यासीन अस्तर और शुभम लोनकर के खिलाफ लुकआउट व रेड कॉर्नर नोटिस जारी।
मुंबई पुलिस के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के निरीक्षक अरुण थोराट की टीम खाली हाथ लौटी।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में अनमोल बिश्नोई को मुंबई पुलिस की हिरासत में सौंपने की अर्जी 22 जुलाई को खारिज कर दी। अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस आदेश का हवाला दिया जिसके तहत अनमोल को तिहाड़ जेल से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

अदालत का आदेश और कारण

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी पत्र को आधार बनाते हुए मुंबई पुलिस की याचिका अस्वीकार कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मंत्रालयी आदेश को देखते हुए अनमोल बिश्नोई को फिजिकली मुंबई पुलिस के हवाले नहीं किया जा सकता।

मुख्य घटनाक्रम

20 जुलाई को मुंबई की मकोका विशेष कोर्ट ने अनमोल बिश्नोई का प्रोडक्शन वॉरंट जारी किया था। इसके बाद मुंबई पुलिस के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के पुलिस निरीक्षक अरुण थोराट और उनकी टीम को तिहाड़ जेल से अनमोल को कस्टडी में लेने के लिए दिल्ली भेजा गया। 22 जुलाई को निरीक्षक थोराट ने पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया, लेकिन अदालत ने कस्टडी सौंपने से इनकार कर दिया।

फरार आरोपियों पर कार्रवाई

इस हत्याकांड में दो फरार आरोपियों — मोहम्मद यासीन अस्तर उर्फ सिकंदर उर्फ मोहम्मद जमील उर्फ जीशान अख्तर और शुभम लोनकर उर्फ शुब्बु — के खिलाफ लुकआउट नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं। यह जानकारी 24 जुलाई को मुंबई पुलिस ने मकोका की विशेष अदालत को दी।

आगे क्या होगा

गृह मंत्रालय के प्रतिबंध आदेश के चलते मुंबई पुलिस की कस्टडी की राह अभी बंद दिखती है। मामले की अगली सुनवाई में यह देखना अहम होगा कि क्या मुंबई पुलिस केंद्र सरकार से इस प्रतिबंध में छूट माँगती है या कोई वैकल्पिक कानूनी रास्ता अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दूसरी तरफ यह मुंबई पुलिस की जाँच की रफ्तार पर सीधा असर डालता है। यह पहली बार नहीं है जब बिश्नोई गैंग से जुड़े मामलों में राज्य पुलिस को केंद्रीय अवरोधों का सामना करना पड़ा हो। असली सवाल यह है कि फरार आरोपियों पर जारी रेड कॉर्नर नोटिस के बावजूद अभियोजन की समयसीमा कितनी खिंचेगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटियाला हाउस कोर्ट ने अनमोल बिश्नोई की कस्टडी क्यों नहीं दी?
अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें अनमोल बिश्नोई को तिहाड़ जेल से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस आदेश के चलते उसे फिजिकली मुंबई पुलिस को नहीं सौंपा जा सका।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में अनमोल बिश्नोई की क्या भूमिका है?
अनमोल बिश्नोई महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में आरोपी है। मुंबई पुलिस की मकोका विशेष अदालत में उसके खिलाफ कार्यवाही चल रही है और उसे पूछताछ के लिए मुंबई लाने की कोशिश की जा रही थी।
मुंबई पुलिस ने अनमोल बिश्नोई की कस्टडी के लिए क्या कदम उठाए थे?
20 जुलाई को मकोका कोर्ट से प्रोडक्शन वॉरंट हासिल करने के बाद एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के निरीक्षक अरुण थोराट की टीम दिल्ली गई। 22 जुलाई को उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट में अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया, लेकिन अदालत ने कस्टडी सौंपने से मना कर दिया।
इस मामले में फरार आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
फरार आरोपी मोहम्मद यासीन अस्तर और शुभम लोनकर उर्फ शुब्बु के खिलाफ लुकआउट नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं। यह जानकारी 24 जुलाई को मुंबई पुलिस ने मकोका की विशेष अदालत को दी।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
गृह मंत्रालय के प्रतिबंध के चलते मुंबई पुलिस को या तो केंद्र से छूट माँगनी होगी या वैकल्पिक कानूनी रास्ता अपनाना होगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजर रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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