बलूचिस्तान में इंटरनेट-बैंकिंग बंद: नुश्की में 31 अगस्त तक वित्तीय सेवाएं ठप, आमजन बेहाल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा खतरों की आशंका के चलते अधिकारियों ने 11 अगस्त 2026 को लगातार दूसरे दिन भी मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद रखीं। गृह एवं जनजातीय मामलों के विभाग के सूत्रों के अनुसार, नुश्की जिले में 5 अगस्त से सभी व्यावसायिक और वित्तीय सेवाएं भी निलंबित हैं और यह बंदी 31 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है।
संचार और वित्तीय सेवाओं की स्थिति
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क आंशिक रूप से बहाल किया गया है, लेकिन बलूचिस्तान के कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अब भी पूरी तरह बंद हैं। बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि 7 अगस्त से 30 अगस्त तक इंटरनेट सेवाएं जानबूझकर बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
वित्तीय संस्थानों के बिना पूर्व सूचना बंद होने से स्थानीय व्यापार और कारोबारी गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सरकारी कर्मचारी और सेवानिवृत्त लोग अपनी मासिक तनख्वाह नहीं निकाल पा रहे, जिससे राशन और दवाइयाँ खरीदने में भी दिक्कत हो रही है। छात्र अपनी फीस और रहने के खर्चों का भुगतान करने में असमर्थ हैं।
आमजन पर असर
दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने संचार एवं वित्तीय सेवाओं के एक साथ ठप होने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों और बैंकिंग संस्थानों से सेवाएं जल्द बहाल करने की माँग की है, ताकि सामान्य जनजीवन पटरी पर लौट सके। नुश्की जिले में यह स्थिति विशेष रूप से गंभीर बताई जा रही है, जहाँ आम लोगों के लिए बुनियादी डिजिटल और बैंकिंग सुविधाएं पूरी तरह अनुपलब्ध हो गई हैं।
बलूचिस्तान स्वतंत्रता दिवस और राजनीतिक पृष्ठभूमि
11 अगस्त को बलूचिस्तान ने अपना 79वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया — एक वार्षिक परंपरा, जिसे कई बलूच मानवाधिकार संगठन पाकिस्तान की ओर से क्षेत्र के कथित 'अवैध कब्जे' के विरोध के प्रतीक के रूप में देखते हैं। पिछले सप्ताह मीर यार बलूच ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तानी सेना इन कार्यक्रमों और सार्वजनिक सभाओं को बाधित करने के प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि बलूच स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक जड़ें 1947 तक जाती हैं, जब ब्रिटिश भारत के विभाजन के बाद कलात रियासत ने कुछ समय के लिए खुद को स्वतंत्र घोषित किया था। 1948 में पाकिस्तान ने इस क्षेत्र का विलय कर लिया, जिसका बलूच राष्ट्रवादी समूह तब से लगातार विरोध करते रहे हैं।
मीर यार बलूच का पक्ष
एक्स पर अपनी पोस्ट में मीर यार बलूच ने कहा, 'बलूचिस्तान गणराज्य बलूच लोगों को उग्रवादी या अलगाववादी बताने की कोशिशों को खारिज करता है। बलूच स्वतंत्रता सेनानी बलूचिस्तान की रक्षा, सुरक्षा और सैन्य ताकत का हिस्सा हैं और उन्हें छह करोड़ बलूच लोगों का समर्थन प्राप्त है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती और हवाई शक्ति के इस्तेमाल के बावजूद पाकिस्तान बलूचिस्तान में अपनी मौजूदगी अनिश्चित काल तक बनाए नहीं रख सकता।
उन्होंने आगे कहा, 'ये बल किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं लड़ रहे और न ही अशांति या हिंसा फैलाने के लिए काम कर रहे हैं। वे अपना राष्ट्रीय कर्तव्य निभा रहे हैं, जिसमें शांति और सुरक्षा बनाए रखना तथा एक समृद्ध बलूचिस्तान की नींव रखना शामिल है।' यह ध्यान देने योग्य है कि ये दावे मीर यार बलूच के अपने हैं और पाकिस्तान सरकार इनसे असहमत है।
आगे क्या होगा
वित्तीय सेवाओं की बंदी 31 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है, जबकि इंटरनेट सेवाओं की बहाली की कोई निश्चित तिथि अभी तक घोषित नहीं की गई है। प्रांत में धारा 144 जैसे प्रतिबंध भी लागू बताए जा रहे हैं। स्थिति पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि यह संचार और आर्थिक व्यवधान बलूचिस्तान के आम नागरिकों की दैनिक ज़िंदगी को गहराई से प्रभावित कर रहा है।