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बंगाल में भाजपा को मिलेगी दो-तिहाई बहुमत, टीएमसी के गुंडों को संविधान की शक्ति दिखानी होगी: सुकांता मजूमदार

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बंगाल में भाजपा को मिलेगी दो-तिहाई बहुमत, टीएमसी के गुंडों को संविधान की शक्ति दिखानी होगी: सुकांता मजूमदार

सारांश

केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार का दावा है कि भाजपा बंगाल में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त कर सकती है। उन्होंने टीएमसी पर कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर तीखा हमला किया है। क्या बंगाल की राजनीतिक स्थिति में बदलाव आने वाला है?

मुख्य बातें

भाजपा का दो-तिहाई बहुमत का दावा टीएमसी पर कानून-व्यवस्था का आरोप सुप्रीम कोर्ट का ध्रुवीकरण पर बयान एसआईआर का विवाद बंगाल में चिकित्सा सुविधाओं का महत्व

कूच बिहार, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा कि भाजपा बंगाल में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करेगी। इस दौरान, उन्होंने टीएमसी पर कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर तीखा प्रहार किया।

सुकांता मजूमदार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मुझे विश्वास है कि इस बार भाजपा दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी। बंगाल की जनता ने तय कर लिया है कि इस चुनाव में नरेंद्र मोदी की सरकार, यानी डबल इंजन वाली सरकार बंगाल में बनेगी।"

उन्होंने पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, "चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से चुनाव कराता है। बंगाल की टीएमसी स्वतंत्र प्रशासन की आदी नहीं है। यहां तक कि बंगाल की जनता को भी इसका अनुभव नहीं है। अगर टीएमसी के पास चुनाव आयोग के खिलाफ कोई ठोस सबूत या जानकारी होती तो सुप्रीम कोर्ट टीएमसी के पक्ष में फैसला सुनाता। आज सुप्रीम कोर्ट क्या कह रहा है? सुप्रीम कोर्ट ने हमारे राज्य सरकार के प्रतिनिधि किशोर बाबू से कहा कि आपका राज्य सबसे अधिक ध्रुवीकृत राज्य है।"

मजूमदार ने ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर का विरोध करने पर कहा, "5 राज्यों में एसआईआर (न्यायिक अधिकारी संशोधन) हुए। कहीं भी कुछ गड़बड़ नहीं हुई। केरल और तमिलनाडु में एसआईआर हो रहा है। बंगाल की तरह कोई भाजपा शासित राज्य नहीं है। यहां कुछ भी गलत नहीं हो रहा है। एसआईआर, उसी नियम के अनुसार, 5 राज्यों में हो रहा है। समस्या केवल एक राज्य में हो रही है, तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठता है, क्या समस्या एसआईआर में हो रही है या समस्या राज्य में हो रही है?"

उन्होंने कहा, "बंगाल में न्यायिक अधिकारी को बंधक बनाया गया है। चुनाव आयोग ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी है, सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में बहुत सख्त है। इसलिए, भारत के संविधान की शक्ति बंगाल के टीएमसी गुंडों को दिखानी होगी और वह दिखाई दे रही है।"

उन्होंने कहा, "बंगाल में, बांग्लादेश की तुलना में चिकित्सा सुविधाएं बेहतर होने के कारण, गर्भावस्था के दौरान कई महिलाएं यहां आती थीं और उनके बच्चे का जन्म यहां के अस्पताल में होता था। जन्म प्रमाण पत्र जारी होने के कारण वे यहां की नागरिक बन जाते थे। यह सिलसिला वर्षों से चल रहा था, क्योंकि सीमा खुली हुई थी। सीमा पर कोई बाड़ नहीं थी। इसे रोकने के लिए पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया था। लोकसभा चुनाव में कूच बिहार में एक लाख वोटरों के नाम जोड़े गए, जिससे भाजपा उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। बॉर्डर से सटे क्षेत्र में सिर्फ मुस्लिम आबादी है, हिंदू पलायन कर चुके हैं। मुझे लगता है कि बंगाल 1946 या उससे पहले की स्थिति में वापस जा रहा है। नए जिन्ना आ रहे हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे टीएमसी को चुनौती मिलने की संभावना है। यह स्थिति बंगाल की राजनीतिक परिदृश्य में एक नया मोड़ ला सकती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा कितने सीटों पर जीतने का दावा कर रही है?
भाजपा का दावा है कि वह बंगाल में दो-तिहाई बहुमत हासिल करेगी।
टीएमसी पर सुकांता मजूमदार ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने टीएमसी पर कानून-व्यवस्था में विफलता और चुनाव आयोग के खिलाफ किसी ठोस सबूत की कमी का आरोप लगाया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बंगाल सबसे अधिक ध्रुवीकृत राज्य है।
एसआईआर का क्या मामला है?
एसआईआर (न्यायिक अधिकारी संशोधन) पांच राज्यों में हुआ है, जिसमें बंगाल की स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।
बंगाल में चिकित्सा सुविधाएं कैसी हैं?
मजूमदार का कहना है कि बंगाल में बांग्लादेश की तुलना में चिकित्सा सुविधाएं बेहतर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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