30 जून 2026
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बारामूला में PDP का विरोध प्रदर्शन: 25,000 बैकडोर नियुक्तियों का आरोप, कई नेता हाउस अरेस्ट

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बारामूला में PDP का विरोध प्रदर्शन: 25,000 बैकडोर नियुक्तियों का आरोप, कई नेता हाउस अरेस्ट

सारांश

बारामूला में PDP कार्यकर्ताओं ने NC सरकार पर 25,000 बैकडोर नियुक्तियों का आरोप लगाते हुए जिलेभर में प्रदर्शन किया। पुलिस ने कई वरिष्ठ नेताओं को हाउस अरेस्ट किया। महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर कार्यकर्ताओं की हिम्मत की सराहना की और JKPSC को दरकिनार करने पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

PDP ने 30 जून 2025 को बारामूला समेत कई जिला मुख्यालयों पर NC सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
पार्टी ने लगभग 25,000 नौकरियों की आउटसोर्सिंग और बैकडोर नियुक्तियों का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्षों सहित कई वरिष्ठ PDP नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया।
PDP की माँग है कि नियुक्तियाँ निजी एजेंसियों के बजाय JKPSC के माध्यम से की जाएँ।
महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर पोस्ट कर कार्यकर्ताओं का समर्थन किया और हाउस अरेस्ट को सरकार की 'गलती की स्वीकृति' बताया।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के युवा कार्यकर्ताओं ने 30 जून 2025 को जम्मू-कश्मीर के बारामूला समेत कई जिला मुख्यालयों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर लगभग 25,000 नौकरियों की आउटसोर्सिंग और बैकडोर नियुक्तियों का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने कई वरिष्ठ PDP नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया।

मुख्य घटनाक्रम

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व PDP के युवा नेता यासिर नाइक ने किया। उन्होंने बताया कि पार्टी ने प्रदेश के हर जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया था। इसके बावजूद जिलाध्यक्षों सहित कई वरिष्ठ नेताओं को प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर दिया, जिसे PDP ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।

नाइक ने कहा, 'हमने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन बुलाया था — लोकतंत्र में यह हमारा मौलिक अधिकार है। लेकिन हमारे जिलाध्यक्ष को हाउस अरेस्ट कर लिया गया।'

बैकडोर नियुक्तियों का आरोप

PDP का मुख्य आरोप यह है कि NC सरकार ने जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (JKPSC) को दरकिनार कर निजी एजेंसियों के माध्यम से करोड़ों रुपये खर्च करके बंद कमरे में नियुक्तियाँ की हैं। नाइक ने सवाल उठाया, 'जब JKPSC मौजूद है तो निजी एजेंसियों का सहारा क्यों लिया जा रहा है? जिन युवाओं ने दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, उनका क्या होगा?'

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में बेरोज़गारी का मुद्दा राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है और विभिन्न दलों के युवा संगठन सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।

महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया

PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने लिखा, 'मैं सभी PDP कार्यकर्ताओं और खासकर हमारी यूथ विंग का दिल से शुक्रिया अदा करती हूँ, जिन्होंने पुलिस की सख्ती, हिरासत और नजरबंदी के बावजूद NC सरकार की बैकडोर नियुक्तियों के खिलाफ हिम्मत से आवाज़ उठाई।'

मुफ्ती ने कहा, 'सत्ता के सामने सच बोलना कभी आसान नहीं होता, लेकिन आपके दृढ़ संकल्प ने यह साबित कर दिया कि किसी भी धमकी से न्याय की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाउस अरेस्ट की कार्रवाई ने खुद यह साबित कर दिया कि सरकार गलत है।

आम जनता और युवाओं पर असर

PDP का कहना है कि इस विवाद का सबसे बड़ा खामियाजा वे युवा भुगत रहे हैं जिन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी में वर्षों और परिवार का पैसा लगाया है। यदि JKPSC प्रक्रिया को नजरअंदाज कर निजी एजेंसियों के ज़रिये नियुक्तियाँ होती हैं, तो उन अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चित हो जाता है जो पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भर हैं।

क्या होगा आगे

PDP ने संकेत दिया है कि यदि NC सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं लाई और JKPSC के माध्यम से भर्ती सुनिश्चित नहीं की, तो विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहेगा। नाइक ने स्पष्ट किया, 'हम नौजवानों की आवाज़ उठाते रहेंगे और रोज़गार की बात करते रहेंगे।' NC सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर सत्तारूढ़ दल पर विपक्ष यही आरोप लगाता रहा है। PDP के आरोप गंभीर हैं, लेकिन अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं — 25,000 का आँकड़ा पार्टी का दावा है, सरकारी रिकॉर्ड नहीं। असली चिंता यह है कि हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई शांतिपूर्ण विरोध को दबाने का संकेत देती है, जो लोकतांत्रिक मानदंडों के लिहाज़ से चिंताजनक है। NC सरकार की चुप्पी इन सवालों को और गहरा करती है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारामूला में PDP का विरोध प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
PDP ने NC सरकार पर JKPSC को दरकिनार कर निजी एजेंसियों के ज़रिये लगभग 25,000 बैकडोर नियुक्तियाँ करने का आरोप लगाया। पार्टी की माँग है कि सभी भर्तियाँ पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से की जाएँ।
PDP के कितने नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया?
यासिर नाइक के अनुसार, बारामूला के जिलाध्यक्ष समेत कई अन्य जिलों के वरिष्ठ PDP नेताओं को भी हाउस अरेस्ट किया गया। सटीक संख्या की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
महबूबा मुफ्ती ने इस विरोध प्रदर्शन पर क्या कहा?
PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर पोस्ट कर कार्यकर्ताओं की सराहना की और कहा कि हाउस अरेस्ट ने खुद साबित कर दिया कि सरकार गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता के सामने सच बोलना कभी आसान नहीं होता।
JKPSC क्या है और इसकी भूमिका क्यों अहम है?
जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (JKPSC) राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षाएँ आयोजित करने वाली संवैधानिक संस्था है। PDP का तर्क है कि इसे नजरअंदाज कर निजी एजेंसियों से भर्ती करना उन युवाओं के साथ अन्याय है जिन्होंने वर्षों परीक्षा की तैयारी की।
आगे PDP क्या कदम उठाएगी?
PDP नेता यासिर नाइक ने स्पष्ट किया है कि यदि NC सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं लाई, तो विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहेगा। पार्टी ने संकेत दिया है कि वह युवाओं के रोज़गार के अधिकार के लिए आवाज़ उठाती रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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