बारामूला में PDP का विरोध प्रदर्शन: 25,000 बैकडोर नियुक्तियों का आरोप, कई नेता हाउस अरेस्ट
सारांश
मुख्य बातें
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के युवा कार्यकर्ताओं ने 30 जून 2025 को जम्मू-कश्मीर के बारामूला समेत कई जिला मुख्यालयों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर लगभग 25,000 नौकरियों की आउटसोर्सिंग और बैकडोर नियुक्तियों का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने कई वरिष्ठ PDP नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व PDP के युवा नेता यासिर नाइक ने किया। उन्होंने बताया कि पार्टी ने प्रदेश के हर जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया था। इसके बावजूद जिलाध्यक्षों सहित कई वरिष्ठ नेताओं को प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर दिया, जिसे PDP ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
नाइक ने कहा, 'हमने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन बुलाया था — लोकतंत्र में यह हमारा मौलिक अधिकार है। लेकिन हमारे जिलाध्यक्ष को हाउस अरेस्ट कर लिया गया।'
बैकडोर नियुक्तियों का आरोप
PDP का मुख्य आरोप यह है कि NC सरकार ने जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (JKPSC) को दरकिनार कर निजी एजेंसियों के माध्यम से करोड़ों रुपये खर्च करके बंद कमरे में नियुक्तियाँ की हैं। नाइक ने सवाल उठाया, 'जब JKPSC मौजूद है तो निजी एजेंसियों का सहारा क्यों लिया जा रहा है? जिन युवाओं ने दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, उनका क्या होगा?'
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में बेरोज़गारी का मुद्दा राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है और विभिन्न दलों के युवा संगठन सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।
महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया
PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने लिखा, 'मैं सभी PDP कार्यकर्ताओं और खासकर हमारी यूथ विंग का दिल से शुक्रिया अदा करती हूँ, जिन्होंने पुलिस की सख्ती, हिरासत और नजरबंदी के बावजूद NC सरकार की बैकडोर नियुक्तियों के खिलाफ हिम्मत से आवाज़ उठाई।'
मुफ्ती ने कहा, 'सत्ता के सामने सच बोलना कभी आसान नहीं होता, लेकिन आपके दृढ़ संकल्प ने यह साबित कर दिया कि किसी भी धमकी से न्याय की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाउस अरेस्ट की कार्रवाई ने खुद यह साबित कर दिया कि सरकार गलत है।
आम जनता और युवाओं पर असर
PDP का कहना है कि इस विवाद का सबसे बड़ा खामियाजा वे युवा भुगत रहे हैं जिन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी में वर्षों और परिवार का पैसा लगाया है। यदि JKPSC प्रक्रिया को नजरअंदाज कर निजी एजेंसियों के ज़रिये नियुक्तियाँ होती हैं, तो उन अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चित हो जाता है जो पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भर हैं।
क्या होगा आगे
PDP ने संकेत दिया है कि यदि NC सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं लाई और JKPSC के माध्यम से भर्ती सुनिश्चित नहीं की, तो विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहेगा। नाइक ने स्पष्ट किया, 'हम नौजवानों की आवाज़ उठाते रहेंगे और रोज़गार की बात करते रहेंगे।' NC सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।