पीएम स्वनिधि योजना ने बदली गाजियाबाद की बबीता शर्मा की जिंदगी, मोदी ने 'मन की बात' में की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 30 अगस्त को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत महिला सशक्तिकरण की बात करते हुए गाजियाबाद की रहने वाली बबीता शर्मा का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह योजना एक साधारण महिला को आत्मनिर्भरता की राह पर ले जा सकती है।
कोविड के बाद अकेलेपन से उठकर आत्मनिर्भरता तक
बबीता शर्मा ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान उनके पति उन्हें छोड़कर चले गए, जिसके बाद वह पूरी तरह अकेली पड़ गईं। उस कठिन दौर में दो वक्त की रोटी जुटाना भी उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। उन्होंने कहा, 'मैं किसी के सामने पैसों को लेकर हाथ फैलाना नहीं चाहती थी।'
इसी संघर्ष के बीच किसी परिचित के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। उन्होंने पहले ₹10,000 का ऋण लिया, फिर ₹20,000 और बाद में ₹50,000 तक का कर्ज लेकर अपनी दुकान को मजबूती से खड़ा किया।
आज की स्थिति: दुकान भी, बच्चों की पढ़ाई भी
बबीता शर्मा ने बताया कि आज वह न केवल अपनी दुकान सफलतापूर्वक चला रही हैं, बल्कि अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च भी स्वयं उठा रही हैं। उन्होंने कहा, 'आज मैं लाचार नहीं हूं। मुझे केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।' उनके पास श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड — तीनों सरकारी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
अधिकारी की नजर से: योजना का क्रमिक लाभ
गाजियाबाद की डूडा अधिकारी प्रिया सारस्वत ने बताया कि बबीता शर्मा का सफर इस बात का उदाहरण है कि कैसे ₹10,000 के छोटे ऋण से शुरुआत कर एक लाभार्थी ₹50,000 तक की ऋण सीमा तक पहुँच सकती है और अपना व्यवसाय विस्तारित कर सकती है।
पीएम मोदी की प्रतिक्रिया और योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में बबीता शर्मा की कहानी को स्वनिधि योजना की सफलता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। यह योजना मुख्य रूप से रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसाय करने वाले लोगों को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराती है, जिससे वे अपनी आजीविका फिर से खड़ी कर सकें। बबीता शर्मा जैसे लाभार्थियों की सफलता की कहानियाँ इस योजना के ज़मीनी असर को रेखांकित करती हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार महिला-केंद्रित योजनाओं को अपनी नीतिगत प्राथमिकता के रूप में प्रमुखता से पेश कर रही है। आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।