30 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीएम स्वनिधि योजना ने बदली गाजियाबाद की बबीता शर्मा की जिंदगी, मोदी ने 'मन की बात' में की तारीफ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीएम स्वनिधि योजना ने बदली गाजियाबाद की बबीता शर्मा की जिंदगी, मोदी ने 'मन की बात' में की तारीफ

सारांश

कोविड के बाद अकेलेपन और गरीबी से जूझ रहीं गाजियाबाद की बबीता शर्मा ने पीएम स्वनिधि योजना के जरिए ₹10,000 से शुरुआत कर ₹50,000 तक का ऋण लिया और आत्मनिर्भर बनीं। पीएम मोदी ने 'मन की बात' में उनकी इस यात्रा को महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताया।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्त को 'मन की बात' में गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उल्लेख किया।
बबीता ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत पहले ₹10,000 , फिर ₹20,000 और बाद में ₹50,000 का ऋण लिया।
कोविड महामारी के दौरान पति के चले जाने के बाद बबीता ने अकेले अपनी दुकान खड़ी की और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाया।
बबीता के पास श्रम कार्ड , आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड — तीनों सरकारी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
गाजियाबाद डूडा अधिकारी प्रिया सारस्वत ने योजना के क्रमिक ऋण ढाँचे को बबीता की सफलता का आधार बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 30 अगस्त को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत महिला सशक्तिकरण की बात करते हुए गाजियाबाद की रहने वाली बबीता शर्मा का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह योजना एक साधारण महिला को आत्मनिर्भरता की राह पर ले जा सकती है।

कोविड के बाद अकेलेपन से उठकर आत्मनिर्भरता तक

बबीता शर्मा ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान उनके पति उन्हें छोड़कर चले गए, जिसके बाद वह पूरी तरह अकेली पड़ गईं। उस कठिन दौर में दो वक्त की रोटी जुटाना भी उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। उन्होंने कहा, 'मैं किसी के सामने पैसों को लेकर हाथ फैलाना नहीं चाहती थी।'

इसी संघर्ष के बीच किसी परिचित के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। उन्होंने पहले ₹10,000 का ऋण लिया, फिर ₹20,000 और बाद में ₹50,000 तक का कर्ज लेकर अपनी दुकान को मजबूती से खड़ा किया।

आज की स्थिति: दुकान भी, बच्चों की पढ़ाई भी

बबीता शर्मा ने बताया कि आज वह न केवल अपनी दुकान सफलतापूर्वक चला रही हैं, बल्कि अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च भी स्वयं उठा रही हैं। उन्होंने कहा, 'आज मैं लाचार नहीं हूं। मुझे केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।' उनके पास श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड — तीनों सरकारी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

अधिकारी की नजर से: योजना का क्रमिक लाभ

गाजियाबाद की डूडा अधिकारी प्रिया सारस्वत ने बताया कि बबीता शर्मा का सफर इस बात का उदाहरण है कि कैसे ₹10,000 के छोटे ऋण से शुरुआत कर एक लाभार्थी ₹50,000 तक की ऋण सीमा तक पहुँच सकती है और अपना व्यवसाय विस्तारित कर सकती है।

पीएम मोदी की प्रतिक्रिया और योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में बबीता शर्मा की कहानी को स्वनिधि योजना की सफलता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। यह योजना मुख्य रूप से रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसाय करने वाले लोगों को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराती है, जिससे वे अपनी आजीविका फिर से खड़ी कर सकें। बबीता शर्मा जैसे लाभार्थियों की सफलता की कहानियाँ इस योजना के ज़मीनी असर को रेखांकित करती हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार महिला-केंद्रित योजनाओं को अपनी नीतिगत प्राथमिकता के रूप में प्रमुखता से पेश कर रही है। आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि स्वनिधि योजना के लाखों लाभार्थियों में से कितने इस स्तर की आत्मनिर्भरता तक पहुँच पाए हैं। योजना की व्यापक सफलता का मूल्यांकन केवल चुनिंदा उदाहरणों से नहीं, बल्कि ऋण चुकौती दर, व्यवसाय की निरंतरता और महिला लाभार्थियों की औसत आय वृद्धि के आँकड़ों से होना चाहिए।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम स्वनिधि योजना क्या है?
पीएम स्वनिधि योजना केंद्र सरकार की एक माइक्रो-क्रेडिट योजना है, जो रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसायियों को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराती है। इसके तहत पहले ₹10,000, फिर ₹20,000 और उसके बाद ₹50,000 तक का ऋण मिल सकता है।
गाजियाबाद की बबीता शर्मा कौन हैं और उनकी कहानी क्यों चर्चा में है?
बबीता शर्मा गाजियाबाद की एक महिला उद्यमी हैं, जिन्होंने कोविड काल में पति के चले जाने के बाद पीएम स्वनिधि योजना का सहारा लेकर अपनी दुकान खड़ी की। प्रधानमंत्री मोदी ने 30 अगस्त को 'मन की बात' में उनका उल्लेख करते हुए उन्हें महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताया।
बबीता शर्मा ने योजना से कितना ऋण लिया?
बबीता शर्मा ने पहले ₹10,000, फिर ₹20,000 और उसके बाद ₹50,000 का ऋण लिया। इस क्रमिक ऋण से उन्होंने अपनी दुकान का विस्तार किया और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में सक्षम हुईं।
क्या पीएम स्वनिधि योजना का लाभ सभी महिलाओं को मिल सकता है?
यह योजना मुख्यतः रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए है। पात्र लाभार्थी स्थानीय नगर निकाय या डूडा कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
'मन की बात' में पीएम मोदी ने स्वनिधि योजना का जिक्र क्यों किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने 30 अगस्त के 'मन की बात' में महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में स्वनिधि योजना की सफलता को रेखांकित करने के लिए बबीता शर्मा की कहानी साझा की। यह योजना के ज़मीनी असर को आम नागरिकों तक पहुँचाने का प्रयास था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 10 घंटे पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले