यूनिसेफ कन्क्लेव में राज्यपाल संतोष गंगवार का आह्वान: बाल पत्रकार सामाजिक कुरीतियों पर निडर होकर उठाएँ सवाल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 27 अक्टूबर 2026 को रांची में यूनिसेफ द्वारा आयोजित 'वॉइसेज ऑफ चेंज कन्क्लेव 2026' में बाल पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों में सवाल पूछने की आदत और अपने विचार खुलकर रखने का साहस तभी समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने यूनिसेफ द्वारा प्रशिक्षित इन बाल पत्रकारों से सामाजिक समस्याओं और विषमताओं के समाधान के लिए निर्भीक होकर पहल करने का आग्रह किया।
कन्क्लेव का उद्देश्य और संदर्भ
यूनिसेफ द्वारा आयोजित इस कन्क्लेव में राज्यपाल गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि बच्चों की बुलंद आवाज़ उन असंख्य बच्चों की पीड़ा को शासन और समाज के समक्ष रख सकती है, जिन्हें अपनी बात कहने का मंच या अवसर नहीं मिल पाता। यह ऐसे समय में आया है जब बाल अधिकारों के क्षेत्र में नागरिक समाज की भूमिका को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज़ हो रही है।
सामाजिक चुनौतियाँ जिन पर राज्यपाल ने जताई चिंता
राज्यपाल गंगवार ने बाल विवाह, बाल श्रम, कुपोषण, शिक्षा से वंचना, बच्चों के विरुद्ध हिंसा और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों जैसी गंभीर समस्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन समस्याओं के उन्मूलन के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं — सामाजिक सोच और व्यवहारिक दृष्टिकोण में भी आमूल परिवर्तन आवश्यक है। गौरतलब है कि झारखंड देश के उन राज्यों में शामिल है जहाँ बाल विवाह और कुपोषण के आँकड़े राष्ट्रीय औसत से अधिक रहे हैं।
बाल पत्रकारों को विशेष निर्देश
राज्यपाल ने बाल पत्रकारों को हिदायत दी कि किसी भी खबर या जानकारी को साझा करने से पहले तथ्यों की सत्यता की पुष्टि अवश्य करें और संबंधित व्यक्तियों की गरिमा व संवेदनशीलता का सदैव ध्यान रखें। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बच्चों की आवाज़ सुनना जितना ज़रूरी है, उनकी समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान निकालना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है।
अभिभावकों और शिक्षकों से अपील
गंगवार ने अभिभावकों और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की जिज्ञासाओं को दबाने के बजाय उन्हें प्रश्न पूछने, अपनी राय व्यक्त करने और निर्णय-प्रक्रिया में भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सुविधाएँ, सुरक्षित परिवेश और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार, पुलिस-प्रशासन, शिक्षण संस्थाओं, परिवारों और पूरे नागरिक समाज को अपनी सामूहिक ज़िम्मेदारी निभानी होगी।
विकसित भारत 2047 और भावी पीढ़ी
राज्यपाल गंगवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहे 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए देश की भावी पीढ़ी को शिक्षित, स्वस्थ, हुनरमंद और आत्मविश्वासी बनाना पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बाल पत्रकारों को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर परिश्रम करने की प्रेरणा दी। आने वाले दिनों में यूनिसेफ के इस कार्यक्रम से प्रशिक्षित बाल पत्रकार अपने-अपने समुदायों में बदलाव के वाहक बनने की दिशा में कदम बढ़ाएँगे।