23 अक्टूबर 2026
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बारामूला में कुख्यात ड्रग तस्कर गिरफ्तार, PIT-NDPS के तहत कोट भलवाल जेल भेजा

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बारामूला में कुख्यात ड्रग तस्कर गिरफ्तार, PIT-NDPS के तहत कोट भलवाल जेल भेजा

सारांश

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बारामूला के कुख्यात ड्रग तस्कर मुजमिल मजीद भट को PIT-NDPS अधिनियम के तहत हिरासत में लेकर कोट भलवाल जेल भेजा। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर बहु-स्तरीय प्रहार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें संपत्ति कुर्की से लेकर पासपोर्ट रद्दीकरण तक शामिल है।

मुख्य बातें

बारामूला पुलिस ने 23 अक्टूबर 2026 को पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुख्यात ड्रग तस्कर को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मुजमिल मजीद भट उर्फ हाशिम , निवासी मोहल्ला मीर साहिब, बारामूला के रूप में हुई।
आरोपी के खिलाफ पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं; उसे कोट भलवाल केंद्रीय जेल, जम्मू भेजा गया।
कार्रवाई में पासपोर्ट जब्ती, आधार निष्क्रियकरण, संपत्ति कुर्की और लुकआउट सर्कुलर जैसे बहु-स्तरीय उपाय शामिल हैं।
यह कार्रवाई जिले में नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के निरंतर अभियान का हिस्सा है।

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले की पुलिस ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मादक पदार्थ तस्करी निरोधक कानून पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक कुख्यात ड्रग तस्कर को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिले में नशीले पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान

हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान मुजमिल मजीद भट उर्फ हाशिम के रूप में हुई है, जो अब्दुल मजीद भट के पुत्र हैं और बारामूला के मोहल्ला मीर साहिब के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं। अदालत द्वारा वारंट जारी होने के बाद विधिवत प्रक्रिया के तहत उन्हें हिरासत में लेकर जम्मू के कोट भलवाल केंद्रीय जेल में रखा गया है।

कानूनी ढाँचा और निवारक हिरासत

जम्मू-कश्मीर में पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम, 1988 की धारा 3 के अंतर्गत कश्मीर या जम्मू के संभागीय आयुक्त जैसे अधिकृत अधिकारी निवारक हिरासत आदेश जारी कर सकते हैं। यह प्रावधान उन तस्करों के लिए उपयोग किया जाता है जिनकी दवाओं की तस्करी में पुनरावृत्ति की आशंका हो।

गौरतलब है कि इस कानूनी ढाँचे में केवल जेल नहीं, बल्कि अनेक संपार्श्विक दंडात्मक उपाय भी शामिल हैं — जैसे पासपोर्ट अधिनियम की धाराओं के तहत पासपोर्ट जब्ती या रद्दीकरण, मोटर वाहन अधिनियम के तहत ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करना और यूआईडीएआई के माध्यम से आधार कार्ड का निष्क्रियकरण।

प्रशासनिक और संपत्ति संबंधी कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि नशीले पदार्थों के नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ संबंधित जिला मजिस्ट्रेट द्वारा हथियार लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। पंजीकरण विभाग द्वारा ठेकेदार लाइसेंस रद्द करना, संपदा निदेशक द्वारा सरकारी आवास खाली करवाना तथा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों और बुनियादी ढाँचे की कुर्की या जब्ती भी संभव है।

इसके अतिरिक्त, आईजीपी सुरक्षा द्वारा पुलिस सुरक्षा वापस लेना और आव्रजन ब्यूरो के माध्यम से लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करना भी इस बहु-स्तरीय प्रवर्तन तंत्र का हिस्सा है।

नशा-विरोधी अभियान का व्यापक संदर्भ

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चला रही है। बारामूला जिला सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण तस्करी के लिहाज़ से संवेदनशील माना जाता है। यह Nवीं ऐसी गिरफ्तारी है जो दर्शाती है कि प्रशासन केवल कानूनी हिरासत तक सीमित नहीं, बल्कि आरोपी की सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रहार कर रहा है। आने वाले हफ्तों में पुलिस की इस मुहिम के तहत और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पुलिस द्वारा बताया गया बहु-स्तरीय दंडात्मक ढाँचा — पासपोर्ट, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, संपत्ति और यहाँ तक कि सरकारी आवास तक — संकेत देता है कि प्रशासन 'सिर्फ जेल भेजो' की नीति से आगे बढ़ रहा है। असली सवाल यह है कि क्या ये उपाय केवल कागज़ पर हैं या इन्हें ज़मीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है, क्योंकि बारामूला जैसे सीमावर्ती ज़िलों में तस्करी नेटवर्क की जड़ें गहरी हैं। जब तक इन कार्रवाइयों का सत्यापन-योग्य डेटा सार्वजनिक नहीं होता, इनकी वास्तविक प्रभावशीलता का आकलन कठिन रहेगा।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम क्या है और इसके तहत हिरासत कैसे होती है?
पीआईटी-एनडीपीएस (मादक पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988) एक निवारक हिरासत कानून है जो बार-बार नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले आरोपियों को बिना मुकदमे के हिरासत में रखने की अनुमति देता है। इस अधिनियम की धारा 3 के तहत संभागीय आयुक्त जैसे अधिकृत अधिकारी यह आदेश जारी करते हैं।
मुजमिल मजीद भट को क्यों गिरफ्तार किया गया?
बारामूला पुलिस के अनुसार मुजमिल मजीद भट उर्फ हाशिम के खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी कई एफआईआर पहले से दर्ज थीं। अदालत का वारंट जारी होने के बाद पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत उसे विधिवत हिरासत में लेकर कोट भलवाल केंद्रीय जेल भेजा गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ड्रग तस्करों के खिलाफ कौन-कौन से कदम उठाती है?
पुलिस केवल जेल तक सीमित नहीं रहती — इसमें पासपोर्ट जब्ती, ड्राइविंग लाइसेंस रद्दीकरण, आधार निष्क्रियकरण, हथियार लाइसेंस रद्दीकरण, संपत्ति कुर्की और लुकआउट सर्कुलर जारी करना शामिल है। ये बहु-स्तरीय उपाय तस्करों की सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को भी बाधित करने के लिए बनाए गए हैं।
बारामूला में ड्रग तस्करी इतनी बड़ी समस्या क्यों है?
बारामूला जम्मू-कश्मीर का एक सीमावर्ती जिला है, जो भौगोलिक रूप से तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है। पुलिस के अनुसार नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करना और मादक द्रव्यों के सेवन पर अंकुश लगाना उनका निरंतर प्राथमिकता वाला लक्ष्य है।
इस गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
मुजमिल मजीद भट को फिलहाल कोट भलवाल केंद्रीय जेल में रखा गया है। पीआईटी-एनडीपीएस के तहत हिरासत अवधि के साथ-साथ उसकी संपत्तियों और लाइसेंसों पर भी विभिन्न विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने संकेत दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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