29 अक्टूबर 2026
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बालमुकुंद आचार्य की अपील: देश विरोधी बयान देने वाले फिल्मी कलाकारों का बहिष्कार करे जनता

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बालमुकुंद आचार्य की अपील: देश विरोधी बयान देने वाले फिल्मी कलाकारों का बहिष्कार करे जनता

सारांश

भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने देश विरोधी बयान देने वाले फिल्मी कलाकारों की फिल्मों और विज्ञापनों के बहिष्कार की अपील कर एक तीखी बहस छेड़ दी है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर पीएम मोदी के परिवार को लेकर कथित टिप्पणियों पर निशाना साधा और राजस्थान में कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार का बचाव किया।

मुख्य बातें

BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य ने 29 अक्टूबर 2026 को जयपुर में देश विरोधी बयान देने वाले फिल्मी कलाकारों के बहिष्कार की अपील की।
आचार्य ने जनता से ऐसे कलाकारों की फिल्में न देखने , उनके विज्ञापनों और उत्पादों का बहिष्कार करने को कहा।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेते हुए PM मोदी के परिवार पर कथित टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।
आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल के मामले में कहा — शिकायत की जाँच नियमानुसार होगी, गलत करने वाले को परिणाम भुगतने होंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार को जीरो टॉलरेंस की सरकार बताया; पूर्व CM अशोक गहलोत की कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं को खारिज किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक बालमुकुंद आचार्य ने 29 अक्टूबर 2026 को जयपुर में देश विरोधी बयान देने वाले फिल्मी कलाकारों के सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार की अपील की। उन्होंने कहा कि जो कलाकार देश के खिलाफ बोलते हैं और माहौल बिगाड़ने का काम करते हैं, उनकी फिल्मों, विज्ञापनों तथा उनके जरिए प्रचारित उत्पादों का बहिष्कार होना चाहिए। इसी बयान में उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।

कलाकारों के बहिष्कार की अपील

आचार्य ने कहा कि देश में रहकर जनता का समर्थन और सम्मान पाने वाले कलाकारों की यह जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को प्रेरित करें और देश के विकास में योगदान दें। उनके अनुसार, जो कलाकार देश विरोधी ताकतों के साथ खड़े होते हैं या अराजकता फैलाने वाले बयान देते हैं, उन्हें न तो दर्शकों का समर्थन मिलना चाहिए और न ही उन्हें उन मंचों पर सम्मानित किया जाना चाहिए जहाँ देश उन्हें प्रतिष्ठा प्रदान करता है।

उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे कलाकारों की फिल्में न देखें, उनके विज्ञापनों को नज़रअंदाज़ करें और उनके द्वारा प्रचारित सामान का बहिष्कार करें। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में बॉयकॉट बॉलीवुड जैसी माँगें सोशल मीडिया पर समय-समय पर उठती रही हैं।

कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना

भाजपा विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेते हुए कांग्रेस पर कड़ी आलोचना की। आचार्य ने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को गुजरात मॉडल और विकास के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के रूप में चुना है, और प्रधानमंत्री के परिवार के संबंध में कथित अपमानजनक टिप्पणियाँ स्वीकार्य नहीं हैं।

उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वह आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर अपने प्रदर्शन की समीक्षा करे। उनके अनुसार, लगातार चुनावी हार के कारणों पर विचार करने के बजाय आरोप लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। आचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों का विरोध किया और राम भक्तों, सनातन परंपरा तथा राम सेतु से जुड़े मामलों में विरोधी रुख अपनाया।

चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर आलोचना

आचार्य ने चुनाव आयोग (ECI) जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लेकर भी कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि चुनावी संस्थाएँ सभी दलों के चुनाव कराती हैं और कांग्रेस भी कई जगह जीत हासिल कर चुकी है। उनके अनुसार, कांग्रेस को सदन में मुद्दे उठाने चाहिए, न कि संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाने चाहिए।

आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल और कानून-व्यवस्था पर बयान

आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर आचार्य ने कहा कि किसी भी शिकायत की जाँच संबंधित विभाग और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी, और गलत करने वाले को परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने राजस्थान की भाजपा सरकार को जीरो टॉलरेंस की सरकार बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में शिकायतों के आधार पर अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

भाजपा विधायक के घर चोरी की घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जयपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर जताई गई चिंता के जवाब में आचार्य ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान सरकार ने चोरों, उठाईगीरों और माफिया पर लगाम लगाई है। उन्होंने भरोसा जताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार आगे भी आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका कोई ठोस विधायी या नीतिगत आधार नहीं बना है। असली सवाल यह है कि किसी कलाकार का बयान 'देश विरोधी' है या 'असहमति की अभिव्यक्ति', इसकी परिभाषा कौन तय करेगा — जनता, अदालत या सत्ताधारी दल? एक लोकतंत्र में सांस्कृतिक बहिष्कार की अपील और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच की रेखा महीन होती है, और मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तनाव को अनदेखा कर देती है। आचार्य का बयान राजस्थान की चुनावी राजनीति के संदर्भ में भी पढ़ा जाना चाहिए, जहाँ भाजपा सरकार लगातार राष्ट्रवादी एजेंडे को मज़बूत करने की कोशिश में है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बालमुकुंद आचार्य कौन हैं और उन्होंने क्या अपील की?
बालमुकुंद आचार्य राजस्थान से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक हैं। उन्होंने 29 अक्टूबर 2026 को जयपुर में देश विरोधी बयान देने वाले फिल्मी कलाकारों की फिल्मों, विज्ञापनों और उनके द्वारा प्रचारित उत्पादों के बहिष्कार की जनता से अपील की।
आचार्य ने किन कलाकारों का नाम लिया?
आचार्य ने अपने बयान में किसी विशेष फिल्मी कलाकार का नाम नहीं लिया। उन्होंने सामान्य तौर पर उन कलाकारों की बात की जो देश विरोधी ताकतों के साथ खड़े होते हैं या अराजकता फैलाने वाले बयान देते हैं।
आचार्य ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
आचार्य ने PM मोदी के परिवार के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेते हुए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों का विरोध किया और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर अनावश्यक सवाल उठाए।
आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल के मामले में आचार्य ने क्या कहा?
आचार्य ने कहा कि शिखर अग्रवाल के खिलाफ किसी भी शिकायत की जाँच संबंधित विभाग और कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत करने वाले को परिणाम भुगतने होंगे और राजस्थान की भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है।
राजस्थान में कानून-व्यवस्था पर आचार्य का क्या रुख है?
आचार्य ने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने चोरों, उठाईगीरों और माफिया पर प्रभावी लगाम लगाई है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बढ़ते अपराध संबंधी चिंताओं को खारिज करते हुए कांग्रेस शासनकाल में अपराध के आँकड़ों का हवाला दिया।
राष्ट्र प्रेस
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